//php print_r(get_the_ID()); ?>
| Title | Subject | Paper |
|---|---|---|
| संक्षेप में समाचार | ||
| आयरन इन्फ्यूजन | Health, | GS Paper 3, |
| भारत में बाल तस्करी | Polity and governance , | GS Paper 2, |
| बोर्ड ऑफ पीस फॉर गाजा | international Relation, | GS Paper 2, |
| सर्वोच्च न्यायालय ने स्पीकर के जाँच पैनल की स्थिति को बरकरार रखा | Polity and governance , | GS Paper 2, |
| राष्ट्रीय क्षेत्राधिकार से परे जैव विविधता (BBNJ) समझौता लागू हुआ | Environment and Ecology, | GS Paper 3, |
| संशोधित एकीकृत लोकपाल योजना | economy, | GS Paper 3, |
| इंडियाफोंटे बिजॉयी | Environment and Ecology, | GS Paper 3, |
| भारत की खनिज कूटनीति | economy, | GS Paper 3, |
पूरे भारत में गर्भावस्था के दौरान गंभीर एनीमिया के बढ़ने के साथ, कई राज्य एकल-खुराक अंतःशिरा (IV) आयरन थेरेपी अपना रहे हैं, क्योंकि एनीमिया का ‘समय-पूर्व प्रसव’ और कम जन्म-भार वाले शिशुओं से गहरा संबंध है।
हाल ही में के. पी. किरण कुमार बनाम राज्य मामले में, सर्वोच्च न्यायालय ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए, यह मानते हुए कि तस्करी संविधान के तहत बच्चों के जीवन के मौलिक अधिकार का घोर उल्लंघन है।
समस्या की गंभीरता
|
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस फॉर गाजा’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
‘बोर्ड ऑफ पीस फॉर गाजा’ में भारत को आमंत्रण उसे एक कूटनीतिक बिंदु पर खड़ा करता है। जहाँ सहभागिता प्रभाव और लचीलापन प्रदान कर सकती है, वहीं बिना आलोचनात्मक दृष्टि के भागीदारी यूएन-आधारित व्यवस्था को कमजोर कर सकती है; इसलिए बहुपक्षीय सिद्धांतों की रक्षा करते हुए कूटनीतिक रूप से संलग्न होने से संबंधित एक संतुलित दृष्टिकोण आवश्यक है।
सर्वोच्च न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया और लोकसभा अध्यक्ष द्वारा न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968 के तहत जाँच समिति गठित करने के निर्णय को बरकरार रखा।
राष्ट्रीय क्षेत्राधिकार से परे जैव विविधता (BBNJ) विधेयक 60 देशों द्वारा अनुमोदित किए जाने के बाद 17 जनवरी, 2026 को लागू हुआ (मोरक्को सितंबर 2025 में 60वाँ देश बना)।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक संशोधित एकीकृत लोकपाल योजना जारी की है, जो 1 जुलाई, 2026 से लागू होगी।
लोकपाल एक स्वतंत्र अधिकारी होता है, जो निष्पक्ष, कानूनी और उचित व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए संगठनों (सरकारी एजेंसियों, कंपनियों आदि) के विरुद्ध जनता की शिकायतों की जाँच और समाधान करता है तथा मध्यस्थता एवं निवारण के लिए एक तटस्थ तीसरे पक्ष के रूप में कार्य करता है।
शोधकर्ताओं ने लक्षद्वीप के कवरती लैगून से एक सूक्ष्म क्रस्टेशियन की खोज की है, जिसे अब औपचारिक रूप से एक नए वंश और एक नई प्रजाति के रूप में स्थापित किया गया है।

भारत ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वच्छ ऊर्जा की ओर परिवर्तन अत्यंत आवश्यक है, जो बड़े पैमाने पर महत्त्वपूर्ण खनिजों (CM) और दुर्लभ मृदा तत्त्वों (REE) की उपलब्धता तथा उपयोग पर निर्भर करता है।
भारत की खनिज कूटनीति अब आकस्मिक आयात से हटकर रणनीतिक संसाधन नियोजन की ओर अग्रसर है, जिसके लिए दोहरी रणनीति (घरेलू क्षमताओं का निर्माण करना और साथ ही तत्काल अंतरराष्ट्रीय पहुँच सुनिश्चित करना) अपनाई जा रही है। सफलता केवल हस्ताक्षरित समझौतों पर निर्भर नहीं होगी, बल्कि परिचालनशील खदानों, प्रसंस्करण क्षमता और सुदृढ़ मूल्य शृंखलाओं पर भी निर्भर करेगी।
To get PDF version, Please click on "Print PDF" button.
<div class="new-fform">
</div>
