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| Title | Subject | Paper |
|---|---|---|
| संक्षेप में समाचार | ||
| ईरान विरोध | international Relation, | GS Paper 2, |
| सरकार द्वारा लघु एवं मध्यम उद्यमों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए दो योजनाएँ प्रारंभ की गई | economy, | GS Paper 3, |
| इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) | Science and Technology, | GS Paper 3, |
| भूमि अधिग्रहण | Polity and governance , | GS Paper 2, |
| जलवायु-लचीली कृषि (CRA) | Environment and Ecology, | GS Paper 3, |
| द्वितीयक प्रदूषक | Environment and Ecology, | GS Paper 3, |
| भारत में शहरी अपशिष्ट संकट | Environment and Ecology,Polity and governance , | GS Paper 2,GS Paper 3, |
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध बल का प्रयोग करने की स्थिति में हस्तक्षेप की धमकी दी, जिससे देशव्यापी आर्थिक विरोध प्रदर्शनों के बीच तनाव में तेजी से वृद्धि हुई।
ईरान संकट आंतरिक आर्थिक संकट और बाहरी भू-राजनीतिक दबाव के अंतर्संबंध को दर्शाता है, जिसके क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक रणनीतिक हितों के लिए गंभीर परिणाम उत्पन्न हो सकते हैं।
वाणिज्य मंत्रालय ने निर्यात संवर्द्धन मिशन के अंतर्गत ‘प्रेषण-पूर्व एवं प्रेषण-पश्चात् निर्यात ऋण पर ब्याज सहायता’ तथा ‘निर्यात ऋण के लिए संपार्श्विक (कोलेटरल) सहायता’ नामक योजनाओं के शुभारंभ की घोषणा की है, ताकि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को व्यापार वित्त अधिक सुलभ एवं किफायती बनाया जा सके।
निर्यात संवर्द्धन मिशन
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केंद्र सरकार ने भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत आठ राज्यों में 22 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
50वीं ‘प्रगति’ बैठक के तहत उठाए गए सभी मुद्दों में से लगभग 35% भूमि अधिग्रहण से संबंधित हैं, जो परियोजना में विलंब का सबसे बड़ा कारण है।
जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन मौसम के पैटर्न को अधिक अप्रत्याशित बनाता है, मृदा की गुणवत्ता को हानि पहुँचाता है और जल संकट को बढ़ाता है, जलवायु-लचीली कृषि (CRA) पर्यावरणीय क्षति को सीमित करते हुए उत्पादकता को बनाए रखने के लिए एक प्रौद्योगिकी-संचालित दृष्टिकोण के रूप में उभर रही है।
हालिया विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली के वार्षिक PM2.5 प्रदूषण का कम-से-कम एक-तिहाई हिस्सा द्वितीयक एरोसोल का है, जो गंभीर स्मॉग की घटनाओं को समझाने में सहायक होता है।
COP30 (बेलेम, 2025) में आयोजित जलवायु वार्ता के केंद्र में अपशिष्ट और चक्रीयता को रखा गया था, जिसमें ‘नो ऑर्गेनिक वेस्ट (NOW)’ जैसी पहलों के माध्यम से मेथेन उत्सर्जन को कम करने पर जोर दिया गया था।

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