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| Title | Subject | Paper |
|---|---|---|
| संक्षेप में समाचार | ||
| अंटार्कटिक आर्किया में एक नए आनुवंशिक कोड की खोज | Science and Technology, | GS Paper 3, |
| बायोमैटेरियल | Science and Technology, | GS Paper 3, |
| हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात में परिवर्तन | social justice, | GS Paper 2, |
| ताज ट्रेपेजियम जोन | Polity and governance , | GS Paper 2, |
| भारतीय रेलवे का विद्युतीकरण | economy, | GS Paper 3, |
| राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला | Environment, | GS Paper 3, |
| राज्य वित्त पर प्रकाशन का दूसरा संस्करण (2023-24) | economy, | GS Paper 3, |
जर्नल साइंस में प्रकाशित एक अध्ययन ने आणविक जीवविज्ञान में एक बड़ी सफलता प्राप्त की है, जिसमें कुछ आर्किया (Archaea) में पहले से निहित एक अज्ञात आनुवंशिक कोड की उपस्थिति को प्रदर्शित किया गया है।
जैसे-जैसे उद्योग सतत् और निम्न-कार्बन उत्पादन प्रक्रियाओं की ओर बढ़ रहे हैं, बायोमैटेरियल्स मैटेरियल इंजीनियरिंग में एक प्रमुख क्षेत्र बनने की दिशा में अग्रसर हैं।
हरियाणा ने जन्म के समय लिंगानुपात में पिछले पाँच वर्षों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जो वर्ष 2025 में प्रति 1,000 लड़कों पर 923 लड़कियों तक पहुँच गया है।
निम्न लिंगानुपात वाले राज्य: हरियाणा (879), दिल्ली (868) और चंडीगढ़ (818) में पितृसत्तात्मक सोच के बने रहने के कारण सबसे कम लिंगानुपात दर्ज किया गया।
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) में पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन न करने के संबंध में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
भारतीय रेलवे नवंबर 2025 तक अपने ब्रॉड-गेज नेटवर्क के लगभग 99.2% हिस्से के विद्युतीकरण के साथ दुनिया का सबसे बड़ा विद्युतीकृत रेल नेटवर्क बन गया है।
गेज से तात्पर्य रेलवे ट्रैक की चौड़ाई और स्थिरता से है, जो उस ट्रैक पर संचालित रेल वाहनों के आकार और डिजाइन को प्रभावित करता है।
हाल ही में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने CSIR-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (National Physical Laboratory- NPL) में विश्व की दूसरी राष्ट्रीय पर्यावरण मानक प्रयोगशाला और सौर सेल अंशांकन के लिए पांचवीं राष्ट्रीय प्राथमिक मानक सुविधा का उद्घाटन किया।
हाल ही में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने राज्य वित्त पर अपने महत्त्वपूर्ण प्रकाशन का दूसरा संस्करण जारी किया है। इस रिपोर्ट का पहला संस्करण, ‘राज्य वित्त 2022-23′, सितंबर 2025 में जारी किया गया था।
CAG के दूसरे संस्करण में राज्यों के लिए राजकोषीय स्वायत्तता बढ़ाने, पूँजीगत व्यय को प्राथमिकता देने, सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने और ऋण स्थिरता मानदंडों का पालन करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया गया है। ये सुधार राजकोषीय संघवाद को मजबूत करेंगे, व्यापक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करेंगे और पूरे भारत में समान तथा सतत् विकास को बढ़ावा देंगे।
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