//php print_r(get_the_ID()); ?>
| Title | Subject | Paper |
|---|---|---|
| समाचार संक्षेप में | ||
| भारत और भूटान विद्युत क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करेंगे | international Relation, | GS Paper 2, |
| केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा क्षेत्र हेतु निधि में बढोतरी | economy, | GS Paper 3, |
| भारत में प्रवासन पर राष्ट्रीय सर्वेक्षण (2026–2027) | Polity and governance , | GS Paper 2, |
| नमस्ते योजना के तहत अपशिष्ट संग्राहकों की गणना | social justice, | GS Paper 2, |
| सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट | Defense and Security, | GS Paper 3, |
| वर्ष 2026–31 के लिए 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट | indian economy, | GS Paper 3, |
हाल ही में भारत और भूटान ने नई दिल्ली, भारत में आयोजित वरिष्ठ-स्तरीय वार्ता के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में अपनी दीर्घकालिक साझेदारी की पुनः पुष्टि की, जिसमें जलविद्युत विकास और सीमा-पार पारेषण इंटरकनेक्शन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि ऊर्जा सहयोग को गहरा किया जा सके।
चर्चाएँ सहयोग के चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित रहीं।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद तथा बढ़ते द्वि-सीमांत सुरक्षा जोखिमों के परिप्रेक्ष्य में, केंद्रीय बजट 2026–27 में आधुनिकीकरण एवं स्वदेशीकरण को तीव्र करने हेतु रक्षा पूँजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

केंद्रीय बजट 2026–27 में रक्षा पूँजीगत व्यय में की गई वृद्धि, एक नियमित विस्तार के बजाय एक रणनीतिक पुनर्संतुलन को दर्शाती है। हालिया परिचालन अनुभव, विकसित होते खतरे एवं भारत के रक्षा औद्योगिक आधार की परिपक्वता से प्रभावित यह बजट आधुनिकीकरण, तत्परता एवं आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देता है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अंतर्गत, ने प्रवासन पर एक समर्पित राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण की घोषणा की है।
केंद्र सरकार ने नमस्ते योजना के अंतर्गत अपशिष्ट संग्राहकों (Waste Pickers) की संचालित गणना संबंधी राष्ट्रीय-स्तरीय आँकड़े जारी किए हैं।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR), चाँदीपुर से ‘सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट’ (SFDR) तकनीक का सफल उड़ान प्रदर्शन किया।

डॉ. अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में गठित 16वें वित्त आयोग ने वर्ष 2026–27 से 2030–31 की अवधि के लिए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। यह रिपोर्ट 1 फरवरी, 2026 को केंद्रीय बजट के साथ संसद में प्रस्तुत की गई।


वित्त आयोग यह निर्धारित करता है कि केंद्र की शुद्ध कर आय का कितना हिस्सा, राज्यों को दिया जाएगा (ऊर्ध्वाधर हस्तांतरण) तथा राज्यों के लिए निर्धारित इस हिस्से का विभिन्न राज्यों के बीच किस प्रकार वितरण होगा (क्षैतिज हस्तांतरण)।
16वाँ वित्त आयोग आर्थिक दक्षता और समानता के बीच संतुलन स्थापित करता है, एक ओर आर्थिक वृद्धि में योगदान देने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करता है, वहीं दूसरी ओर कमजोर एवं वंचित राज्यों को समर्थन प्रदान करता है। राजकोषीय पारदर्शिता और संरचनात्मक सुधारों को अनिवार्य बनाकर, यह भारत के लिए दीर्घकालिक ऋण स्थिरता तथा सहकारी संघवाद को सुदृढ़ करने का एक रणनीतिक रोडमैप प्रस्तुत करता है।
To get PDF version, Please click on "Print PDF" button.
<div class="new-fform">
</div>
