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| Title | Subject | Paper |
|---|---|---|
| संक्षेप में समाचार | ||
| ग्रे सील | Science and Technology, | GS Paper 3, |
| Tex-RAMPS योजना | Polity and governance , | GS Paper 2, |
| चिमोनोबाम्बुसा मणिपुरेंसिस (बाँस) के जीवाश्म | Environment and Ecology, | GS Paper 3, |
| IMF ने भारत के राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी को रेटिंग प्रदान की | economy, | GS Paper 3, |
| भारत विनिमय दर का IMF पुनर्वर्गीकरण | economy, | GS Paper 3, |
| जी. वी. मावलंकर | modern history, | GS Paper 1, |
| अनुसूचित जनजाति का दर्जा | Polity and governance , | GS Paper 2, |
| PM 1.0 (पार्टिकुलेट मैटर 1.0) | Environment and Ecology, | GS Paper 3, |
| आधारभूत पशुपालन सांख्यिकी 2025 | economy, | GS Paper 3, |
| संयुक्त राष्ट्र ESCAP, 2025 एशिया-प्रशांत आपदा रिपोर्ट | Environment and Ecology, | GS Paper 3, |
| कमलेसन मामला और उसके निहितार्थ | ethics, | GS Paper 4, |
नेचर में प्रकाशित एक नए अध्ययन से पता चलता है कि ‘ग्रे सील’ मिल्क में ऑलिगोसेकेराइड्स की सर्वाधिक विविधता पाई जाती है, जो स्तनपान करने वाली माताओं के दूध से भी अधिक है।
हाल ही में भारत सरकार ने वस्त्र क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और प्रतिस्पर्द्धा को मजबूत करने के लिए वस्त्र केंद्रित अनुसंधान, मूल्यांकन, निगरानी, योजना और स्टार्ट-अप (Textiles Focused Research, Assessment, Monitoring, Planning and Start-up/Tex-RAMPS) योजना को मंजूरी दी है।
Tex-RAMPS भारत के लिए एक लचीला, भविष्य के लिए तैयार और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्द्धी कपड़ा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
मणिपुर की इंफाल घाटी में चिरांग नदी के गाद वाले जमाव में जीवाश्म पौधों के बचे हुए हिस्सों की जाँच कर रहे शोधकर्ताओं को 37,000 वर्ष पुराना काँटेदार चिमोनोबाम्बुसा मणिपुरेंसिस (Chimonobambusa Manipurensis) बाँस के तने का जीवाश्म मिला है।

मणिपुर में मिले बाँस के जीवाश्म इस बात के प्रमाण को पुष्ट करता है कि भारत-बर्मा हॉटस्पॉट दीर्घकालिक जैव विविधता भंडार के रूप में कार्य करता था, जिसने चरम जलवायु परिस्थितियों में भी बाँस की प्रजातियों को संरक्षित रखा।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की वार्षिक समीक्षा में भारत के राष्ट्रीय लेखा आँकड़ों को, जिसमें सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और सकल मूल्य वर्द्धन (GVA) जैसे प्रमुख आँकड़े शामिल हैं, ‘C’ ग्रेड की रेटिंग प्रदान की गई है।
NAS को ‘C’ ग्रेड की रेटिंग सांख्यिकीय आधुनिकीकरण की तात्कालिकता को रेखांकित करती है, लेकिन वर्तमान में संचालित सुधार, अद्यतन आधार वर्ष और बेहतर कार्यप्रणाली, अधिक मजबूत और विश्वसनीय राष्ट्रीय आर्थिक सांख्यिकी की ओर स्पष्ट बदलाव का संकेत देते हैं।
IMF ने कमजोर होते रुपये और RBI के हस्तक्षेप में कमी के बीच भारत की वास्तविक विनिमय दर व्यवस्था को “स्थिर व्यवस्था” से अधिक लचीली ‘क्रॉल’ के समान व्यवस्था” में पुनर्वर्गीकृत किया है।
IMF का ‘क्रॉल’ के समान व्यवस्था की ओर रुख भारत के क्रमिक रूप से अधिक विदेशी मुद्रा लचीलेपन की ओर बढ़ने को दर्शाता है, जबकि वह अभी भी अस्थिरता का प्रबंधन कर रहा है; हालाँकि, दीर्घकालिक लचीलेपन को मजबूत करने के लिए संरचनात्मक सुधार और प्रतिबंधों में कमी आवश्यक है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारत के पहले लोकसभा अध्यक्ष श्री गणेश वासुदेव मावलंकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

असम मंत्रिमंडल ने छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की सिफारिश करने वाली मंत्रिसमूह (GoM) की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है।
वैज्ञानिक प्रमाणों से पता चलता है कि 1 माइक्रोन से छोटे कण PM1, PM 2.5 से कहीं अधिक घातक हैं, इसके बावजूद भारत में इसके लिए कोई नियामक मानक या निगरानी नहीं है।
हाल ही में केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने राष्ट्रीय दुग्ध दिवस (26 नवंबर) के अवसर पर आधारभूत पशुपालन सांख्यिकी (Basic Animal Husbandry Statistics- BAHS) 2025 जारी की।

संयुक्त राष्ट्र ESCAP, 2025 एशिया-प्रशांत आपदा रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि दिल्ली, कराची, ढाका, मनीला, सियोल और शंघाई जैसे एशियाई महानगरों में नगरीय ऊष्मन द्वीप प्रभाव के कारण 2-7 डिग्री सेल्सियस की अतिरिक्त तापमान वृद्धि हो सकती है।
हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने लेफ्टिनेंट सैमुअल कमलेसन की विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया और उनकी बर्खास्तगी को बरकरार रखा।
जब कर्तव्य और विवेक के बीच सामंजस्य स्थापित हो जाता है, तब नैतिक आचरण का उद्देश्य किसी एक को दूसरे पर वरीयता देना नहीं, बल्कि ऐसा संतुलित क्षेत्र निर्मित करना होता है, जहाँ दोनों साथ-साथ विद्यमान रह सकें। कमलेसन मामला यह पुष्टि करता है कि यद्यपि अनुच्छेद-33 के अंतर्गत अनुशासन अनिवार्य है, परंतु एक विविधतापूर्ण लोकतंत्र में दीर्घकालिक विश्वास बनाए रखने हेतु समायोजन तथा आनुपातिकता का सिद्धांत समान रूप से महत्त्वपूर्ण है।
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