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| Title | Subject | Paper |
|---|---|---|
| प्रमुख भारतीय शहरों का वायु गुणवत्ता मूल्यांकन | Environment and Ecology, | GS Paper 3, |
| निसार पृथ्वी अवलोकन उपग्रह | Science and Technology, | GS Paper 3, |
| संक्षेप में समाचार | ||
| इंडिया इंटरनेट गवर्नेंस फोरम (IIGF) | international Relation, | GS Paper 2, |
| INS तारागिरी | internal security, | GS Paper 3, |
| विश्व एड्स दिवस | स्वास्थ्य, | GS Paper 2, |
| संशोधित भूकंप डिजाइन संहिता, 2025 | Geography, | GS Paper 1, |
| ऑनलाइन कंटेंट विनियमन | Polity and governance , | GS Paper 2, |
‘क्लाइमेट ट्रेंड्स’ द्वारा प्रकाशित प्रमुख भारतीय शहरों का वायु गुणवत्ता मूल्यांकन (वर्ष 2015–2025) शीर्षक वाली नई विश्लेषण रिपोर्ट में पाया गया है कि पिछले दशक में किसी भी प्रमुख भारतीय शहर में सुरक्षित वायु गुणवत्ता स्तर नहीं है।
इसरो ने घोषणा की है कि नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार (निसार) उपग्रह आधिकारिक तौर पर अपने अंतिम वैज्ञानिक परिचालन चरण में प्रवेश कर गया है।
प्रारंभिक विश्लेषण से संकेत मिलता है कि S-बैंड SAR डेटा के अनेक अनुप्रयोगों में महत्त्वपूर्ण संभावनाएँ हैं, जिनमें शामिल हैं::
इंडिया इंटरनेट गवर्नेंस फोरम (IIGF) 2025 नई दिल्ली में संपन्न हुआ, जहाँ विकसित भारत की दिशा को सुदृढ़ करने हेतु समावेशी डिजिटल वृद्धि, सुदृढ़ डिजिटल अवसंरचना और उत्तरदायी कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर विशेष बल दिया गया।
INS तारागिरी, जो प्रोजेक्ट 17A नीलगिरी-श्रेणी का एक फ्रिगेट है और MDL द्वारा निर्मित है, को 28 नवंबर 2025 को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया।
विश्व एड्स दिवस प्रत्येक वर्ष 1 दिसंबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य HIV/एड्स के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना तथा HIV के साथ जीवनयापन करने वाले व्यक्तियों (PLHIV) के प्रति समर्थन और सहानुभूति की पुष्टि करना है।
NACP पाँच चरणों से होकर विकसित हुआ है, जहाँ इसका स्वरूप मूल जागरूकता-आधारित मॉडल से व्यापक रोकथाम–जाँच–उपचार मॉडल में परिवर्तित हुआ।
विस्तार (वर्ष 2017–2021): वर्ष 2030 तक एड्स को समाप्त करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए विस्तारित।

भारत ने भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने संशोधित भूकंप डिजाइन संहिता, 2025 के तहत अद्यतन भूकंपीय जोन आधारित मानचित्र जारी किया है।


हाल ही में भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने उपयोगकर्ता द्वारा निर्मित अवांछित डिजिटल ‘कंटेंट’ के लिए एक मजबूत नियामक ढाँचे की माँग की, और कहा कि इसका स्व-नियमन विफल हो गया है। इसने तेजी से प्रसारित हो रहे, अपरिवर्तनीय ऑनलाइन नुकसान को रोकने के लिए एक स्वतंत्र निगरानी निकाय और एन्क्रिप्टेड आधार/स्थायी खाता संख्या (PAN) आधारित आयु सत्यापन की सिफारिश की।


भारत को एक ‘गोल्डीलॉक्स समाधान’ की आवश्यकता है— न तो अत्यधिक अराजकता, न अत्यधिक सेंसरशिप। नियामक ढाँचा ऐसा होना चाहिए, जो संतुलित, पारदर्शी और मौलिक अधिकारों का सम्मान करने वाला हो। ईमानदार आलोचकों को दबाए बिना दुर्व्यवहार करने वालों को दंडित करने वाली प्रणाली को सावधानीपूर्वक डिजाइन करके, भारत डिजिटल युग में अनुच्छेद-19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को अनुच्छेद-21 के तहत अनिवार्य गरिमा और सुरक्षा के साथ सफलतापूर्वक जोड़ सकता है।
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