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Lokesh Pal
January 13, 2026 03:07
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रूसी ऊर्जा क्षेत्र पर हाल के अमेरिकी प्रतिबंधों और वेनेजुएला के तेल के फिर से जुड़ने से यह स्पष्ट होता है कि डॉलर पर निर्भरता कम करने (डी-डॉलराइजेशन) को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।। साथ ही, इससे वैश्विक तेल-आर्थिक शक्ति संरचना में पेट्रोडॉलर प्रणाली से दूर होने की प्रवृत्ति और संभावित परिवर्तन भी परिलक्षित होते हैं।
वैश्विक तेल बाजार वर्तमान में भू-राजनीति, तकनीक और ऊर्जा संक्रमण से प्रेरित महत्त्वपूर्ण संरचनात्मक परिवर्तनों से गुजर रहा है।
कई समन्वित और असंगठित वैश्विक घटनाक्रमों के कारण पेट्रोडॉलर के प्रभुत्व पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

भू-राजनीतिक विभाजन, डी-डॉलराइजेशन के प्रयास और ऊर्जा संक्रमण के बीच, पेट्रोडॉलर प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। आज तेल का मूल्य निर्धारण केवल बाजार के मूलभूत तत्त्वों से नहीं, बल्कि मुद्रा तथा राजनीतिक रणनीतियों से भी प्रभावित होने लगा है।
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