//php print_r(get_the_ID()); ?>
Lokesh Pal
January 28, 2026 05:30
43
0
हाल ही में, भारतीय प्रधानमंत्री ने एंटीबायोटिक (प्रतिजैविकीय) दवाओं के उत्तरदायी उपयोग का आग्रह किया और निमोनिया तथा मूत्र मार्ग के संक्रमण (UTI) जैसी बीमारियों के खिलाफ उनकी घटती प्रभावशीलता के प्रति चेतावनी दी। उनकी टिप्पणी रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) पर बढ़ती चिंता को उजागर करती है, जो प्रतिवर्ष लगभग 1.27 मिलियन मौतों का कारण बनता है (WHO आँकड़ें)।
एंटीबायोटिक और पेनिसिलिन के बारे में:
|
माननीय प्रधानमंत्री के आह्वान ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण को बढ़ावा देना चाहिए, जो रोगाणुरोधी प्रतिरोध से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सार्वजनिक जागरूकता, चिकित्सा प्रशिक्षण, बुनियादी ढाँचागत सुदृढ़ता एवं वैश्विक सहयोग के माध्यम से मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को एकीकृत करता है।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्रश्न: “रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) न केवल एक गंभीर स्वास्थ्य संकट है, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए एक बड़ा आर्थिक खतरा भी है।” हालिया निष्कर्षों के आलोक में इस कथन पर चर्चा करें और इस मंडराते खतरे को कम करने के लिए एक बहु-क्षेत्रीय ढाँचे का सुझाव दीजिए। (15 अंक, 250 शब्द) |
<div class="new-fform">
</div>

Latest Comments