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कार्यकारी निधि बनाम संसदीय निरीक्षण

Lokesh Pal February 10, 2026 05:23 6 0

संदर्भ

हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने लोकसभा सचिवालय को सूचित किया है, कि PM केयर्स फंड, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) और राष्ट्रीय रक्षा निधि (NDF) से संबंधित संसदीय प्रश्न, लोकसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमों के तहत स्वीकार्य नहीं हैं।

इन निधियों/कोष पर संसदीय प्रश्न अब अस्वीकार्य क्यों हैं?

यह विशिष्ट संसदीय नियमों पर आधारित है:-

  • नियम 41(2)(viii): प्रश्न ऐसे मामले से संबंधित होना चाहिए, जो मुख्य रूप से भारत सरकार के उत्तरदायित्व और कार्यों से संबंधित हो।
  • नियम 41(2)(xvii): इसमें ऐसे निकायों/व्यक्तियों के नियंत्रण वाले मामले नहीं उठाए जाने चाहिए, जो मुख्य रूप से सरकार के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।
  • PMO का पक्ष
    • ये कोष सार्वजनिक स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से वित्तपोषित हैं।
    • इन्हें भारत की संचित निधि (CFI) से कोई धन प्राप्त नहीं होता है।
    • इसलिए, इन्हें संसद के प्रति प्रत्यक्ष बजटीय जवाबदेही से बाहर माना जाता है, जिससे संसदीय प्रश्नों की अस्वीकार्यता उत्पन्न होती है।

तीनों निधियों का अवलोकन

  • प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति राहत कोष (PM केयर्स फंड)
    • स्थापना और उद्देश्य: आपातकालीन या संकट की स्थितियों के दौरान राहत प्रदान करने के लिए कोरोना वायरस महामारी के बाद 27 मार्च, 2020 को स्थापित किया गया था।
    • विधिक स्थिति: पंजीकरण अधिनियम, 1908 के तहत एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत।
    • संरचना:
      • प्रधानमंत्री — पदेन अध्यक्ष
      • रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री — पदेन ट्रस्टी
    • वित्तपोषण: व्यक्तियों और संगठनों से 100% स्वैच्छिक योगदान प्राप्त करता है।
      • भारत सरकार से कोई बजटीय सहायता नहीं मिलती।
    • कर और कॉरपोरेट प्रावधान
      • आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के तहत दान पर 100% कटौती के पात्र।
      • कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) व्यय के रूप में मान्यता प्राप्त।
    • विदेशी योगदान: एक निर्दिष्ट खाते के माध्यम से FCRA, 2010 के तहत विदेशी अंशदान प्राप्त करने की अनुमति।
    • ऑडिट: एक स्वतंत्र लेखा परीक्षक द्वारा प्रतिवर्ष ऑडिट।
  • प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF)
    • उत्पत्ति और उद्देश्य: पाकिस्तान से विस्थापित लोगों  की सहायता के लिए जनवरी 1948 में स्थापित किया गया था।
      • वर्तमान में प्राकृतिक आपदाओं, बड़ी दुर्घटनाओं और दंगों के पीड़ितों को राहत प्रदान करता है।
    • वित्तपोषण और प्रशासन: पूरी तरह से सार्वजनिक दान द्वारा वित्तपोषित; कोई बजटीय आवंटन नहीं।
      • वितरण प्रधानमंत्री द्वारा अनुमोदित किया जाता है।
    • विधिक स्थिति: संसद द्वारा निर्मित नहीं; आयकर अधिनियम, 1961 के तहत एक ट्रस्ट के रूप में मान्यता प्राप्त।
      • यह प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से कार्य करता है।
    • प्रशासन: प्रधानमंत्री — अध्यक्ष
    • कर प्रावधान
      • आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10 और 139 के तहत छूट प्राप्त।
      • धारा 80G के तहत 100% कटौती (Deduction) के लिए पात्र योगदान।
      • केवल स्वैच्छिक और बिना शर्त दान स्वीकार करता है।
  • राष्ट्रीय रक्षा कोष (NDF)
    • उद्देश्य: सशस्त्र बलों और अर्द्धसैनिक बलों के सदस्यों तथा उनके आश्रितों को कल्याणकारी सहायता प्रदान करना।
    • प्रशासन: एक कार्यकारी समिति द्वारा प्रबंधित
      • प्रधानमंत्री — अध्यक्ष
      • रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और गृह मंत्री — सदस्य
      • वित्त मंत्री — कोषाध्यक्ष
      • संयुक्त सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय — सचिव
    • वित्तपोषण
      • पूरी तरह से स्वैच्छिक सार्वजनिक योगदान पर निर्भर; कोई बजटीय सहायता नहीं।
      • इसके खाते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास रखे जाते हैं।

विशेषता PM केयर्स फंड PMNRF राष्ट्रीय रक्षा कोष (NDF)
उत्पत्ति मार्च 2020 (कोविड-19) जनवरी 1948 (भारत- पाकिस्तान विभाजन) 1962 (भारत-चीन युद्ध)
कानूनी प्रकृति सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट
अध्यक्ष प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री
पदेन ट्रस्टी रक्षा, गृह, वित्त कोई नहीं (PMO द्वारा प्रबंधित) रक्षा, गृह, वित्त
बजटीय सहायता नहीं नहीं नहीं
CAG ऑडिट नहीं (स्वतंत्र लेखापरीक्षक) नहीं (स्वतंत्र लेखापरीक्षक) नहीं (स्वतंत्र लेखापरीक्षक)
FCRA स्थिति छूट प्राप्त छूट प्राप्त छूट प्राप्त
CSR स्थिति हाँ (कंपनी अधिनियम) नहीं नहीं

प्रमुख विधिक और संवैधानिक विशेषताएँ

  • ट्रस्ट बनाम वैधानिक कोष: PM केयर्स / PMNRF सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट हैं। ये संसदीय अधिनियम (गैर-वैधानिक) द्वारा निर्मित नहीं हैं।
  • NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष): यह आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 46 के तहत बनाया गया एक वैधानिक कोष है। इसका ऑडिट CAG द्वारा किया जाता है।
  • ऑडिट, RTI, पारदर्शिता और विवाद
    • ऑडिट विवाद: सर्वोच्च न्यायालय (2020) ने निर्णय सुनाया, कि PM केयर्स फंड को सरकारी धन प्राप्त नहीं होता है, इसलिए CAG ऑडिट अनिवार्य नहीं है।
      • हालाँकि, राष्ट्रीय रक्षा कोष (NDF), एक ट्रस्ट होने के बावजूद अद्वितीय प्रकृति का है क्योंकि इसके खाते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास रखे जाते हैं।
    • RTI अस्पष्टता: PMO का तर्क है कि PM केयर्स फंड, RTI अधिनियम की धारा 2(h) के तहत एक ‘लोक प्राधिकरण’ (Public Authority) नहीं है क्योंकि यह सरकार द्वारा वित्तपोषित नहीं है।
      • विपक्ष का तर्क है, कि इसे RTI के दायरे में होना चाहिए क्योंकि यह राजकीय प्रतीक, सरकारी अवसंरचना और ‘gov.in’ डोमेन का उपयोग करता है।

भारत की संवैधानिक निधियों के बारे में

  • भारत की संचित निधि (अनुच्छेद-266): इसमें केंद्र सरकार के सभी राजस्व, ऋण और ऋण प्राप्तियाँ शामिल होती हैं।
    • संसदीय अनुमति के बिना इससे कोई व्यय नहीं किया जा सकता है।
  • भारत की आकस्मिकता निधि (अनुच्छेद-267): संसद की अनुमति प्राप्त होने तक, तत्काल अप्रत्याशित व्यय के लिए इसे भारत के राष्ट्रपति के पास रखा जाता है।
    • वर्तमान कोष: ₹30,000 करोड़।
  • भारत का सार्वजनिक खाता (अनुच्छेद-266): इसमें सरकार द्वारा ट्रस्ट के रूप में रखी गई निधियाँ शामिल हैं (जैसे- भविष्य निधि, लघु बचत)।
    • इसकी निकासी के लिए पूर्व संसदीय अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होती है।

संवैधानिक निधियों के साथ तुलना

निधि अनुच्छेद प्रबंधन प्राधिकरण 
संचित निधि (CFI) 266(1) संसद आवश्यक (विनियोग विधेयक)
सार्वजनिक खाता 266(2) कार्यपालिका आवश्यक नहीं (बैंकिंग-प्रकार के लेन-देन)
आकस्मिकता निधि 267 राष्ट्रपति व्यय के बाद संसदीय अनुमोदन

सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियाँ

जनहित याचिका केंद्र (CPIL) बनाम भारत संघ मामले में, सर्वोच्च न्यायालय ने PM केयर्स फंड की राशि को NDRF में स्थानांतरित करने से मना कर दिया, क्योंकि:

  • प्रकृति: NDRF विशिष्ट प्राकृतिक आपदाओं के लिए है; जबकि PM केयर्स फंड व्यापक ‘आपातकाल/संकट’ (जैसे- जैविक महामारी) के लिए है।
  • स्वैच्छिक भावना: व्यक्तियों के पास यह चयन की स्वतंत्रता है, कि वे कहाँ दान करना चाहते हैं।
  • ऑडिट (लेखापरीक्षा): एक वैधानिक निधि (NDRF) के ऑडिट के कानूनी प्रावधानों को एक निजी ट्रस्ट (PM केयर्स) पर बाध्यकारी रूप से लागू नहीं किया जा सकता है।

निष्कर्ष

इन निधियों की (संसद में) अस्वीकार्यता कार्यकारी लचीलेपन और विधायी निरीक्षण के मध्य के संघर्ष को उजागर करती है। जबकि ट्रस्ट मॉडल तेजी से आपातकालीन प्रतिक्रिया को सक्षम बनाता है, यह पारंपरिक वित्तीय शक्ति को अनदेखी करता है, जो शासन में पारदर्शिता तथा सार्वजनिक जवाबदेही संबंधी महत्त्वपूर्ण प्रश्न उठाता है।

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