100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

भारत के विमानन क्षेत्र को डेटा-आधारित निगरानी की आवश्यकता

Lokesh Pal February 18, 2026 05:30 10 0

संदर्भ:

दिसंबर 2025 में इंडिगो से संबंधित एक संचालनात्मक संकट के दौरान किराए में बढोत्तरी के बाद, DGCA (नियंत्रक नागर विमानन महानिदेशालय) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अस्थायी मूल्य सीमा लागू की।

  • इस घटना ने यह उजागर किया कि विश्व के तीसरे सबसे बड़े विमानन बाजार होने के बावजूद भारत में विमानन नियमन में गंभीर कमियाँ विद्यमान हैं।

भारत के विमानन क्षेत्र से संबंधित प्रमुख मुद्दे

  • किराया विनियमन में डेटा का अभाव: सरकार के पास यह पहचानने के लिए पर्याप्त ऐतिहासिक तुलनात्मक किराया डेटा नहीं है कि मूल्य वृद्धि वास्तविक मांग के कारण है या शोषणकारी मूल्य निर्धारण (Predatory Pricing) का परिणाम।
    • वर्त्तमान में केवल यात्री संख्या (ट्रैफिक) पर नज़र रखी जाती है, टिकट कीमतों या वास्तविक भुगतान किए गए किरायों पर नहीं।
  • संकट-आधारित दृष्टिकोण: वर्त्तमान व्यवस्था मुख्य रूप से मूल्य बढोत्तरी पर प्रतिक्रिया देती है, न कि विकृतियों को रोकने पर।
  • बाजार सघनता में वृद्धि: द्वि-प्रतिस्पर्धी (Duopoly) जोखिम में वृद्धि प्रतिस्पर्धा-विरोधी मूल्य निर्धारण की चिंताओं को बढ़ाती है।

अमेरिका के मॉडल से सीख

  • संस्थागत तंत्र: ट्रांसपोर्टेशन स्टैटिस्टिक्स ब्यूरो (BTS) संगठित एयरलाइन डेटा का रखरखाव करता है।
  • DB1B (एयरलाइन ओरिजिन और डेस्टिनेशन सर्वे) डेटाबेस: नियामक प्रत्येक तिमाही में बेचे गए सभी टिकटों का 10% यादृच्छिक नमूना एकत्र करते हैं, मार्ग, एयरलाइन और वास्तविक भुगतान की गई कीमत का विश्लेषण करते हैं, और इस प्रकार 1995 से डिजिटल किराया रिकॉर्ड उपलब्ध है।
  • नियामक महत्व: इससे मूल्य निर्धारण के रुझान, प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता कल्याण का दीर्घकालिक विश्लेषण संभव होता है।

10% सैंपलिंग ढाँचा भारत के लिए क्यों उपयुक्त है?

  • डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेगा: वास्तविक भुगतान किए गए किरायों, मार्गों और एयरलाइन विवरण को एकत्रित करेगा।
  • नियामक निगरानी सुदृढ़ करेगा: DGCA की भूमिका केवल यातायात निगरानी से आगे बढ़कर बाजार व्यवहार विश्लेषण तक विस्तृत होगी।
  • स्व-नियमन को प्रोत्साहित करेगा: पारदर्शिता एयरलाइनों को जिम्मेदार मूल्य निर्धारण एल्गोरिदम तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
  • पारदर्शिता और गोपनीयता में संतुलन: मूल्य निर्धारण के परिणामों की निगरानी करता है बिना स्वामित्व वाले एल्गोरिदम कोड को उजागर किए।

डेटा-आधारित निगरानी के प्रमुख लाभ

  • एकाधिकार की निगरानी: डेटा यह पता लगाने में मदद करेगा कि क्या एयरलाइन्स ऐसे एकाधिकार मार्गों पर अनुचित कीमतें ले रही हैं जहाँ केवल एक ही एयरलाइन संचालित होती है।
  • उद्योग जगत के झटकों का विश्लेषण: यह सरकार को यह समझने में मदद करेगा कि किसी एयरलाइन के बंद होने (जैसे Go First) का प्रभाव क्या होगा और क्या शेष एयरलाइन्स उत्पन्न हुए पावर वैक्यूम का अनुचित लाभ उठा रही हैं।
  • एल्गोरिदमिक हेरफेर का पता लगाना: निगरानी प्रक्रिया यह पता कर सकती है कि क्या मूल्य वृद्धि प्राकृतिक “मांग में उछाल” (जैसे दिवाली के दौरान) के कारण है या राजस्व प्रबंधन एल्गोरिदम द्वारा प्रेरित कृत्रिम मूल्य हेरफेर के कारण।

उद्योग की चिंताओं का समाधान

  • गोपनीयता संबंधी चिंता: एयरलाइंस अक्सर यह तर्क देती हैं कि डेटा साझा करने से उनके राजस्व प्रबंधन एल्गोरिदम उजागर हो सकते हैं।
    • हालाँकि, 10% यादृच्छिक सैंपलिंग प्रणाली केवल अंतिम टिकट कीमतों और मार्ग विवरण पर केंद्रित होता है, आंतरिक मूल्य निर्धारण एल्गोरिदम पर नहीं, इस प्रकार एयरलाइनों की स्वामित्व वाली राजस्व प्रबंधन प्रणालियों की सुरक्षा करता है।
  • मिलीभगत का कम जोखिम: त्रैमासिक समय अंतराल के साथ डेटा प्रकाशित करने से वास्तविक समय में मूल्य समन्वय की संभावना कम होती है, जबकि नियामक निगरानी प्रभावी बनी रहती है।
  • अनुपालन की व्यवहार्यता: चूँकि केवल टिकट डेटा का एक सीमित हिस्सा ही आवश्यक है, इसलिए रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी एयरलाइन संचालन के पैमाने को देखते हुए संतुलित और प्रबंधनीय बनी रहती है।

निष्कर्ष

भारत को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और सतत उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए असंगठित हस्तक्षेपों से हटकर एक संरचित, डेटा-केंद्रित नियामक ढाँचे की ओर बढ़ना चाहिए।

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न: भारत के तीव्र गति से विस्तार करते विमानन क्षेत्र को सुदृढ़ नियामक एवं सुरक्षा निगरानी की आवश्यकता है। नागरिक उड्डयन में डेटा-आधारित निगरानी तंत्र की आवश्यकता का परीक्षण कीजिए।

 (150 शब्द, 10 अंक)

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.