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संक्षेप में समाचार

Lokesh Pal February 24, 2026 03:34 10 0

स्मोक वर्टेक्स (Smoke Vortex)

हालिया वायुमंडलीय अध्ययनों ने स्पष्ट किया है कि समतापमंडल में वनाग्नि से उत्पन्न धुआँ किस प्रकार संगठित एवं घूर्णनशील भँवरों का निर्माण करता है, जो दोनों गोलार्द्धों में विपरीत दिशाओं में घूमते हैं।

स्मोक वर्टेक्स (Smoke Vortex) के बारे में

  • धुएँ के छल्ले, जिन्हें स्मोक वर्टेक्स भी कहा जाता है, धुएँ या गैस के सघन एवं वृत्ताकार भँवर होते हैं। ये एक केंद्रीय कोर के चारों ओर संगठित रूप से घूमते हैं तथा वायु में संचरण के दौरान अपनी संरचना को बनाए रखते हैं।
  • निर्माण की प्रक्रिया
    • धुएँ के कण सूर्य प्रकाश को अवशोषित कर आस-पास की वायु को गर्म करते हैं, जिससे वह ऊर्ध्वगामी होकर समतापमंडल की ओर उठती है।
    • जैसे-जैसे यह गर्म कोर ऊपर उठता है, पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्तरी गोलार्द्ध में घड़ी की दिशा में तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में घड़ी की विपरीत दिशा में भँवर का निर्माण होता है।
    • यह घूर्णन गति धुएँ के गुच्छे के चारों ओर कॉलर की भाँति लिपट जाती है, जिससे आस-पास की वायु के साथ तीव्र मिश्रण रुकता है।
    • वायुमंडल की स्तरीय संरचना तथा कॉरिऑलिस प्रभाव घूर्णन की दिशा को प्रभावित करते हैं।
      • जैसे-जैसे धुआँ ऊपर उठता है और ऊष्मण का केंद्र स्थानांतरित होता है, घूर्णन धुएँ के गुच्छे के आस-पास अधिक सघन हो जाता है, जिससे उसकी संरचनात्मक एकरूपता बनी रहती है।
  • विशेषताएँ: घूर्णनशील बुलबुला एक पात्र की भाँति कार्य करता है, जो अपेक्षाकृत अधिक ऊष्मित धुएँ को केंद्र में संकेंद्रित रखता है तथा उसे दीर्घकाल तक ऊर्ध्वाधर रूप से ऊपर उठने में सक्षम बनाता है।
  • उदाहरण: वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी प्रशांत क्षेत्र के ऊपर वनाग्नि से उत्पन्न समतापमंडलीय भँवरों का अवलोकन किया गया।
    • वोल्कैनिक वर्टेक्स रिंग्स (Volcanic Vortex Rings-VVR), जो मुख्यतः जलवाष्प युक्त गैस के तीव्र निष्कासन से वृत्ताकार ज्वालामुखीय छिद्रों (जैसे माउंट एटना) से बनते हैं।
  • महत्त्व: ये घटनाएँ वैज्ञानिकों को ऊपरी वायुमंडल में एरोसोल के परिवहन, वायुमंडलीय ऊष्मीकरण तथा जलवायु के साथ उनकी अंतःक्रियाओं को समझने में महत्त्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करती हैं।

हिंद महासागर नौसैनिक संगोष्ठी (IONS) के 9वें कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स 

भारत ने विशाखापत्तनम में आयोजित हिंद महासागर नौसैनिक संगोष्ठी (Indian Ocean Naval Symposium—IONS) के 9वें कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स की अध्यक्षता ग्रहण की, जो 16 वर्षों के अंतराल के बाद उसकी वापसी को चिह्नित करता है।

हिंद महासागर नौसैनिक संगोष्ठी (IONS) के बारे में

  • परिचय: IONS हिंद महासागर क्षेत्र की नौसेनाओं का एक स्वैच्छिक एवं समावेशी मंच है।
  • उद्गम: IONS की परिकल्पना भारतीय नौसेना द्वारा की गई थी और वर्ष 2008 में नई दिल्ली में इसका उद्घाटन एक संरचित समुद्री संवाद मंच के रूप में किया गया।
  • अध्यक्षता: IONS की अध्यक्षता सदस्य देशों के बीच दो-वर्षीय कार्यकाल के लिए क्रमिक रूप से परिवर्तित होती है। प्रत्येक चक्र में एक कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स तथा एक तैयारी कार्यशाला आयोजित की जाती है।
    • 8वाँ कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स दिसंबर 2023 में थाईलैंड में आयोजित हुआ था।
    • भारत ने 2026–28 की अवधि के लिए रॉयल थाई नेवी से अध्यक्षता ग्रहण की है।
  • सदस्यता: इसमें दक्षिण एशिया, पश्चिम एशिया, पूर्वी अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया सहित 30 से अधिक सदस्य देश तथा प्रेक्षक राष्ट्र शामिल हैं।
  • महत्त्व: IONS समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, समुद्री डकैती एवं आतंकवाद का मुकाबला करता है, मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) समन्वय को सशक्त बनाता है तथा क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोगात्मक सुरक्षा के भारत के सागर (SAGAR) दृष्टिकोण के अनुरूप कार्य करता है।

IONS के 9वें कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स के बारे में

  • कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स, IONS की द्विवार्षिक सर्वोच्च निर्णय-निर्माण बैठक है, जिसमें भारतीय महासागर के तटीय देशों के नौसेना प्रमुख सम्मिलित होते हैं।
    • 9वाँ कॉन्क्लेव फरवरी 2026 में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित किया गया।
  • भागीदारी: इस आयोजन में 33 देशों की भागीदारी रही, जिनमें सदस्य, प्रेक्षक तथा अटलांटिक से प्रशांत तक विस्तृत समुद्री सुरक्षा एजेंसियाँ शामिल थीं।
    • फिलीपींस ने प्रेक्षक के रूप में सहभागिता की, जबकि ओमान ने HADR कार्यसमूह में प्रवेश किया।
  • उद्देश्य: कॉन्क्लेव का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा सहयोग, HADR समन्वय, सूचना-साझाकरण तथा अंतर-संचालनीयता को सुदृढ़ करना था।
    • भारत ने IMEX अभ्यास, IOS सागर ( SAGAR) तैनाती तथा समुद्री सूचना-साझाकरण कार्यशालाओं जैसी पहलों की घोषणा की।

FIDE फ्रीस्टाइल शतरंज विश्व चैंपियनशिप 2026

नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन ने 2026 का FIDE फ्रीस्टाइल शतरंज विश्व चैंपियनशिप (FIDE Freestyle Chess World Championship) जीत लिया है।

FIDE फ्रीस्टाइल शतरंज विश्व चैंपियनशिप, 2026 के बारे में

  • प्रथम आधिकारिक संस्करण: यह FIDE द्वारा मान्यता प्राप्त फ्रीस्टाइल शतरंज विश्व चैंपियनशिप का उद्घाटन संस्करण था।
    • इस प्रतियोगिता के माध्यम से फ्रीस्टाइल शतरंज (Chess960) को FIDE विश्व चैंपियनशिप की आधिकारिक संरचना में सम्मिलित किया गया।
  • स्थान: यह प्रतियोगिता जर्मनी के वांगेल्स स्थित श्लॉस वाइसेनहाउस में आयोजित की गई।
  • आयोजक: इसका संयुक्त आयोजन FIDE (अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ) और फ्रीस्टाइल चेस चैंपियनशिप GmbH द्वारा किया गया।
  • प्रतिभागी: इस चैंपियनशिप में 8 शीर्ष ग्रैंडमास्टर्स ने भाग लिया।
  • विजेता: मैग्नस कार्लसन (नॉर्वे) ने फाइनल में फैबियानो कारुआना (अमेरिका) को पराजित किया।
  • महत्त्व: यह चैंपियनशिप फ्रीस्टाइल/Chess960 को उच्चस्तरीय शतरंज में एक प्रमुख प्रारूप के रूप में स्थापित करती है तथा FIDE द्वारा इसकी बढ़ती संस्थागत मान्यता को दर्शाती है।

फ्रीस्टाइल शतरंज (Freestyle Chess) के बारे में

  • फ्रीस्टाइल शतरंज, जिसे Chess960 या फिशर रैंडम चेस (Fischer Random Chess) भी कहा जाता है, शतरंज का एक रूपांतर है, जिसमें पिछली पंक्ति के मोहरों की प्रारंभिक स्थिति को यादृच्छिक रूप से निर्धारित किया जाता है।
  • उद्गम एवं आविष्कारक: इसका सृजन बॉबी फिशर ने वर्ष 1996 में किया था, ताकि पारंपरिक शतरंज में कंप्यूटर आधारित उद्घाटन-तैयारी के वर्चस्व को कम किया जा सके।
  • Chess960 नामकरण: “Chess960” नाम 960 संभावित यादृच्छिक प्रारंभिक स्थितियों को संदर्भित करता है।

FIDE के बारे में

  • परिचय: FIDE शतरंज के वैश्विक संचालन एवं शासन की सर्वोच्च संस्था है।
  • पूर्ण नाम: Fédération Internationale des Échecs (अर्थात् अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ)।
  • स्थापना वर्ष: 1924।
  • मुख्यालय: लॉजेन (स्विट्जरलैंड)
  • उद्देश्य एवं कार्य: अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं का संचालन एवं विनियमन।
    • शतरंज के आधिकारिक नियमों तथा टूर्नामेंट विनियमों का निर्धारण।
    • ग्रैंडमास्टर (GM), इंटरनेशनल मास्टर (IM), वुमन ग्रैंडमास्टर (WGM) आदि अंतरराष्ट्रीय उपाधियों का प्रदान।
    • FIDE रेटिंग प्रणाली (Elo rating) का संचालन एवं संधारण।

एक प्रमुख वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में सूरत

सूरत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 10.55 अरब डॉलर (लगभग 95,710 करोड़ रुपये) के निर्यात के साथ एक प्रमुख वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में उभरा है।

संबंधित तथ्य

  • गुजरात में योगदान: वर्ष 2024-25 में गुजरात का कुल निर्यात 9.83 लाख करोड़ रुपये रहा, जो भारत के कुल निर्यात का 27% से अधिक है।
    • सूरत ने अपनी पारंपरिक शक्तियों का लाभ उठाते हुए तथा नए क्षेत्रों में विस्तार करते हुए इस उपलब्धि में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • निर्यात को गति देने वाले प्रमुख क्षेत्र
    • रत्न एवं आभूषण क्षेत्र सूरत की अर्थव्यवस्था का आधार स्तंभ बना हुआ है:
      • सूरत क्षेत्र में विश्व के लगभग 90% हीरों का प्रसंस्करण किया जाता है।
      • यह क्षेत्र शहर के कुल निर्यात का लगभग 70% योगदान देता है।
    • सूरत रेशमी साड़ियों, वस्त्रों तथा संबंधित उत्पादों के लिए भी प्रसिद्ध है।
  • मुख्य व्यापारिक भागीदार: संयुक्त राज्य अमेरिका (32%) प्रमुख निर्यात गंतव्य है, इसके बाद हांगकांग (18%) और संयुक्त अरब अमीरात (14%) का स्थान है।

ताकेशिमा/डोकडो द्वीपसमूह

दक्षिण कोरिया ने जापान के “ताकेशिमा डे” (Takeshima Day) आयोजन का विरोध करते हुए विवादित द्वीपसमूह की संप्रभुता को लेकर तनाव को पुनर्जीवित किया है।

  • ताकेशिमा डे जापान के शिमाने प्रांत में प्रतिवर्ष 22 फरवरी को आयोजित किया जाने वाला कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य उन विवादित द्वीपों पर जापान की संप्रभुता का दावा दोहराना है, जिन्हें जापान में ताकेशिमा कहा जाता है।

ताकेशिमा/डोकडो द्वीपसमूह के बारे में

  • इन छोटे द्वीपों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लिआनकोर्ट रॉक्स (Liancourt Rocks) कहा जाता है, जिन्हें जापान में ताकेशिमा तथा दक्षिण कोरिया में डोकडो कहा जाता है।
    • यह विवाद 1910–1945 के दौरान कोरिया पर जापान के औपनिवेशिक शासन से जुड़ी ऐतिहासिक असंतोष की पृष्ठभूमि में निहित है।
    • एक छोटा द्वीप पानी से घिरा हुआ एक छोटा भू-भाग होता है, जो एक सामान्य द्वीप से छोटा होता है।
  • स्थान: ये द्वीप जापान सागर (पूर्वी सागर) में स्थित हैं और कोरियाई प्रायद्वीप तथा जापान के होंशू द्वीप से लगभग समान दूरी पर अवस्थित हैं।
  • भौगोलिक विशेषताएँ: इस संरचना में दो प्रमुख शैलयुक्त द्वीप तथा उनके आस-पास कई छोटे शिलाखंड शामिल हैं।
    • ये ज्वालामुखीय उत्पत्ति के हैं, अधिकांशतः बंजर हैं तथा मीठे जल के सीमित संसाधन उपलब्ध हैं।
    • आस-पास का समुद्री क्षेत्र जैव विविधता और मत्स्य संसाधनों से समृद्ध है।
  • वर्तमान प्रशासनिक स्थिति: दक्षिण कोरिया इन द्वीपों पर प्रभावी प्रशासनिक नियंत्रण रखता है तथा वहाँ एक लघु पुलिस दल और आधारभूत संरचनाएँ स्थापित हैं।
    • जापान अब भी इन पर संप्रभुता का दावा करता है।
  • सामरिक महत्त्व: जापान अब भी इन पर संप्रभुता का दावा करता है। साथ ही आस-पास का समुद्री क्षेत्र समृद्ध मत्स्यन क्षेत्र है तथा वहाँ प्राकृतिक गैस हाइड्रेट के संभावित भंडार हो सकते हैं।
    • इन द्वीपों पर नियंत्रण, UNCLOS के अंतर्गत विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के दावे को सुदृढ़ करता है।

ऑपरेशन शिवलरस नाइट 3

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने वाशिंगटन में आयोजित एक बैठक के दौरान रमजान के अवसर पर गाजा के लिए ऑपरेशन शिवलरस नाइट 3 (Operation Chivalrous Knight 3) के अंतर्गत एक मानवीय एयर ब्रिज स्थापित करने हेतु सहायता प्रदान करने का संकल्प व्यक्त किया।

  • मानवीय एयर ब्रिज एक समन्वित वायु-परिवहन अभियान है, जिसके अंतर्गत संकटग्रस्त क्षेत्र में आपातकालीन राहत सामग्री एवं कर्मियों को पहुँचाने के लिए निरंतर उड़ानों का संचालन किया जाता है।

ऑपरेशन शिवलरस नाइट 3 के बारे में

  • यह संयुक्त अरब अमीरात द्वारा शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के निर्देशों के अंतर्गत प्रारंभ किया गया एक व्यापक मानवीय अभियान है, जिसका उद्देश्य गाजा में जारी संघर्ष के बीच फिलिस्तीनियों को सहायता प्रदान करना है।
    • यह “ऑपरेशिवलरस नाइट” राहत शृंखला का अब तक का सबसे व्यापक चरण है।
  • उद्देश्य: गाजा में खाद्य, जल, स्वास्थ्य सेवा, आश्रय एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की कमी को दूर करते हुए त्वरित एवं सतत् मानवीय सहायता उपलब्ध कराना, साथ ही पुनर्वास एवं लचीलापन को सुदृढ़ करना।
  • वित्तपोषण: UAE ने गाजा के लिए अतिरिक्त 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की सहायता की घोषणा की है।
    • यह योगदान क्षेत्रीय साझेदारों द्वारा 7 अरब डॉलर से अधिक की बहुपक्षीय प्रतिज्ञा तथा अमेरिका की अतिरिक्त प्रतिबद्धताओं का हिस्सा है।
  • मुख्य क्षेत्र 
    • गाजा सिटी, खान यूनिस और रफाह में क्षतिग्रस्त जल आपूर्ति लाइनों एवं नेटवर्क का पुनर्वास।
    • खाद्य सामग्री, पेयजल, ईंधन और चिकित्सा सहायता सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति।
    • गंभीर चिकित्सा देखभाल हेतु भूमि एवं जल में अस्पतालों की स्थापना और संचालन।
    • विस्थापित परिवारों के लिए टेंट, कंबल और वस्त्र जैसी शीतकालीन राहत सामग्री का प्रावधान।
    • मलबा हटाने एवं आधारभूत संरचना समर्थन के माध्यम से आवागमन और मूलभूत सेवाओं की बहाली।
    • बच्चों को स्कूल बैग एवं शैक्षिक सामग्री वितरित कर शैक्षिक सहायता प्रदान करना।
  • योगदानकर्ता: यह पहल संयुक्त अरब अमीरात के नेतृत्व में है और इसमें अमीरात रेड क्रिसेंट, जायद चैरिटेबल एंड ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन, खलीफा बिन जायद अल नहयान फाउंडेशन और शारजाह चैरिटी इंटरनेशनल का सहयोग प्राप्त है।
  • पूर्व कार्रवाइयाँ
    • ऑपरेशन शिवलरस नाइट 1 (2021): इस अभियान के तहत अफगानिस्तान के काबुल से नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया।
    • ऑपरेशन शिवलरस नाइट 2 (2023): इस अभियान के तहत तुर्किए-सीरिया भूकंप के बाद राहत कार्य किया गया, जिसमें 15,000 टन से अधिक सहायता सामग्री पहुँचाई गई और 1,000 से अधिक आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया।

महत्त्व

यह संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों के लिए खाड़ी देशों के नेतृत्व में किए गए वित्तीय संग्रह को दर्शाता है और मानवीय आपात स्थितियों से निपटने में बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करता है।

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