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त्वरित कॉरपोरेट निकास प्रसंस्करण केंद्र (C-PACE) (Centre for Processing Accelerated Corporate Exit (C-PACE)

Samsul Ansari December 13, 2023 03:11 163 0

संदर्भ

कॉरपोरेट मामलों के मंत्री के अनुसार, मई 2023 में त्वरित कॉरपोरेट निकास प्रसंस्करण केंद्र (C-PACE) की स्थापना के बाद से, 7,700 से अधिक कंपनियों ने स्वेच्छा से भारत में अपना कारोबार बंद कर दिया है। 

संबंधित तथ्य

  • C-PACE की स्थापना के बाद से, कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 248(2) के तहत 5 दिसंबर, 2023 तक 7,721 कंपनियों को औपचारिक रूप से बंद कर दिया गया है। 
    • चालू वर्ष के दौरान स्वैच्छिक निकास के लिए C-PACE के तहत लगने वाला समय कम होकर लगभग 110 दिन हो गया है, जबकि इसके पूर्व 180 से अधिक दिन लगते थे।
  • C-PACE के तहत स्वैच्छिक समापन के लिए आवेदनों को कुशल और समान परिणाम के लिए केंद्रीकृत तरीके से संसाधित किया जाता है।

C-PACE के बारे में

  • C-PACE का उद्घाटन 1 मई, 2023 को कि‍या गया।
  • इसका गठन कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 248 (2) के प्रावधानों के तहत स्वैच्छिक निकास के लिए दायर आवेदनों को सुविधाजनक बनाने और प्रक्रिया को तेज करने के लिए किया गया है।
  • इसका नोडल मंत्रालय कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) है।
  • महत्त्व:
    • C-PACE की स्थापना से रजिस्ट्री को न्‍यायसंगत बनाने के अलावा हितधारकों को अधिक सार्थक डेटा की उपलब्धता के साथ-साथ रजिस्ट्री पर अनावश्‍यक समस्‍या को कम करने में सहायता मिलेगी। 
    • C-PACE से हितधारकों को आसान फाइलिंग, समय पर और प्रक्रियाबद्ध तरीके से रजिस्टर से अपनी कंपनी के नाम हटाने का भी लाभ मिलेगा।

कंपनियों की त्वरित एवं आसान निकासी से लाभ

  • कंपनियों की त्वरित और आसान निकासी से भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्योगों की पंगुता की समस्या, दोहरी बैलेंसशीट (Dual Balance Sheet) की समस्या, बढ़ते NPA की समस्या एवं कंपनी मालिकों पर बढ़ते अनावश्यक बोझ को कम किया जा सकता है।
  • इससे कॉरपोरेट गवर्नेंस को बेहतर किया जा सकता है। 

कंपनी अधिनियम, 2013

  • यह अधिनियम कंपनियों से संबंधित कानून को मजबूत और संशोधित करता है।
  • इस अधिनियम के तहत, लाभदायक कंपनियों के कुछ वर्गों को अपने वार्षिक औसत शुद्ध लाभ का कम-से-कम 2% कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) गतिविधियों के लिए खर्च करना आवश्यक है।
    •  सीएसआर प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में रिकॉर्ड की उचित जाँच और कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ऐसी गैर-अनुपालन वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाती है।
  • सीएसआर प्रावधानों का अनुपालन न करना 22 जनवरी, 2021 से अपकृत्य या सिविल राॅन्ग (Civil Wrong) के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है।

कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR)

  • इस अवधारणा में यह दृष्टिकोण निहित है कि सभी कंपनियों को पर्यावरण एवं सामाजिक कल्याण पर उनके उत्पादन कार्यों से पड़ने वाले प्रभावों का आकलन करना चाहिए और उसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए तथा पर्यावरण एवं समाज को बेहतर बनाने में सकारात्मक प्रयास करना चाहिए। 
  • कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व  (CSR) का प्रावधान किया गया है। 
  • इस अधिनियम के अंतर्गत यह उत्तरदायित्व उन कंपनियों पर आरोपित होगा-
    • जिनका वार्षिक कारोबार 1,000 करोड़ रुपए एवं उससे अधिक है, या 
    • जिनकी कुल संपत्ति 500 करोड़ रुपए एवं उससे अधिक है, या 
    • उनका शुद्ध लाभ 5 करोड़ रुपए एवं उससे अधिक है।   

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