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ऊर्जा सांख्यिकी भारत, 2025

Lokesh Pal April 02, 2025 02:58 8 0

संदर्भ

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistics Office- NSO) ने अपना वार्षिक प्रकाशन “ऊर्जा सांख्यिकी भारत 2025” जारी किया है।

ऊर्जा सांख्यिकी भारत के बारे में

  • ऊर्जा सांख्यिकी भारत, 2025 सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation- MoSPI) के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistics Office – NSO) द्वारा जारी एक वार्षिक प्रकाशन है।
  • रिपोर्ट भारत के ऊर्जा परिदृश्य का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करती है।
  • इसमें विभिन्न ऊर्जा वस्तुओं के भंडार, क्षमता, उत्पादन, खपत और व्यापार सहित डेटा शामिल हैं।
  • नवीनतम संस्करण में पर्यावरण आर्थिक लेखांकन प्रणाली (System of Environmental Economic Accounting -SEEA), 2012 ढाँचे का पालन करते हुए ऊर्जा लेखांकन पर एक नया अध्याय प्रस्तुत किया गया है।

मुख्य बिंदु ऊर्जा सांख्यिकी भारत 2025

  • भारतीय ऊर्जा क्षेत्र ने महामारी के बाद मजबूत सुधार दिखाया, जो वर्ष 2047 तक देश के विकसित भारत बनने के लक्ष्य के अनुरूप है।
  • इस रिपोर्ट में ऊर्जा आपूर्ति, खपत और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि पर प्रकाश डाला गया है।
  • प्राथमिक ऊर्जा आपूर्ति में वृद्धि: वित्त वर्ष 2023-24 में भारत में कुल प्राथमिक ऊर्जा आपूर्ति (Total Primary Energy Supply- TPES) 7.8% बढ़कर 9,03,158 KToE (तेल के समतुल्य किलो टन) तक पहुँच गई।
  • प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत: भारत की प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत वर्ष 2014- 2015 में प्रति व्यक्ति 14,682 मेगा जूल से बढ़कर वर्ष 2023-2024 में प्रति व्यक्ति 18,410 मेगा जूल हो गई, जो 2.55% CAGR की दर से बढ़ रही है।

  • ट्रांसमिशन और वितरण घाटे में कमी: ट्रांसमिशन और वितरण के कारण विद्युत की हानि वर्ष 2014-15 में 23% से वर्ष 2023- 2024 में 17% तक काफी कम हो गया, जो बेहतर ऊर्जा दक्षता को दर्शाता है।
  • क्षेत्रवार ऊर्जा खपत: उद्योग क्षेत्र ने सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की, जिसमें ऊर्जा खपत वर्ष 2014- 2015 में 2,42,418 KToE से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 3,11,822 KToE हो गई।
    • वाणिज्यिक एवं सार्वजनिक सेवाएँ, आवासीय, कृषि और वानिकी सहित अन्य क्षेत्रों में भी ऊर्जा खपत में लगातार वृद्धि देखी गई।

नवीकरणीय ऊर्जा की संभावना और सामर्थ्य

  • क्षमता: 31 मार्च, 2024 तक भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता 21,09,655 मेगावाट है।
    • पवन ऊर्जा 11,63,856 मेगावाट (55%) के साथ सबसे आगे है, इसके बाद सौर ऊर्जा 7,48,990 मेगावाट और बड़ी जलविद्युत परियोजना 1,33,410 मेगावाट का स्थान है।
    • चार राज्य [राजस्थान (20.3%), महाराष्ट्र (11.8%), गुजरात (10.5%), और कर्नाटक (9.8%)] भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता के आधे से अधिक का उत्पादन करते हैं।
  • स्थापित क्षमता और विद्युत उत्पादन: नवीकरणीय स्रोतों से विद्युत उत्पादन की स्थापित क्षमता वर्ष 2015 में 81,593 मेगावाट से बढ़कर वर्ष 2024 में 1,98,213 मेगावाट हो गई, जो 10.36% की CAGR को दर्शाती है।
    • नवीकरणीय स्रोतों से विद्युत उत्पादन वर्ष 2014- 2015 में 2,05,608 GWH से बढ़कर वर्ष 2023- 2024 में 6.76% की CAGR पर 3,70,320 GWH हो गया।

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