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इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI)

Lokesh Pal January 23, 2026 03:06 5 0

संदर्भ

स्पेन औपचारिक रूप से इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव’ (IPOI) में शामिल हो गया है तथा उसने भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया है।

इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) के बारे में

  • इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) का शुभारंभ भारत द्वारा नवंबर 2019 में आसियान के नेतृत्व वाले पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (EAS), बैंकॉक में किया गया था।
  • उद्देश्य: मुक्त और समावेशी इंडो-पैसिफिक को बढ़ावा देना, समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करना, नियम-आधारित व्यवस्था सुनिश्चित करना तथा समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता एवं सतत् विकास को प्रोत्साहित करना।
  • स्वरूप और ढाँचा
    • IPOI एक गैर-संधि-आधारित, स्वैच्छिक और अनुकूलित ढाँचा है।
    • यह कोई नया संस्थान स्थापित नहीं करता और मुख्यतः EAS तंत्र पर निर्भर करता है, जिसमें आसियान सदस्य तथा आठ संवाद साझेदार शामिल हैं।
    • औपचारिक गठबंधनों के स्थान पर साझा समझ और व्यावहारिक सहयोग के माध्यम से सामंजस्य पर बल देता है।
  • दार्शनिक आधार: IPOI भारत की व्यापक समुद्री परिकल्पना सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) को क्रियान्वित करता है तथाइंडो-पैसिफिक’ पर भारत के बढ़े हुए रणनीतिक फोकस का संकेत देता है।

IPOI के स्तंभ

  • स्तंभ-आधारित दृष्टिकोण: IPOI सात विषयगत स्तंभों के निकट संरचित है, जिनमें प्रत्येक स्तंभ का नेतृत्व एक या अधिक देश स्वैच्छिक रूप से करते हैं, जबकि अन्य देश भागीदार के रूप में जुड़ते हैं।
  • विस्तारित सहभागिता: ग्रीस हाल ही में IPOI में शामिल हुआ है और उससे किसी एक स्तंभ का सह-नेतृत्व करने की अपेक्षा है, जबकि दक्षिण कोरिया सहभागिता पर विचार कर रहा है, जो इस पहल की बढ़ती स्वीकृति को दर्शाता है।

स्तंभ

नेतृत्वकर्ता देश

समुद्री सुरक्षा भारत, यूनाइटेड किंगडम
समुद्री पारिस्थितिकी ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड
समुद्री संसाधन फ्राँस, इंडोनेशिया
क्षमता निर्माण एवं संसाधन साझाकरण जर्मनी
आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन भारत, बांग्लादेश
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं शैक्षणिक सहयोग इटली, सिंगापुर
व्यापार, कनेक्टिविटी  एवं समुद्री परिवहन जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका

विकास और रणनीतिक अभिसरण

  • क्षेत्रीय दृष्टिकोणों के साथ संरेखण: IPOI, इंडो-पैसिफिक पर आसियान दृष्टिकोण (AOIP) के साथ घनिष्ठ रूप से संरेखित है, जिससे आसियान की केंद्रीयता और समावेशिता को सुदृढ़ किया जाता है।
  • अन्य समूहों के साथ समन्वय: यह पहल क्वाड के समुद्री एजेंडे, इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क (IPEF) के चयनित स्तंभों तथा अन्य हिंद महासागर और प्रशांत क्षेत्रीय तंत्रों की पूरक है।
  • द्विपक्षीय और बहुपक्षीय परिणाम: ‘ऑस्ट्रेलिया–भारत इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव’ साझेदारी (AIIPOIP) विशेषकर समुद्री पारिस्थितिकी के क्षेत्र में IPOI-प्रेरित सहयोग का उदाहरण है।
  • चीन की स्थिति: चीन ने वर्ष 2021 में IPOI को स्वीकार किया, किंतु औपचारिक समर्थन या विरोध व्यक्त नहीं किया, जो रणनीतिक सावधानी को दर्शाता है।

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र

  • इंडो-पैसिफिक एक रणनीतिक और भू-राजनीतिक अवधारणा है, जिसके अनेक अर्थ हैं और यह कोई स्थिर भौगोलिक इकाई नहीं है।
  • इंडो-पैसिफिक को हिंद महासागर और प्रशांत महासागर को समाहित करने वाले परस्पर-संबद्ध क्षेत्र के रूप में समझा जाता है, जिसे मुख्यतः मलक्का जलडमरूमध्य जैसे प्रमुख समुद्री मार्ग जोड़ते हैं।
  • भारत की परिभाषा: भारत इंडो-पैसिफिक को अफ्रीका के पूर्वी तट से लेकर अमेरिका के पश्चिमी तट तक विस्तारित मानता है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका की परिभाषा: संयुक्त राज्य अमेरिका इंडो-पैसिफिक को भारत के पश्चिमी तट से अमेरिका तक विस्तारित मानता है, जो अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड की भौगोलिक सीमा के अनुरूप है।

IPOI की प्रासंगिकता

  • विकसित होता सुरक्षा परिदृश्य: इंडो-पैसिफिक में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्द्धा, समुद्री डकैती, नौवहन पर हमले तथा अवैध मत्स्यन ने सहयोगात्मक समुद्री ढाँचों की आवश्यकता को सुदृढ़ किया है।
  • जलवायु और महासागरीय चुनौतियाँ: महासागर 92% अतिरिक्त ऊष्मा और 28% कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करते हैं, जिससे समुद्री पारिस्थितिकी वैश्विक जलवायु कार्रवाई का केंद्रीय तत्त्व बनती है।
  • समुद्री कनेक्टिविटी और व्यापार: समुद्री गलियारों और अवसंरचना का तीव्र विस्तार IPOI को भारत की समुद्री भारत विजन 2030 और समुद्री अमृत काल विजन 2047 के साथ निकटता से जोड़ता है।
  • भारत के लिए रणनीतिक महत्त्व: सुरक्षा साझेदारियों, क्षमता-निर्माण सहायता, समुद्री डोमेन जागरूकता और क्षेत्रीय नेतृत्व को संस्थागत रूप देकर भारत को हिंद महासागर क्षेत्र में एक सुरक्षा प्रदाता के रूप में स्थापित करता है।
  • समुद्री स्थिरता और क्षेत्रीय व्यवस्था: IPOI नौवहन की स्वतंत्रता, अंतरराष्ट्रीय कानून (UNCLOS) के सम्मान और वैश्विक कॉमन्स के नियम-आधारित शासन का समर्थन करता है, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) और व्यापक इंडो-पैसिफिक के रणनीतिक समुद्री मार्गों में स्थिरता सुदृढ़ होती है।

भारत–स्पेन द्विपक्षीय संबंध

  • राजनयिक संबंध
    • राजनयिक संबंध: वर्ष 1956 में स्थापित।
    • द्विपक्षीय संबंध वर्ष 2017 से शांति, विकास और नवाचार के लिए साझेदारी (APCI) के ढाँचे के अंतर्गत सुदृढ़ हुए हैं।
  • बहुपक्षीय सहयोग
    • स्पेन, वैश्विक शासन और सुरक्षा व्यवस्थाओं में भारत की भूमिका का समर्थन करता है, जिसमें मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (MTCR) में भारत का प्रवेश भी शामिल है।
  • रक्षा सहयोग
    • तेजी से बढ़ते रक्षा संबंध, एयरबस (स्पेन) से 56 C-295 विमानों की 2.5 अरब अमेरिकी डॉलर के समझौते से परिलक्षित होते हैं; इनमें से 40 विमान ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में निर्मित किए जाएँगे।
    • इस सहयोग में संयुक्त कार्य समूह, वायुसेना अभ्यास, नौसैनिक मार्ग अभ्यास, पोर्ट कॉल्स तथा ‘तरंग शक्ति’ और ‘ओशन स्काई’ जैसे बहुपक्षीय अभ्यासों में सहभागिता शामिल है।
  • व्यापार और आर्थिक संबंध
    • स्पेन यूरोप में भारत का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, वर्ष 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 11 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया।
    • भारत का व्यापार अधिशेष है
      • निर्यात: खनिज ईंधन, रसायन, लोहा एवं इस्पात, वस्त्र, मशीनरी, समुद्री खाद्य उत्पाद, चमड़ा।
      • आयात: यांत्रिक उपकरण, रसायन, प्लास्टिक, खनिज ईंधन।
  • निवेश सहयोग
    • स्पेन भारत का 16वाँ सबसे बड़ा निवेशक है, इसका संचयी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 4.29 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है।
    • भारत में 200 से अधिक स्पेनिश कंपनियाँ तथा स्पेन में लगभग 80 भारतीय कंपनियाँ कार्यरत हैं।
    • स्पेन में भारतीय निवेश: लगभग 900 मिलियन अमेरिकी डॉलर।
    • मुख्य तंत्र: संयुक्त आर्थिक सहयोग आयोग (JCEC, 1972), भारत–स्पेन सीईओ फोरम, इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (2023)
  • क्षेत्रीय सहयोग
    • रक्षा विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट सिटी, दूरसंचार, शहरी अवसंरचना, पर्यटन और ऑडियो-विजुअल उत्पादन।
  • सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग
    • सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम (2024–2028), विश्वविद्यालय एमओयू और ऑडियो-विजुअल सहयोग द्वारा निर्देशित।
    • स्पेन में भारतीय प्रवासी: लगभग 75,000।
    • भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के माध्यम से योग, शास्त्रीय नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
    • वैलाडोलिड स्थित ‘कासा दे ला इंडिया’ जैसी संस्थाएँ जन-से-जन संपर्क को बढ़ावा देती हैं।
    • नगर संबंध: अहमदाबाद–वैलाडोलिड उप-राष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करते हैं।
    • वर्ष 2026 को संस्कृति, पर्यटन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में भारत–स्पेन वर्ष घोषित किया गया है, जो सॉफ्ट पॉवर’ अभिसरण और भविष्य-उन्मुख सहयोग को दर्शाता है।

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