100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

संक्षेप में समाचार

Lokesh Pal April 02, 2025 03:55 30 0

नीति एनसीएईआर राज्य आर्थिक मंच पोर्टल

हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा राज्यों के वित्त पर एक पोर्टल, ‘नीति एनसीएईआर राज्य आर्थिक मंच पोर्टल’ लॉन्च किया गया।

नीति एनसीएईआर राज्य आर्थिक मंच पोर्टल के बारे में 

  • डेटा संग्रह: यह पोर्टल वर्ष 1990-91 से वर्ष 2022-23 तक लगभग 30 वर्षों के लिए विभिन्न मापदंडों पर डेटा का ‘व्यापक भंडार’ होगा। 
  • पैरामीटर: इनमें सामाजिक, आर्थिक एवं राजकोषीय मापदंड, शोध रिपोर्ट, पेपर तथा राज्यों के वित्त पर विशेषज्ञ टिप्पणियाँ शामिल हैं। 
  • विकसितकर्ता: पोर्टल को नीति आयोग एवं ‘नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च’ (NCAER) द्वारा राज्य वित्त पर विकसित किया जा रहा है। 
  • घटक: इस पोर्टल में 4 मुख्य घटक हैं, जिनमें शामिल हैं:- 
    • राज्य रिपोर्ट: यह संकेतकों के आधार पर 28 भारतीय राज्यों के वृहद और राजकोषीय परिदृश्य का सारांश प्रस्तुत करेगा।
      • इसमें जनसांख्यिकी, आर्थिक संरचना, सामाजिक-आर्थिक एवं राजकोषीय संकेतक शामिल हैं। 
    • डेटा रिपाॅजिटरी: यह पाँच क्षेत्रों अर्थात् जनसांख्यिकी, आर्थिक संरचना, राजकोषीय, स्वास्थ्य और शिक्षा के संपूर्ण डेटाबेस तक सीधी पहुँच प्रदान करेगा।
    • राज्य राजकोषीय एवं आर्थिक डैशबोर्ड: यह समय के साथ प्रमुख आर्थिक चरों का ग्राफिकल निरूपण प्रदर्शित करेगा तथा डेटा परिशिष्ट के माध्यम से प्रारंभिक डेटा तक त्वरित पहुँच या सारांश तालिकाओं के माध्यम से अतिरिक्त जानकारी प्रदान करेगा।
    • शोध एवं टिप्पणी: इसमें राज्य वित्त एवं राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर राजकोषीय नीति एवं वित्तीय प्रबंधन के महत्त्वपूर्ण पहलुओं पर व्यापक शोध का विवरण होगा।
  • महत्त्व 
    • राज्यों में वृहद, राजकोषीय, जनसांख्यिकीय एवं सामाजिक-आर्थिक रुझानों को समझने में सुविधा प्रदान करना।
    • साक्ष्य आधारित नीतियाँ: ऐतिहासिक रुझानों एवं वास्तविक समय के विश्लेषण का लाभ उठाकर, उपयोगकर्ता प्रगति को ट्रैक करने, उभरते पैटर्न की पहचान करने तथा विकास के लिए साक्ष्य-आधारित नीतियाँ तैयार करने में सक्षम होंगे।
    • पहुँच: यह उपयोगकर्ता के अनुकूल प्रारूप में आसानी से सुलभ डेटा उपलब्ध कराएगा एवं एक ही स्थान पर समेकित क्षेत्रीय डेटा की आवश्यकता को भी पूरा करेगा।
    • बेंचमार्किंग प्रदर्शन: यह प्रत्येक राज्य के डेटा को अन्य राज्यों एवं राष्ट्रीय आँकड़ों के साथ साझा करने में सहायता करेगा।
    • चर्चा के लिए मंच: यह नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं एवं अन्य लोगों को सूचित बहस तथा चर्चाओं के लिए डेटा का संदर्भ देने में रुचि रखने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।

नागरहोल कोर क्षेत्र

पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री से नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान एवं कोडागु में टाइगर रिजर्व के भीतर दलदली घास के मैदानों (हडलस) में तीन एकड़ जमीन देने से रोकने का आग्रह किया।

दलदली घास के मैदान (हडलस) क्या हैं?

  • हडलस भारत के कर्नाटक के नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले दलदली घास के मैदान हैं।
  • ये घास के मैदान आर्द्र होते हैं एवं पार्क को एक अद्वितीय पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करते हैं।
  • स्थलीय घास के मैदानों एवं आर्द्रभूमि के बीच संक्रमणकालीन क्षेत्र होते हैं।
  • अद्वितीय विशेषता: अपनी उच्च नमी सामग्री के कारण सामान्य घास के मैदानों से अलग होते हैं।
    • दलदलों से, यह एक महत्त्वपूर्ण वृक्ष कैनोपी की अनुपस्थिति के कारण अलग है।
  • हडलस का पारिस्थितिक महत्त्व 
    • जैव विविधता बनाए रखना: हडलस शाकाहारी जानवरों को आश्रय देकर खाद्य शृंखला का समर्थन करता है, जो बाघों जैसे शिकारियों का शिकार होते हैं।
    • प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना: ये घास के मैदान, पार्क की पारिस्थितिकी स्थिरता में योगदान करते हैं।

नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान के बारे में

  • इसे राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान भी कहा जाता है।
  • पहली बार वर्ष 1955 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया।
  • वर्ष 1988 में इसे राष्ट्रीय उद्यान में अपग्रेड किया गया।
  • वर्ष 1999 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत 37वाँ टाइगर रिजर्व घोषित किया गया।
  • भूगोल
    • पश्चिमी घाट में स्थित है एवं नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है।
    • नागरहोल नदी पार्क से होकर बहती है।
    • काबिनी नदी नागरहोल एवं बाँदीपुर राष्ट्रीय उद्यान के बीच एक प्राकृतिक सीमा बनाती है।
  • वनस्पतियाँ 
    • मुख्य रूप से आर्द्र पर्णपाती वनों से आच्छादित है।
    • प्रमुख वृक्ष प्रजातियों में सागौन एवं शीशम शामिल हैं।
  • वन्यजीव (जीव): विभिन्न जानवरों का आवास, जैसे:-
    • बड़े स्तनधारी: एशियाई हाथी, बाघ, तेंदुए, गौर (इंडियन बाइसन), स्लोथ बियर।
    • हिरण प्रजातियाँ: चीतल (चित्तीदार हिरण), इंडियन माउस डियर।
    • प्राइमेट: ग्रे लंगूर, बोनेट मकाॅक।
    • मांसाहारी: एशियाई जंगली कुत्ता, धारीदार गर्दन वाला नेवला, लाल नेवला।

ध्रुव स्पेस

हैदराबाद स्थित ध्रुव स्पेस (Dhruva Space) एवं जापान स्थित इन्फोस्टेलर ने 31 मार्च, 2025 को साझेदारी की घोषणा की। 

ध्रुव स्पेस (Dhruva Space) के बारे में 

  • ध्रुव स्पेस एक फुल-स्टैक स्पेस इंजीनियरिंग कंपनी है, जो ग्राउंड स्टेशन समाधान प्रदान करती है। 
  • कंपनी भारत की एकमात्र वाणिज्यिक ग्राउंड स्टेशन समाधान प्रदाता है, जिसमें उच्च विश्वसनीयता प्राप्त  X/Y माउंट सिस्टम हैं। 
  • यह जल्द ही चंद्र एवं डीप स्पेस मिशनों का समर्थन करने के लिए S, X तथा Ka बैंड क्षमताओं के साथ एंटीना (~7.4m) स्थापित करेगी। 
  • इन्फोस्टेलर का योगदान 
    • इन्फोस्टेलर ध्रुव स्पेस के 3.8m S&X-बैंड एंटीना को अपने क्लाउड-आधारित स्टेलरस्टेशन प्लेटफॉर्म में एकीकृत करेगा। 
    • यह सेवा उपग्रह संचार के लिए इन्फोस्टेलर के वैश्विक ग्राहकों के लिए सुलभ होगी। 
  • सहयोग के लाभ 
    • हैदराबाद ग्राउंड स्टेशन लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) उपग्रहों का समर्थन करने, डेटा ट्रांसमिशन एवं मिशन संचालन को बढ़ाने में सहायता करेगा। 
    • ध्रुव स्पेस अब अपनी वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करते हुए ‘एंड-टू-एंड’ सैटेलाइट समाधान प्रदान कर सकता है।

नैनी झील

नैनीताल में एक प्रमुख आकर्षण नैनी झील में जल स्तर 4.7 फीट दर्ज किया गया है, जो पिछले पाँच वर्षों में सबसे कम है।

  • स्थान: उत्तराखंड के नैनीताल को ‘भारत का झील जिला’ भी कहा जाता है।
    • इस शहर का नाम नैनी झील से लिया गया है।
  • झील के बारे में: यह अर्द्धचंद्राकार आकार वाली एक प्राकृतिक मीठे जल की झील है।
    • यह मूल रूप से टेक्टॉनिक गतिविधियों से निर्मित हुई है।
    • नैनी झील कुमाऊँ पहाड़ियों की चार झीलों में से एक है, अन्य नौकुचिया ताल झील, भीमताल झील एवं सातताल झील हैं।
    • यह उत्तराखंड में सतह क्षेत्र के हिसाब से तीसरी सबसे बड़ी झील है।
  • महत्त्व: ऐसा माना जाता है कि नैना देवी मंदिर उस सटीक स्थान को चिह्नित करता है, जहाँ देवी सती की एक आँख गिरी थी, जो इसे 64 शक्ति पीठों में से एक के रूप में चिह्नित करती है।

नैनी झील संबंधी चिंताएँ 

  • पीने के जल की कमी: वर्ष 2024 में शहर के जल की लगभग 76% माँग, नैनी झील द्वारा पूरी की जाती थी। घटते जल स्तर से नैनीताल की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
  • गेज लेवल में गिरावट: विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि झील अपने सामान्य गेज लेवल से नीचे आ सकती है, जिससे जल की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
  • झील वर्ष 2000 के बाद से 10 से अधिक बार अपने शून्य स्तर पर पहुँच चुकी है, जबकि वर्ष 1900 के दशक में यह केवल दो बार ही पहुँची थी।
  • यूट्रोफिकेशन: झील पोषक तत्त्वों के उच्च संचय एवं फाइटोप्लैंकटन की वृद्धि के लिए जानी जाती है।

नैनी झील के घटते जल स्तर के कारण

  • मानव निर्मित बदलाव: अनियोजित निर्माण, अतिक्रमण एवं रिचार्ज जोन का क्षरण जल निस्यंदन में बाधा डालता है।
  • गाद एवं प्रदूषण: गाद में वृद्धि, मलबे का डंपिंग एवं अनुपचारित अपशिष्ट जल,  जल की गुणवत्ता तथा मात्रा में कमी में योगदान करते हैं।
  • जलवायु परिवर्तन: बढ़ते तापमान एवं कम वर्षा तथा बर्फबारी ने जल की कमी को और भी बदतर बना दिया है।

P4 पहल

आंध्र प्रदेश सरकार ने वर्ष 2029 तक गरीबी उन्मूलन के उद्देश्य से P4 (Public-Private-People Partnership) पहल शुरू की है। 

संबंधित तथ्य

  • P4 पहल का उद्देश्य समृद्ध व्यक्तियों एवं वंचित परिवारों के बीच भागीदारी को बढ़ावा देकर सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को पाटना है, जिससे सतत् विकास के लिए एक मॉडल तैयार हो सके। 

P4 पहल के उद्देश्य 

  • वर्ष 2029 तक आंध्र प्रदेश में गरीबी को मिटाना। 
  • आबादी के सबसे धनी 10% लोगों को निचले 20% लोगों की सहायता करने के लिए प्रोत्साहित करना। 
  • लाभार्थियों (मार्गदर्शियों) एवं लाभार्थियों (बंगारू कुटुंबम) के बीच प्रत्यक्ष परामर्श को संस्थागत बनाना। 
  • प्रगति की वास्तविक समय ट्रैकिंग एवं मूल्यांकन के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना। दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए स्वर्ण आंध्र विजन-2047 के साथ संरेखित करना।

स्टूडियो घिबली 

AI के अनुसार,  बटन क्लिक करते ही वह किसी भी चीज को ‘घिबलीफाई’ (Ghiblify) कर सकता है, जो सोशल मीडिया पर AI द्वारा उत्पन्न छवियों से भर जाता है, जो घिबली की विशिष्ट शैली की नकल करती हैं।

घिबली स्टूडियो के बारे में

  • स्टूडियो घिबली, इंक. टोक्यो के कोगनेई में स्थित एक जापानी एनीमेशन स्टूडियो है।
  • इसकी स्थापना 15 जून, 1985 को निर्देशक हयाओ मियाजाकी एवं ईसाओ ताकाहाता तथा निर्माता तोशियो सुजुकी ने की थी।
  • इसकी एनीमेशन उद्योग में मजबूत उपस्थिति है एवं इसने अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए इसमें लघु विषय, टेलीविजन विज्ञापन तथा टेलीविजन फिल्में जैसे विभिन्न मीडिया को शामिल किया है।
  • वे अपनी भावनात्मक गहराई एवं दृश्य सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • बॉलीवुड के दृश्य, इंटरनेट मीम्स एवं वास्तविक जीवन की तस्वीरों को मियाजाकी से प्रेरित घिबली दृश्यों में फिर से कल्पित किया जा रहा है।

AI कला के लिए मियाजाकी का तिरस्कार

  • मियाजाकी ने AI द्वारा उत्पन्न एनीमेशन की खुले तौर पर आलोचना की है, इसे ‘जीवन का अपमान’ कहा है।
  • प्रौद्योगिकी के विकास के साथ ही AI एनीमेशन पर उनकी वर्ष 2016 की प्रतिक्रिया प्रासंगिक बनी हुई है।

AI एवं सच्ची कला के बीच अंतर

  • AI घिबली के सौंदर्यशास्त्र की नकल कर सकता है, लेकिन उसमें उसकी आत्मा एवं भावनात्मक गहराई नहीं है।
  • सच्ची कला मानवीय हाथों, अनुभवों एवं समर्पण से आकार लेती है।
  • एनिमेटरों को गति, संकोच और स्वाभाविक अंतःक्रियाओं में निपुणता प्राप्त करने में वर्षों लग जाते हैं।

घिबली की कला में मानवीय स्पर्श

  • मियाजाकी के बचपन के अनुभव उनकी कहानी और दृश्य शैली को प्रभावित करते हैं।
  • घिबली की खामियाँ और हाथ से बनाई गई कलाएँ इसकी फिल्मों को अद्वितीय बनाती है।
  • AI लुक को दोहरा सकता है, लेकिन यह घिबली के जादू के पीछे के मानवीय सार को पुनः नहीं बना सकता है।

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.