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संक्षेप में समाचार

Lokesh Pal January 28, 2026 03:24 22 0

शांतिकालीन वीरता पुरस्कार

77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (IAF) को ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया गया, जो भारत का शांति काल के समय प्राप्त होने वाला  सर्वोच्च सैन्य सम्मान है।

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (IAF)

  • वह जून 2025 में स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) का दौरा करने वाले पहले भारतीय बने।
  • वह राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय हैं, जिन्हें अशोक चक्र से भी सम्मानित किया गया था।
  • उन्हें विभिन्न लड़ाकू तथा परिवहन विमानों पर 2,000 घंटे से अधिक की  उड़ान अनुभव प्राप्त है।

वर्ष 2026 अन्य पुरस्कार

  • कुल पुरस्कार: वीरता के लिए 70 कर्मियों को सम्मानित किया गया, जिनमें मरणोपरांत कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र पुरस्कार भी शामिल हैं।

वीरता पुरस्कारों को दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है—युद्धकालीन पुरस्कार तथा शांतिकालीन पुरस्कार।

शांतिकालीन वीरता पुरस्कारों के बारे में

  • शांति काल में दिए जाने वाले वीरता पुरस्कार सक्रिय युद्धक्षेत्र अभियानों से बाहर सशस्त्र बलों और नागरिकों द्वारा दिखाए गए असाधारण साहस, वीरता और आत्म-बलिदान को मान्यता देते हैं।
  • अशोक चक्र: युद्धक्षेत्र से दूर “सर्वाधिक विशिष्ट वीरता” या आत्म-बलिदान के लिए प्रदान किया जाने वाला सर्वोच्च शांतिकालीन सैन्य अलंकरण।
  • कीर्ति चक्र: शत्रु के प्रत्यक्ष समक्ष न होने की स्थिति में प्रदर्शित विशिष्ट वीरता के लिए प्रदान किया जाने वाला द्वितीय सर्वोच्च पुरस्कार।
  • शौर्य चक्र: साहस और पराक्रमपूर्ण कार्रवाई को मान्यता देने वाला तृतीय सर्वोच्च पुरस्कार, जो प्रायः आतंकवाद-रोधी अथवा आंतरिक सुरक्षा अभियानों में प्रदान किया जाता है।
  • प्राधिकरण: शांतिकालीन वीरता पुरस्कारों पर विचार केंद्रीय सम्मान एवं पुरस्कार समिति (CH&AC) द्वारा किया जाता है, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री करते हैं तथा जिसमें तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव और गृह सचिव सदस्य होते हैं।
    • सभी पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
  • पात्रता: ये पुरस्कार सैन्य कर्मियों तथा नागरिकों दोनों को प्रदान किए जाते हैं और अनेक मामलों में मरणोपरांत भी दिए जाते हैं।

युद्धकालीन वीरता पुरस्कार (भारत) के बारे में

  • उद्देश्य: युद्धकालीन वीरता पुरस्कार युद्ध या सशस्त्र संघर्ष के दौरान दुश्मन का सामना करते हुए सशस्त्र बलों के कर्मियों द्वारा दिखाई गई असाधारण बहादुरी, नेतृत्व और आत्म-बलिदान को मान्यता देते हैं।
  • सर्वोच्च सम्मान: युद्धकालीन तीन प्रमुख पुरस्कार प्रतिष्ठा के अवरोही क्रम में परम वीर चक्र (PVC), महावीर चक्र (MVC) और वीर चक्र (VrC) हैं।
  • मानदंड: ये पुरस्कार युद्ध अभियानों के दौरान, प्रायः जीवन के अत्यधिक जोखिम की स्थिति में प्रदर्शित विशिष्ट साहस, दुस्साहस अथवा सर्वोच्च पराक्रम के कार्यों के लिए प्रदान किए जाते हैं।
  • विशेषताएँ: ये पुरस्कार मरणोपरांत भी दिए जा सकते हैं, उच्च प्रतीकात्मक महत्त्व रखते हैं (इनसे कोई उपाधि या उपसर्ग/प्रत्यय नहीं जुड़ता) तथा गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषित किए जाते हैं।

पद्म पुरस्कार 2026

गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत एवं विदेशों में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देते हुए 131 पद्म पुरस्कारों को स्वीकृति प्रदान की।

पृष्ठभूमि

  • नागरिक सेवा पुरस्कार सर्वाधिक प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल हैं।
  • भारत सरकार ने वर्ष 1954 में दो नागरिक पुरस्कार भारत रत्न और पद्म विभूषण की स्थापना की थी।
  • इन्हें वर्ष 1955 में क्रमशः पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री नाम दिया गया।

पद्म पुरस्कारों के बारे में

  • वर्ष 1954 में स्थापित पद्म पुरस्कार, भारत रत्न के बाद भारत के द्वितीय सर्वोच्च नागरिक सम्मान हैं, जो सार्वजनिक जीवन में विशिष्ट सेवा और असाधारण योगदान को मान्यता प्रदान करते हैं।
  • पद्म पुरस्कारों के प्रकार
    • पद्म विभूषण: असाधारण एवं विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।
    • पद्म भूषण: उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।
    • पद्म श्री: किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।
  • पात्रता: जाति, व्यवसाय, पद या लैंगिक भेद के बिना सभी व्यक्ति पात्र हैं; वर्ष 2014 से “अज्ञात नायकों (Unsung Heroes)” को मान्यता देने पर विशेष बल दिया गया है।
  • मुख्य विशेषताएँ
    • ये पुरस्कार गणतंत्र दिवस पर घोषित किए जाते हैं और सामान्यतः मार्च–अप्रैल में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
    • पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को एक सनद और पदक प्रदान किया जाता है।
      • यह कोई उपाधि नहीं है और इसे उपसर्ग या प्रत्यय के रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता (अनुच्छेद-18(1))
    • मरणोपरांत तथा विदेशी/प्रवासी श्रेणियों को छोड़कर, वार्षिक अधिकतम 120 पुरस्कार दिए जा सकते हैं।
    • सिफारिशें प्रधानमंत्री द्वारा प्रतिवर्ष गठित पद्म पुरस्कार समिति द्वारा की जाती हैं, जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करते हैं।

पद्म पुरस्कार 2026

  • कुल पुरस्कार: 131 (युग्म सहित)
    • पद्म विभूषण: 5
    • पद्म भूषण: 13
    • पद्म श्री: 113
  • इनमें 19 महिला प्रमुख पुरस्कार प्राप्तकर्ता, 16 मरणोपरांत सम्मान तथा 6 विदेशी/NRI/OCI प्राप्तकर्ता शामिल हैं।
  • प्रमुख पुरस्कार प्राप्तकर्त्ता
    • पद्म विभूषण (मरणोपरांत): वी.एस. अच्युतानंदन (सार्वजनिक कार्य), धर्मेंद्र (कला), शिबू सोरेन (सार्वजनिक कार्य)।
    • अन्य: न्यायमूर्ति के. टी. थॉमस, वायलिन वादक एन. राजम, शिक्षाविद् पी. नारायणन।
  • कला, सार्वजनिक कार्य, खेल, साहित्य एवं सामाजिक सेवा सहित विविध क्षेत्रों का व्यापक प्रतिनिधित्व।

जीवन रक्षा पदक शृंखला पुरस्कार , 2025

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जीवन रक्षा पदक शृंखला पुरस्कार 2025 को स्वीकृति प्रदान की, जिसके अंतर्गत जीवन बचाने में असाधारण साहस के लिए 30 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिनमें छह मरणोपरांत पुरस्कार प्राप्तकर्ता भी शामिल हैं।

जीवन रक्षा पदक शृंखला पुरस्कार, 2025

  • जीवन रक्षा पदक किसी अन्य व्यक्ति के जीवन की रक्षा के लिए प्रदर्शित उदाहरणीय साहस और मानवीय भावना के कार्यों को मान्यता प्रदान करता है।
  • श्रेणियाँ: जोखिम की गंभीरता के आधार पर ये पुरस्कार तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं:
    • सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक
    • उत्तम जीवन रक्षा पदक
    • जीवन रक्षा पदक।
  • स्थापना: वर्ष 1961 में, अशोक चक्र शृंखला के वीरता पुरस्कारों की एक उपश्रेणी के रूप में।
  • निर्णय प्रक्रिया: सिफारिशों की जाँच गृह मंत्रालय द्वारा की जाती है, जो प्रस्तावों को प्रक्रिया के पश्चात् स्वीकृति हेतु प्रस्तुत करता है।
  • प्रदानकर्ता: ये पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं और सामान्यतः गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किए जाते हैं।
  • विशेषताएँ: यह पुरस्कार समाज के सभी वर्गों के व्यक्तियों के लिए उपलब्ध है, मरणोपरांत भी प्रदान किया जा सकता है तथा इसके अंतर्गत एक पदक और सनद दी जाती है।
  • पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को निम्नलिखित एकमुश्त मौद्रिक अनुदान प्रदान किया जाता है:
    • सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक: ₹ 2,00,000/-
    • उत्तम जीवन रक्षा पदक: ₹ 1,50,000/-
    • जीवन रक्षा पदक: ₹ 1,00,000/-
  • जीवन रक्षा पदक पुरस्कार, 2025–26
    • कुल पुरस्कारार्थी: 30 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिनमें 6 सर्वोत्तम, 6 उत्तम और 18 जीवन रक्षा पदक प्राप्तकर्ता शामिल हैं।
    • विशेष मुख्य बिंदु: जीवन रक्षक कार्यों में किए गए सर्वोच्च बलिदान को रेखांकित करते हुए छह पुरस्कार मरणोपरांत प्रदान किए गए।

भारतीय कृषि में जलवायु अनुकूलन का एटलस (ACASA – India)

सरकार ने भारतीय कृषि में जलवायु अनुकूलन का एटलस (ACASA – India) का शुभारंभ उस समय किया, जब NICRA ने अपने 15 वर्ष पूर्ण किए, जो जलवायु-सहिष्णु भारतीय कृषि के लिए रणनीतिक दिशा की आवश्यकता वाले एक महत्त्वपूर्ण चरण को चिह्नित करता है।

भारतीय कृषि में जलवायु अनुकूलन के एटलस (ACASA-India) के बारे में

  • ACASA-India एक वेब-सक्षम डिजिटल जलवायु एटलस है, जिसे किसानों के लिए स्थान-विशिष्ट तथा डेटा-आधारित अनुकूलन योजना का समर्थन करने हेतु डिजाइन किया गया है।
  • प्रमुख विशेषताएँ
    • जिला एवं स्थान-स्तरीय जलवायु जोखिम तथा अनुकूलन संबंधी अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।
    • साक्ष्य-आधारित निर्णयों हेतु जलवायु, फसल, मृदा और प्रबंधन डेटा का एकीकरण करता है।
    • किसानों, योजनाकारों और नीति-निर्माताओं को जलवायु दबावों का पूर्वानुमान लगाने में सहायता करता है।
    • ICAR के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान एवं विस्तार प्रणाली (NARES) द्वारा BISA (दक्षिण एशिया के लिए बोरलॉग संस्थान) तथा CIMMYT [अंतरराष्ट्रीय मक्का एवं गेहूँ सुधार केंद्र (International Maize and Wheat Improvement Center), मैक्सिको] के सहयोग से विकसित।
  • महत्त्व: यह मंच विज्ञान-आधारित कृषि योजना को सुदृढ़ करता है, वर्षा-आश्रित क्षेत्रों में सहनशीलता बढ़ाता है तथा राष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई और कृषि-खाद्य सुरक्षा का समर्थन करता है।

‘नेशनल इनोवेशन्स इन क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर’ (NICRA) के बारे में

  • NICRA भारत सरकार का एक प्रमुख जलवायु-सहिष्णुता कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तनशीलता और परिवर्तन के प्रति भारतीय कृषि की अनुकूलन क्षमता को बढ़ाना है।
  • प्रमुख विशेषताएँ
    • 151 जलवायु-संवेदनशील जिलों में 200 से अधिक स्थानों पर 15 वर्षों से क्रियान्वित।
    • जलवायु-सहिष्णु फसलों, प्रौद्योगिकियों और कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देता है।
    • प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जोखिम न्यूनीकरण और उत्पादकता वृद्धि पर केंद्रित।
    • संस्थागत अभिसरण के माध्यम से संचालित, जिससे नीतियाँ और वैज्ञानिक अनुसंधान सक्षम होते हैं।
  • NICRA, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा संबद्ध क्षेत्रीय मिशनों जैसी योजनाओं का पूरक है तथा भारत को विज्ञान-आधारित जलवायु-सहिष्णु कृषि के वैश्विक मॉडल के रूप में स्थापित करता है एवं विकसित भारत@2047 विजन का समर्थन करता है।

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