100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

संक्षेप में समाचार

Lokesh Pal February 06, 2026 05:17 5 0

ऑपरेशन त्राशी-I (Operation Trashi-I)

जम्मू और कश्मीर में ऑपरेशन त्राशी-I के दौरान संयुक्त सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में एक आतंकवादी को मार गिराया।

ऑपरेशन त्राशी-I के बारे में

  • ऑपरेशन त्राशी-I जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में शुरू किया गया एक प्रमुख आतंकवाद-रोधी अभियान है।
  • कार्य क्षेत्र: किश्तवाड़ जिला, पहाड़ियों, घने जंगलों, गहरी खाइयों और लगभग 2,000 वर्ग किमी. में फैले ऊँचे मार्गों से युक्त है।
  • यह अनंतनाग (कश्मीर घाटी), डोडा (जम्मू), जांस्कर (लद्दाख) और हिमाचल प्रदेश से सटा हुआ है, जो उग्रवादियों को भागने के मार्ग और प्राकृतिक मार्ग प्रदान करता है।
  • संचालन बल: यह भारतीय सेना के व्हाइट नाइट कॉर्प्स (XV कोर) के नेतृत्व में, जम्मू और कश्मीर पुलिस तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सहयोग से चलाया जाने वाला संयुक्त अभियान है।
  • उद्देश्य: मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान-आधारित जैश-ए-मोहम्मद समूह से जुड़े आतंकवादियों का पता लगाना, उन्हें बाहर निकालना और निष्क्रिय करना है।

सेशेल्स (Seychelles)

सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हरमिनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर पाँच दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुँचे।

सेशेल्स के बारे में

  • स्थिति: सेशेल्स पश्चिमी हिंद महासागर में, मेडागास्कर के उत्तर-पूर्व में स्थित एक द्वीपसमूह राष्ट्र है।
  • राजधानी: माहे द्वीप पर स्थित विक्टोरिया राजधानी और सबसे बड़ा शहर है।
  • सरकार: यह बहुदलीय प्रणाली वाला एकात्मक राष्ट्रपति गणराज्य है। इसे वर्ष 1976 में यूनाइटेड किंगडम से स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी।
  • जलवायु: यहाँ उष्णकटिबंधीय महासागरीय जलवायु पाई जाती है, जिसमें वर्षभर तापमान में बहुत कम उतार-चढ़ाव होता है।

भारत–सेशेल्स संबंध

  • राजनयिक संबंध 29 जून, 1976 को सेशेल्स की स्वतंत्रता के बाद स्थापित हुए, जिसमें भारतीय नौसेना पोत (INS नीलगिरी) ने समारोह में भाग लिया।
  • भारत और सेशेल्स दोनों हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) और हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) के प्रमुख रणनीतिक सदस्य हैं।
  • अक्टूबर 2025 में राष्ट्रपति पद ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली आधिकारिक भारत यात्रा है।
  • यह यात्रा भारत–सेशेल्स राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगाँठ (1976) के साथ संरेखित है।
  • यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स की एक प्रमुख समुद्री पड़ोसी के रूप में भूमिका को दर्शाती है।
  • यह भारत के महासागर विजन (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) तथा ग्लोबल साउथ के प्रति उसकी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।

एंथ्रोपिक AI

फरवरी 2026 में एंथ्रोपिक द्वारा ‘AI वर्कप्लेस’ टूल्स लॉन्च किए जाने के बाद वैश्विक तकनीकी शेयरों में तीव्र गिरावट देखी गई, जिसने सासपोकैलिप्स (SaaSpocalypse) की प्रवृत्ति का संकेत दिया।

एंथ्रोपिक AI के बारे में

  • एंथ्रोपिक सैन फ्राँसिस्को स्थित AI कंपनी है, जो क्लॉड (Claude) बिग लैंग्वेज मॉडल के लिए जानी जाती है, जिनका डिजाइन सुरक्षा, विश्वसनीयता और उद्यम उपयोग पर केंद्रित है।
  • कंपनी ने क्लॉड कोवर्क AI एजेंट्स के लिए 11 नए ‘प्लग-इन’ आधारित सूट लॉन्च किया।
  • पहले के AI टूल्स के विपरीत, ये एजेंट केवल सहायता करने के बजाय सीधे कार्य निष्पादित कर सकते हैं।

मुख्य विशेषताएँ

  • ‘एंड-टू-एंड’ कार्य निष्पादन करने में सक्षम स्वायत्त AI एजेंट।
  • पारंपरिक SaaS इंटरफेस पर निर्भर हुए बिना वर्क फ्लो से सीधा संपर्क।
  • कानूनी और वित्तीय विश्लेषण जैसे तर्क-प्रधान कार्यों में उच्च सटीकता।

अनुप्रयोग

  • कानूनी: अनुबंध समीक्षा, NDA विश्लेषण, अनुपालन निगरानी।
  • व्यवसाय: बिक्री ट्रैकिंग, मार्केटिंग एनालिटिक्स, CRM जैसे कार्य
  • डेटा और वित्त: रिपोर्टिंग, प्रवृत्ति विश्लेषण, निर्णय समर्थन।`

सासपोकैलिप्स’ क्या है?

  • सासपोकैलिप्स उस बढ़ती चिंता को दर्शाता है कि AI एजेंट पूरे सॉफ्टवेयर लेयर को बदलकर SaaS कंपनियों को अप्रासंगिक बना सकते हैं।
  • हालिया प्रवृत्ति
    • वैश्विक तकनीकी शेयरों, विशेषकर सॉफ्टवेयर कंपनियों में तेज गिरावट।
    • सेवा-आधारित आउटसोर्सिंग पर निर्भरता के कारण भारतीय आईटी शेयरों में भारी गिरावट।
    • निवेशकों की धारणा में बदलाव: AI अब सहायक नहीं, बल्कि प्रतिस्थापक के रूप में देखा जा रहा है।
  • भारत के लिए प्रासंगिकता
    • भारत का आईटी क्षेत्र सेवा-आधारित मॉडलों पर निर्भर है, जिन्हें AI एजेंट तेजी से स्वचालित कर सकते हैं, जिससे रोजगार विस्थापन, मूल्य ह्रास और त्वरित अनुकूलन की आवश्यकता पर चिंता बढ़ रही है।

भारत टैक्सी

हाल ही में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत के पहले सहकारी-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म भारत टैक्सी का शुभारंभ किया।

भारत टैक्सी के बारे में

  • भारत टैक्सी एक सहकारी-आधारित मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है, जिसे ऐप-आधारित कैब एग्रीगेटर्स के विकल्प के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसमें ड्राइवरों और यात्रियों को प्राथमिकता दी जाती है।
  • उद्देश्य: ड्राइवरों की आय और कार्य स्थितियों में सुधार करते हुए किफायती, पारदर्शी और न्यायसंगत राइड-हेलिंग सेवाएँ प्रदान करना।
  • नोडल निकाय: यह सेवा सहकारिता मंत्रालय की व्यापक परिकल्पना के अंतर्गत सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित की जाती है।
  • कार्य मॉडल: भारत टैक्सी शून्य-कमीशन, ड्राइवर-स्वामित्व वाले सहकारी मॉडल पर कार्य करती है, जिसमें ड्राइवर सामूहिक रूप से प्लेटफॉर्म के स्वामी, शासक और लाभार्थी होते हैं।
  • ड्राइवर-केंद्रित प्रावधान: ड्राइवरों को किराए का 80 प्रतिशत तक सीधे प्राप्त होता है, जिससे आय की स्थिरता में सुधार होता है।
    • भुगतान मासिक क्रेडिट प्रणाली के माध्यम से प्रबंधित किए जाते हैं, जिससे पारदर्शिता और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
  • मुख्य विशेषताएँ
    • पारदर्शी और पूर्वानुमेय किराए, जिनका उद्देश्य सर्ज प्राइसिंग और अत्यधिक पीक-आवर शुल्क से बचना है।
    • एकल मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से कार, ऑटो-रिक्शा और दोपहिया वाहनों सहित मल्टी-मोडल विकल्प।
    • डिजिटल पहुँच, जिसमें एंड्रॉइड और iOS पर उपलब्ध बहुभाषी ऐप के माध्यम से आसान बुकिंग और रियल-टाइम वाहन ट्रैकिंग की सुविधा।
    • सुरक्षा-प्रथम सिद्धांत पर आधारित, जिसमें सत्यापित ड्राइवर ऑनबोर्डिंग, दिल्ली पुलिस के साथ एकीकरण और विश्वसनीय संपर्कों के साथ राइड-शेयरिंग विकल्प शामिल हैं।

महत्त्व: भारत टैक्सी सहकारी उद्यमिता को मजबूत करती है, निष्पक्ष मोबिलिटी सेवाएँ सुनिश्चित करती है और समावेशी, जन-केंद्रित शहरी परिवहन समाधानों को बढ़ावा देती है।

सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS)

कथित अनुचित उपयोग को लेकर हालिया राजनीतिक बहस ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) को पुनः राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के बारे में

  • MPLADS भारत सरकार द्वारा पूर्णतः वित्तपोषित एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जो संसद सदस्यों (MPs) को स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर स्थायी सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण हेतु विकास कार्यों की अनुशंसा करने में सक्षम बनाती है।
  • प्रारंभ: दिसंबर 1993
  • प्रशासक: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI)।
  • निधि सीमा: प्रत्येक सांसद को प्रति वर्ष ₹5 करोड़ का अधिकार है, जो ₹2.5 करोड़ की दो समान किश्तों में जिला प्राधिकरण (आमतौर पर जिला कलेक्टर) को जारी किए जाते हैं।
    • निधियाँ गैर-व्यपगत (Non-lapsable) होती हैं और अप्रयुक्त रहने पर आगे बढ़ा दी जाती हैं। अप्रैल 2023 से, दक्षता बढ़ाने के लिए निधियाँ केंद्रीय नोडल खाता (CNA) के माध्यम से प्रवाहित की जाती हैं।
  • आवंटन मानदंड: SC क्षेत्रों के लिए 15% और ST क्षेत्रों के लिए 7.5% का अनिवार्य आरक्षण।
  • अनुशंसा का क्षेत्र
    • लोकसभा सांसद – अपने निर्वाचन क्षेत्र के भीतर
    • राज्यसभा सांसद – अपने राज्य के भीतर
    • लोकसभा और राज्यसभा के नामित सांसद – भारत में कहीं भी।
  • सीमित लचीलापन: सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्र/राज्य से बाहर प्रति वर्ष ₹50 लाख तक तथा गंभीर प्राकृतिक आपदाओं के दौरान ₹1 करोड़ तक के कार्यों की अनुशंसा कर सकते हैं।
  • निगरानी: ऑनलाइन डैशबोर्ड, जियो-टैगिंग और जिला-स्तरीय कार्यान्वयन पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं।
  • MPLADS के अंतर्गत अनुमत कार्य: निधियों का उपयोग केवल स्थायी परिसंपत्तियों के लिए किया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं—
    • पेयजल और स्वच्छता सुविधाएँ
    • विद्यालय भवन और शैक्षिक अवसंरचना
    • सार्वजनिक स्वास्थ्य परिसंपत्तियाँ
    • सड़कें, पुल और बुनियादी नागरिक सुविधाएँ।

उपयोग को लेकर आलोचना के बावजूद, ऐतिहासिक आँकड़े पर्याप्त निधि उपयोग दर्शाते हैं, जिससे MPLADS को समाप्त करने के स्थान पर क्षमता और निगरानी सुधारने की आवश्यकता स्पष्ट होती है।

लेबनान-इजरायल ब्लू लाइन

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों (UNIFIL) ने दक्षिणी लेबनान में ब्लू लाइन के कुछ हिस्सों में गश्त और नियमित गतिविधियों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया।

  • इजरायली सेना ने ब्लू लाइन’ के पास एक गैर-विषाक्त रासायनिक पदार्थ छोड़ने की घोषणा की।

संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक (UNIFIL) के बारे में

  • संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल, लेबनान (UNIFIL), लेबनान–इजरायल सीमा (ब्लू लाइन) पर एक संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन है।
  • स्थापना: वर्ष 1978।
    • वर्ष 2006 में इजरायल–हिजबुल्लाह युद्ध के बाद UNSC प्रस्ताव 1701 के तहत इसका जनादेश विस्तारित किया गया।
  • प्रमुख उद्देश्य: सीमा क्षेत्र में शत्रुता की समाप्ति की निगरानी करना और उल्लंघनों को रोकना।
  • क्षेत्र नियंत्रण एवं शत्रुता निवारण: UNIFIL को यह सुनिश्चित करने का अधिकार है कि उसके संचालन क्षेत्र का उपयोग शत्रुतापूर्ण गतिविधियों, हथियारों या लड़ाकों की उपस्थिति के लिए न हो।
  • बल प्रयोग एवं परिचालन सीमाएँ: यह बल सशस्त्र है, लेकिन मुख्यतः पर्यवेक्षणात्मक है; बल प्रयोग केवल आत्मरक्षा या नागरिकों की सुरक्षा हेतु अनुमत है।

ब्लू लाइन (लेबनान–इजरायल सीमा) के बारे में

  • स्वरूप: संयुक्त राष्ट्र द्वारा पहचानी गई वापसी रेखा (2000), जिसे दक्षिणी लेबनान से इजरायल की वापसी की पुष्टि हेतु निर्धारित किया गया, यह अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं है।
  • कानूनी स्थिति: एक तकनीकी और अस्थायी सीमांकन, जिसका उपयोग केवल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुपालन की निगरानी के लिए किया जाता है।
  • भौगोलिक विस्तार: लगभग 120 किमी. तक विस्तृत है, जो नाकौरा के पास भूमध्यसागर तट से लेकर शेबा फार्म्स और गोलन हाइट्स के निकट त्रि-जंक्शन क्षेत्र तक जाती है।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: UNSC प्रस्ताव 425 और 426 (1978) के तहत वर्ष 2000 में इजरायल की वापसी के बाद सीमांकित।
  • पर्यवेक्षण: लेबनानी सशस्त्र बलों के समन्वय से UNIFIL द्वारा।
  • विवादित क्षेत्र: इसमें शेबा फार्म्स, घाजर गाँव और कफारचौबा पहाड़ियाँ जैसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं।

रणनीतिक महत्त्व: UNSC प्रस्ताव 1701 के तहत UNIFIL का मुख्य परिचालन क्षेत्र बनाता है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और नागरिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।

एम. अनंतसायनम अय्यंगार

हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संविधान सदन में पूर्व अध्यक्ष एम. अनंतसायनम अय्यंगार की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

एम. अनंतसायनम अय्यंगार के बारे में

  • मदभूषी अनंतसायनम अय्यंगार (1891–1978) एक वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी, विधिवेत्ता और प्रतिष्ठित सांसद थे, जिन्हें भारत की प्रारंभिक संसदीय परंपराओं के प्रमुख निर्माताओं में से एक के रूप में याद किया जाता है।
  • प्रारंभिक जीवन: 4 फरवरी, 1891 को तिरुचाणूर (तिरुपति के निकट, आंध्र प्रदेश) में जन्म हुआ। उन्होंने मद्रास के पचैयप्पा कॉलेज में अध्ययन किया और वर्ष 1913 में मद्रास लॉ कॉलेज से विधि की डिग्री प्राप्त की।
    • उन्होंने अपने कॅरियर की शुरुआत एक शिक्षक के रूप में की, वे ‘केस लॉ’ पर अपनी गहन और व्यापक पकड़ के कारण एक प्रतिष्ठित एवं प्रख्यात विधिवेत्ता के रूप में उभरे।
  • प्रमुख योगदान
    • स्वतंत्रता संग्राम: असहयोग आंदोलन, व्यक्तिगत सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की। लगभग तीन वर्षों तक कारावास की सजा काटी।
    • संविधान निर्माण: संविधान सभा और उसकी संचालन समिति के सदस्य रहे। संसदीय परंपराओं की नींव रखने में योगदान दिया।
    • संसदीय नेतृत्व: लोकसभा के उपाध्यक्ष और बाद में अध्यक्ष (1956–62) रहे। निष्पक्षता, स्पष्ट निर्णय और संसदीय मर्यादा की रक्षा के लिए प्रसिद्ध थे।
    • संस्थागत सुधार: प्रश्नों, स्थगन प्रस्तावों, गणपूर्ति (क्वोरम) और मंत्रिस्तरीय जवाबदेही पर उनके निर्णय स्थायी मिसाल बने।
  • विरासत: उन्होंने भारत की संसदीय लोकतंत्र की नींव मजबूत की।
    न्यायिक स्वतंत्रता, सामाजिक सुधार और धर्मनिरपेक्षता के समर्थक रहे। बाद में बिहार के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया।

    • 19 मार्च, 1978 को निधन तक वे तिरुपति के संस्कृत विद्यापीठ और परोपकारी कार्यों से जुड़े रहे।

ब्रिक्स औद्योगिक दक्षता केंद्र (BCIC)

हाल ही में भारत ने ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं में इंडस्ट्री 4.0 को अपनाने और MSME प्रतिस्पर्द्धात्मकता को मजबूत करने के लिए औपचारिक रूप से ब्रिक्स औद्योगिक दक्षता केंद्र (BCIC) से जुड़ाव स्थापित किया।

ब्रिक्स औद्योगिक दक्षता केंद्र (BCIC) के बारे में

  • BCIC एक बहुपक्षीय सार्वजनिक–निजी मंच है, जो ब्रिक्स और ब्रिक्स प्लस देशों में विनिर्माण उद्यमों और MSMEs को एकीकृत सहायता प्रदान करता है।
    • यह औद्योगिक आधुनिकीकरण, डिजिटल परिवर्तन और सतत् विनिर्माण पर केंद्रित है।
    • यह ब्रिक्स की नई औद्योगिक क्रांति साझेदारी (PartNIR) के अंतर्गत कार्य करता है।
  • मिशन: उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों, नवाचार और सीमा-पार औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देकर औद्योगिक प्रतिस्पर्द्धात्मकता, उत्पादकता और लचीलापन बढ़ाना।
  • उद्गम और संस्थागत समर्थन: BCIC की शुरुआत 2024–25 में संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) के मुख्यालय में की गई।
    • UNIDO तकनीकी विशेषज्ञता और संस्थागत समर्थन प्रदान करता है, जिससे वैश्विक औद्योगिक विकास मानकों के अनुरूपता सुनिश्चित होती है।
  • BCIC के प्रमुख कार्य
    • इंडस्ट्री 4.0 और फैक्टरी डिजिटलाइजेशन को समर्थन।
    • प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और अनुसंधान संस्थानों के साथ साझेदारी को बढ़ावा।
    • बाजार सूचना, परामर्श सेवाएँ और वित्त तक पहुँच प्रदान करना।
    • कौशल, उत्पादकता और सतत् औद्योगिक प्रथाओं को बढ़ावा देना।
  • भारत की भूमिका: भारत की भागीदारी DPIIT और UNIDO के बीच ट्रस्ट फंड समझौते के माध्यम से औपचारिक की गई है।
    • राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) को भारत का नोडल केंद्र नामित किया गया है, जो सहभागिता, क्षमता निर्माण और उत्पादकता वृद्धि पहलों का नेतृत्व करेगा।

भारत के लिए महत्त्व

भारतीय कंपनियों को ब्रिक्स वैल्यू चेन में एकीकृत करने, नए बाजारों तक पहुँच प्रदान करने और वैश्विक स्तर पर नवाचार को बढ़ाने में सक्षम बनाकर मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को सशक्त करता है।

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.