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OSIRIS-REx और क्षुद्रग्रह बेन्नू

Lokesh Pal January 07, 2026 03:30 20 0

संदर्भ

नासा के OSIRIS-REx मिशन द्वारा वर्ष 2023 में पृथ्वी के निकट स्थित क्षुद्रग्रह बेन्नू से सफलतापूर्वक नमूने वापस लाए गए। इन नमूनों के प्रयोगशाला में किए गए विश्लेषण से जटिल कार्बनिक अणु और प्राचीन तारकीय पदार्थ की खोज हुई, जिससे सौरमंडल के विकास और जीवन की उत्पत्ति की समझ को गहनता से समझने में मदद मिल सकती है।

OSIRIS-REx मिशन के बारे में

  • पूर्ण नाम: ‘ओरिजिन्स, स्पेक्ट्रल इंटरप्रिटेशन, रिसोर्स आइडेंटिफिकेशन, एंड सिक्योरिटी–रेगोलिथ एक्सप्लोरर’ (OSIRIS-REx)
  • सहयोग: इस विश्लेषण में नासा और JAXA (जापान) शामिल हैं, जिसमें इटोकावा (Itokawa) और रयुगु (Ryugu) मिशनों से प्राप्त पूर्व विशेषज्ञता का लाभ उठाया गया है।
  • उद्देश्य: पृथ्वी के निकट स्थित एक क्षुद्रग्रह का अध्ययन करना और विस्तृत विश्लेषण के लिए रेगोलिथ सैंपल’ पृथ्वी पर वापस लाना।
  • मिशन श्रेणी: नासा का तीसरा न्यू फ्रंटियर्स साइंस मिशन, जो उच्च प्राथमिकता आधारित ग्रहीय विज्ञान उद्देश्यों पर केंद्रित है।
  • नमूना संग्रह: अक्टूबर 2020 में ‘टच-एंड-गो’ [Touch-and-Go (TAG)] मिशन के माध्यम से किया गया।
  • नमूना वापस लाना: कैप्सूल सितंबर 2023 में पैराशूट का उपयोग करके पृथ्वी पर नमूने लेकर सुरक्षित रूप से उतरा।

बेन्नू (Bennu) के बारे में

  • प्रकृति: कार्बन से युक्त पृथ्वी के निकट स्थित एक क्षुद्रग्रह, जो प्रारंभिक कार्बनिक रसायन विज्ञान के अध्ययन के लिए आदर्श है।
  • कक्षीय समूह: पृथ्वी के समीप परिक्रमा करने वाले अपोलो समूह के क्षुद्रग्रहों का सदस्य होने के कारण यह वैज्ञानिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।
  • स्थानांतरण और प्रारंभिक निर्माण: मूलतः लगभग 4.6 अरब वर्ष पूर्व शनि की कक्षा से परे स्थित शीतल क्षेत्रों में निर्मित यह पिंड, बृहस्पति के कक्षीय स्थानांतरण के परिणामस्वरूप आंतरिक क्षुद्रग्रह पेटी में स्थानांतरित हो गया।
  • वैज्ञानिक महत्त्व: इसे प्रारंभिक सौर मंडल का एकटाइम कैप्सूल’ माना जाता है, जो निर्माण के बाद से लगभग अपरिवर्तित पदार्थों को संरक्षित रखता है।

प्रमुख खोजें

  • जैविक निर्माण खंड: DNA और RNA निर्माण के लिए आवश्यक अमीनो अम्ल और सभी पाँच न्यूक्लियोबेस की उपस्थिति पाई गई है।
  • जीवन के लिए आवश्यक शर्करा: राइबोज (RNA का एक प्रमुख घटक) और ग्लूकोज (चयापचय के लिए मुख्य भूमिका) की खोज, जो किसी क्षुद्रग्रह पर 6-कार्बन शर्करा की पहली पहचान को चिह्नित करती है।
    • इष्टतम निर्माण परिस्थितियाँ: ये छह-कार्बन अणु—जो किसी क्षुद्रग्रह पर अब तक पहचाने गए अपनी प्रकृति के प्रथम अणु हैं—अत्यंत निम्न तापमान पर तरल लवणीय जल की संरक्षित सूक्ष्म कोषिकाओं में निर्मित हुए, जिसने उन्हें विनाशकारी सौर विकिरण के प्रभाव से सुरक्षित रखा।।
  • नाइट्रोजन-समृद्ध पॉलिमर: कार्बोमेट पॉलिमर की पहचान की गई है, जो जीवन के लिए आवश्यक नाइट्रोजन के संभावित बाह्य अंतरिक्ष स्रोत का संकेत देते हैं।
    • कार्बोमेट और पॉलिमर: विशेषतः कार्बोमेट के रूप में पहचाने गए ये नाइट्रोजन-समृद्ध पदार्थ, कठोर होने से पूर्व मुलायम एवं श्यान रूप में विद्यमान थे; ये किसी भी बाह्य अंतरिक्षीय नमूने में अब तक की सबसे लंबी पॉलिमर शृंखलाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • पूर्व-सौर कण (Presolar Grains): प्राचीन तारों और सुपरनोवा से धूल की असाधारण रूप से उच्च सांद्रता, जो सूर्य के निर्माण से भी पहले मौजूद थी।
    • सुपरनोवा संकेंद्रण और निहारिका तापन: पूर्व-सौर कणों का संकेंद्रण अन्य अध्ययन किए गए उल्कापिंडों की तुलना में कम-से-कम छह गुना अधिक पाया गया है।
    • ये कण निहारिका तापन’ के संकेत दर्शाते हैं, जो सूर्य की उत्पत्ति के दौरान उत्सर्जित तीव्र ऊर्जा से विकृत हो गए थे।

प्रभाव

  • जीवन की उत्पत्ति के सिद्धांतों पर: यह शोध RNA-जगत परिकल्पना को सुदृढ़ करता है, यह दर्शाता है कि RNA से संबंधित अणु अंतरिक्ष में निर्मित हुए और क्षुद्रग्रहों द्वारा पृथ्वी पर लाए गए।
    • बेन्नू क्षुद्रग्रह पर नाइट्रोजन-समृद्ध पॉलिमर की खोज से हाइड्रोथर्मल वेंट सिद्धांत’ में मौजूदनाइट्रोजन की कमी’ को दूर करने में मदद मिलती है, जिससे RNA निर्माण के लिए आवश्यक नाइट्रोजन का स्रोत प्राप्त होता है।
  • ग्रहीय विज्ञान पर: छोटे पिंडों पर तरल जल द्वारा संचालित रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रमाण प्रकट करता है।
    • क्षुद्रग्रहों के विकास, टकराव के इतिहास और आंतरिक रसायन विज्ञान की समझ को बढ़ाता है।

महत्त्व

  • खगोल जीव वैज्ञानिक महत्त्व: यह दर्शाता है कि कार्बन से युक्त क्षुद्रग्रह जीवन के लिए आवश्यक संपूर्ण आणविक संरचना को धारण कर सकते हैं।
    • यह सौर मंडल में जीवन की उत्पत्ति संबंधी प्रक्रियाओं की संभावना को पुष्ट करता है।
  • ब्रह्मांडीय रासायनिक और खगोलीय महत्त्व: यह सौर मंडल के निर्माण में पूर्व-सौर पदार्थों और सुपरनोवा के योगदान की दुर्लभ जानकारी प्रदान करता है।
    • यह सूर्य की उत्पत्ति से पूर्व और उसके दौरान के रासायनिक वातावरण के पुनर्निर्माण में सहायक है।

निष्कर्ष

OSIRIS-REx मिशन ने बेन्नू को प्रारंभिक सौर मंडल के प्राकृतिक भंडार के रूप में स्थापित किया है, जो इस बात का प्रमाण प्रस्तुत करता है कि कार्बनिक यौगिक अंतरिक्ष में उत्पन्न हुए और बाद में पृथ्वी पर पहुँचे, जिससे ग्रहों तथा जैविक उत्पत्ति के बारे में हमारी समझ में अत्यधिक परिवर्तन आया है।

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