100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

PACL मनी लॉण्ड्रिंग मामला

Lokesh Pal January 28, 2026 03:11 13 0

संदर्भ

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पर्ल्स एग्रो-टेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (PACL) से जुड़े धनशोधन (मनी लॉण्ड्रिंग) मामले की चल रही जाँच के अंतर्गत अचल संपत्ति को कुर्क किया है।

पर्ल्स एग्रो-टेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (PACL) / पर्ल्स समूह घोटाले के बारे में

  • PACL घोटाला भारत के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक है, जिसे प्रायः पोंजी-सदृश योजना अथवा अवैध सामूहिक निवेश योजना के रूप में वर्णित किया जाता है।
  • घोटाले की प्रकृति: नियामकीय स्वीकृति के बिना भूमि आवंटन या अत्यधिक प्रतिफल का वादा कर धन एकत्र किया गया।
    • निधियों को शेल कंपनियों और बेनामी परिसंपत्तियों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया, जिससे वित्तीय कानूनों का उल्लंघन हुआ।
  • सेबी की कार्रवाई: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने PACL की योजनाओं को अवैध घोषित किया (वर्ष 2014)।
  • धनशोधन: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PACL के विरुद्ध धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के अंतर्गत मामला दर्ज किया।
    • आरोपों में निधियों की लेयरिंग, मुखौटा कंपनियों का उपयोग तथा विदेश और देश में संपत्तियों की खरीद शामिल है।

धनशोधन (Money Laundering) के बारे में

  • परिभाषा: धनशोधन वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से अवैध रूप से अर्जित धन को उसकी आपराधिक उत्पत्ति को छिपाकर वैध स्वरूप प्रदान किया जाता है।
    • यह आपराधिक गतिविधियों से अर्जित “अवैध धन” को “वैध धन” में परिवर्तित कर देता है, जिससे उसका खुले तौर पर उपयोग किया जा सके और संदेह उत्पन्न नहीं होता है।
  • धनशोधन के तीन चरण
    • प्लेसमेंट (Placement): इस चरण में अवैध नकदी को बैंक जमा, परिसंपत्तियों की खरीद अथवा सीमा पार मुद्रा की तस्करी जैसे माध्यमों से वित्तीय प्रणाली में प्रविष्ट कराया जाता है।
    • लेयरिंग (Layering): इसमें जटिल वित्तीय लेन-देन की अनेक ‘लेयर’ बनाई जाती हैं ताकि धन के स्रोत का पता न चल सके।
    • इंटीग्रेशन (Integration): इस चरण में शोधन किया गया धन, अर्थव्यवस्था में वैध रूप में पुनः प्रविष्ट कराया जाता है, जैसे-रियल एस्टेट, व्यवसाय या अन्य परिसंपत्तियों में निवेश के माध्यम से
  • संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, वैश्विक GDP का लगभग 2–5% (800 अरब डॉलर से 2 ट्रिलियन डॉलर) प्रतिवर्ष धनशोधन के अंतर्गत आता है।

धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के बारे में

  • धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 भारत का प्रमुख धनशोधन-रोधी (AML) कानून है।
  • यह अधिनियम वर्ष 2002 में पारित हुआ तथा 1 जुलाई 2005 से प्रवर्तित हुआ।
  • उद्देश्य: इस अधिनियम का उद्देश्य धनशोधन को रोकना, अपराध से अर्जित आय को जब्त करना तथा धनशोधन अपराधों की पहचान और अभियोजन हेतु तंत्र स्थापित करना है।
  • रिपोर्टिंग दायित्व: बैंकिंग कंपनियों, वित्तीय संस्थानों तथा मध्यस्थों को लेन-देन का अभिलेख बनाए रखना तथा ग्राहकों की पहचान सत्यापित करना अनिवार्य है।
    • उन्हें संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्ट वित्तीय खुफिया इकाई–भारत (FIU-IND) को देनी होती है।
  • कुर्की और जब्ती: प्रवर्तन निदेशालय धनशोधन से संबंधित संपत्ति को अधिकतम 180 दिनों के लिए अस्थायी रूप से कुर्क कर सकता है।
  • विशेषताएँ: इस अधिनियम के अंतर्गत यह दायित्व अभियुक्त पर होता है कि वह सिद्ध करे कि उसकी संपत्ति अपराध के माध्यम से अर्जित आय नहीं है।
  • प्रमुख प्रवर्तन एजेंसियाँ
    • प्रवर्तन निदेशालय (ED): मुख्य जाँच एजेंसी; यह धनशोधन की जाँच करती है, अपराध से अर्जित आय का पता लगाती है, संपत्तियों को कुर्क करती है तथा अभियोजन संचालित करती है।
    • वित्तीय खुफिया इकाई–भारत (FIU-IND): एक केंद्रीय एजेंसी, जो रिपोर्टिंग संस्थाओं से वित्तीय सूचनाएँ प्राप्त करती है, उनका विश्लेषण करती है और संबंधित एजेंसियों को प्रेषित करती है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बारे में

  • प्रवर्तन निदेशालय एक विशिष्ट वित्तीय जाँच एजेंसी है, जो आर्थिक कानूनों के प्रवर्तन तथा धनशोधन और विदेशी मुद्रा उल्लंघनों से निपटने के लिए उत्तरदायी है।
  • यह भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद वित्तपोषण और धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराधों से उत्पन्न अपराध-आय को लक्ष्य बनाता है।
  • स्थापना: वर्ष 1956 में आर्थिक कार्य विभाग के अंतर्गत प्रवर्तन इकाई के रूप में स्थापित।
    • वर्ष 1957 में इसे प्रवर्तन निदेशालय नाम दिया गया।
  • प्रशासनिक नियंत्रण: राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
  • प्रमुख प्रवर्तित विधियाँ
    • धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002: अपराध से अर्जित आय के शोधन से संबंधित अपराधों की जाँच ED द्वारा की जाती है।
    • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999: सीमा-पार विदेशी मुद्रा लेन-देन को विनियमित करता है; FEMA के अंतर्गत ED मुख्यतः सिविल न्याय निर्णायक भूमिका निभाता है।

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.