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Lokesh Pal
January 03, 2025 03:52
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विपक्ष तथा सत्ता पक्ष दोनों द्वारा संसद की कार्यवाही में प्रतिस्पर्द्धात्मक व्यवधान के कारण संसद का हाल ही में संपन्न शीतकालीन सत्र हास्यास्पद बन गया।
लोकतंत्र की आधारशिला के रूप में अपनी भूमिका को बहाल करने के लिए संसदीय गरिमा तथा विचार-विमर्श प्रथाओं का पुनरुद्धार आवश्यक है। आपसी विश्वास, नियमों का प्रवर्तन और सार्वजनिक जवाबदेही संसदीय उत्कृष्टता के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।
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