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Lokesh Pal
April 10, 2026 02:00
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हाल ही में भारत ने अपने नागरिक परमाणु कार्यक्रम में एक उपलब्धि प्राप्त की, जब कल्पक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने क्रिटिकलिटी की अवस्था प्राप्त की।


प्रथम चरण में प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWRs) का उपयोग किया जाता है, जो प्राकृतिक यूरेनियम का उपयोग करते हैं, जिससे महँगी संवर्द्धन (Enrichment) प्रक्रिया की अवसंरचना की आवश्यकता नहीं होती।
द्वितीय चरण फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (FBRs) के माध्यम से परमाणु ईंधन के उपभोग से उत्पादन की ओर एक परिदृश्य परिवर्तन को चिह्नित करता है।
अप्रैल 2026 तक, भारत ने अपने राष्ट्रीय ग्रिड में परमाणु ऊर्जा को एक ‘बेसलोड’ स्तंभ के रूप में सफलतापूर्वक एकीकृत कर लिया है।

कल्पक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) का क्रिटिकलिटी की अवस्था प्राप्त करना भारत के त्रि-चरणीय परमाणु कार्यक्रम में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। यह भारत के चरण II (फास्ट ब्रीडर प्रौद्योगिकी) में प्रवेश का संकेत देता है, जिससे क्लोज्ड फ्यूल साइकिल, ऊर्जा सुरक्षा और दीर्घकालिक थोरियम-आधारित परमाणु रणनीति को सुदृढ़ता मिलती है।
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