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Lokesh Pal
February 02, 2026 02:00
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आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 ने बढ़ती डिजिटल लत और स्क्रीन से जुड़ी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को एक प्रमुख उभरती हुई सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में चिह्नित किया है, जो विशेष रूप से बच्चों और किशोरों को प्रभावित कर रही है।
डिजिटल सहभागिता के विस्तृत पैमाने, उच्च तीव्रता और युवा-केंद्रित स्वरूप ने डिजिटल लत को केवल एक व्यक्तिगत व्यवहारिक समस्या से आगे बढ़ाकर सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा तथा मानव पूँजी से जुड़ी एक प्रणालीगत चुनौती में परिवर्तित कर दिया है।
डिजिटल लत का समाधान एक संतुलित दृष्टिकोण की माँग करता है, जिसमें जागरूकता, नियमन, नैतिक तकनीक डिजाइन, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, सामुदायिक सहभागिता और जिम्मेदार व्यक्तिगत व्यवहार शामिल हों, ताकि भारत की मानव पूँजी और सामाजिक कल्याण सुरक्षित रह सके।
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