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Lokesh Pal
January 08, 2026 02:17
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हाल ही में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने राज्य वित्त पर अपने महत्त्वपूर्ण प्रकाशन का दूसरा संस्करण जारी किया है। इस रिपोर्ट का पहला संस्करण, ‘राज्य वित्त 2022-23′, सितंबर 2025 में जारी किया गया था।
CAG के दूसरे संस्करण में राज्यों के लिए राजकोषीय स्वायत्तता बढ़ाने, पूँजीगत व्यय को प्राथमिकता देने, सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने और ऋण स्थिरता मानदंडों का पालन करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया गया है। ये सुधार राजकोषीय संघवाद को मजबूत करेंगे, व्यापक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करेंगे और पूरे भारत में समान तथा सतत् विकास को बढ़ावा देंगे।
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