100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

शहीद दिवस

Lokesh Pal March 25, 2026 06:07 6 0

संदर्भ

23 मार्च, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद दिवस के अवसर पर भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीद दिवस के बारे में

  • भारत में शहीद दिवस प्रतिवर्ष 23 मार्च को मनाया जाता है, ताकि क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानियों—भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर के बलिदान का सम्मान किया जा सके।
  • पृष्ठभूमि: 23 मार्च, 1931 को इन क्रांतिकारियों को ब्रिटिश शासन द्वारा लाहौर जेल में औपनिवेशिक विरोधी गतिविधियों में उनकी भूमिका के कारण फाँसी दी गई थी।
    • लाहौर षड्यंत्र केस (1929–1931): यह एक ऐतिहासिक मुकदमा था, जिसमें ब्रिटिश सरकार ने वर्ष 1928 में पुलिस अधिकारी जे.पी. सॉन्डर्स की हत्या के आरोप में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु पर अभियोग चलाया।
  • वर्ष 2026 की थीम: शहीद दिवस 2026 की थीम “मेरा भारत मेरी जिम्मेदारी” है, जो युवाओं की जिम्मेदारी और राष्ट्र-निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर देती है।

भगत सिंह के बारे में

  • भगत सिंह (1907–1931) एक प्रमुख क्रांतिकारी समाजवादी थे, जो भारत के औपनिवेशिक विरोधी आंदोलन के प्रतीक बन गए।
  • प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा: उनका जन्म वर्ष 1907 में पंजाब में हुआ था। जलियाँवाला बाग हत्याकांड से वे गहराई से प्रभावित हुए और 1920 के दशक में लाहौर के नेशनल कॉलेज में अध्ययन किया, जहाँ उनके विचार अधिक क्रांतिकारी बने।

  • मुख्य योगदान
    • उन्होंने 1929 में बटुकेश्वर दत्त के साथ केंद्रीय विधान सभा में बम विस्फोट किया, जिसका उद्देश्य दमनकारी कानूनों का विरोध करना था।
    • उन्होंने वर्ष 1928 में सॉन्डर्स की हत्या में भी भाग लिया।
    • उन्होंने वर्ष 1928 में हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के माध्यम से समाजवादी विचारधारा को बढ़ावा दिया तथा वर्ष 1926 में नौजवान भारत सभा की स्थापना की।
    • वह उर्दू, हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी में विभिन्न क्रांतिकारी पत्र-पत्रिकाओं के लिए लेखन करते थे।
      • उन्होंने मैं नास्तिक क्यों हूँ” (1930) जैसे प्रसिद्ध लेख भी लिखे।
  • विरासत: 23 मार्च, 1931 को मात्र 23 वर्ष की आयु में उन्हें फाँसी दी गई, और वह आज भी साहस, बौद्धिक स्पष्टता तथा क्रांतिकारी राष्ट्रवाद के स्थायी प्रतीक बने हुए हैं।

शिवराम राजगुरु के बारे में

  • शिवराम राजगुरु (1908–1931) एक साहसी क्रांतिकारी थे, जो ब्रिटिश शासन के विरुद्ध अपने उग्र कार्यों के लिए प्रसिद्ध थे।
  • प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा: वर्ष 1908 में महाराष्ट्र में जन्मे राजगुरु ने अपने प्रारंभिक जीवन में शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्त किया और मजबूत राष्ट्रवादी विचारों का विकास किया।

  • मुख्य योगदान
    • उन्होंने जे.पी. सॉन्डर्स की हत्या (1928) में निर्णायक भूमिका निभाई, जो लाला लाजपत राय की मृत्यु का बदला लेने के लिए की गई थी; लाजपत राय की मृत्यु साइमन कमीशन (1928) के विरोध के दौरान हुई थी।
    • वह HSRA (1928) के सक्रिय सदस्य थे।
      • उन्होंने क्रांतिकारी अभियानों में एक कुशल निशानेबाज के रूप में योगदान दिया।
  • विरासत: 23 मार्च, 1931 को उन्हें फाँसी दी गई। वह अपने साहस, समर्पण और युवा बलिदान के लिए स्मरण किए जाते हैं।

सुखदेव थापर के बारे में

  • सुखदेव थापर (1907–1931) भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख क्रांतिकारी संगठक और विचारक थे।
  • प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा: वर्ष 1907 में लुधियाना में जन्मे सुखदेव छात्र जीवन से ही राष्ट्रवादी और क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय हो गए थे।

  • मुख्य योगदान
    • उन्होंने 1920 के दशक में पंजाब में HSRA का गठन किया।
    • उन्होंने लाहौर षड्यंत्र केस में केंद्रीय भूमिका निभाई।
    • उन्होंने अनुशासित संगठन पर जोर दिया और युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरित एवं संगठित किया।
  • विरासत: 23 मार्च, 1931 को फाँसी दी गई, उन्हें उनके नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता और भारत की स्वतंत्रता के प्रति अटूट समर्पण के लिए याद किया जाता है।

शहीद दिवस का महत्त्व

  • बलिदान और देशभक्ति का प्रतीक: शहीद दिवस युवा क्रांतिकारियों के सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करता है और साहस तथा राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को सुदृढ़ करता है।
  • युवाओं के लिए प्रेरणा: यह दिवस युवाओं को न्याय, समानता और सक्रिय नागरिक भागीदारी के आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
  • राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करना: यह इस बात की याद दिलाता है कि भारत की स्वतंत्रता, सामूहिक संघर्ष का परिणाम थी और यह संवैधानिक मूल्यों तथा राष्ट्र-निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करता है।

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.