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ताज ट्रेपेजियम जोन

Lokesh Pal January 08, 2026 02:36 33 0

संदर्भ

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) में पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन न करने के संबंध में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।

प्रमुख आरोप

  • अवैध वृक्ष कटाई: आवेदन में दावा किया गया है कि ताजमहल से 5 किलोमीटर के दायरे में पेड़ों की अवैध कटाई की जा रही है, जो सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की वृक्ष कटाई के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य है।
  • अवैध निर्माण और अतिक्रमण: आगरा विकास प्राधिकरण पर ताजमहल और आगरा किले के बीच स्थित शाहजहाँ पार्क में कियोस्क, पक्के रास्ते और ईंट-सीमेंट संरचनाओं का निर्माण करने का आरोप है।
  • हरियाली को नुकसान: आवेदन में सदियों पुराने पेड़ों की जड़ों के पास गड्ढे खोदकर हरियाली को नष्ट करने का उल्लेख किया गया है, जिससे पक्षियों और तितलियों के आवास प्रभावित हो रहे हैं।

ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) के बारे में

  • ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) 10,400 वर्ग किलोमीटर का एक पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र है, जिसे ताजमहल को पर्यावरण प्रदूषण और पारिस्थितिकी निम्नीकरण से बचाने के लिए बनाया गया है।
  • इस क्षेत्र में कई महत्त्वपूर्ण धरोहर स्थल शामिल हैं, जिनमें यूनेस्को की तीन विश्व धरोहर स्थल भी शामिल हैं:
    • ताजमहल,
    • आगरा किला और
    • फतेहपुर सिकरी।
  • सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका: TTZ व्यवस्था की स्थापना सर्वोच्च न्यायालय के M.C. मेहता बनाम भारत संघ (1996) मामले में दिए गए निर्देशों के तहत की गई थी, जिसमें उद्योगों, उत्सर्जन और स्वच्छ ईंधन/प्रौद्योगिकी के उपयोग को विनियमित करने सहित सख्त प्रदूषण नियंत्रण उपायों को अनिवार्य किया गया था।
    • TTZ का कानूनी आधार: ताजमहल और क्षेत्र के अन्य विरासत स्थलों के आस-पास प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लागू करने के लिए ताज ट्रेपेजियम जोन प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण की स्थापना की गई थी।
  • वृक्ष कटाई पर प्रतिबंध: वर्ष 2015 के एम. सी. मेहता मामले में, सर्वोच्च न्यायालय ने ताजमहल से 5 किलोमीटर की दूरी के अंतर्गत वृक्ष कटाई पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके तहत किसी भी प्रकार की कटाई से पहले न्यायालय से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य था।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के बारे में

  • स्थापना: राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत स्थापित राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) एक वैधानिक निकाय है, जिसे पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन से संबंधित मामलों का शीघ्र और प्रभावी ढंग से निपटान करने का कार्य सौंपा गया है।
  • पर्यावरण कानून: राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के अंतर्गत अनुसूची I में सूचीबद्ध पर्यावरण कानूनों से संबंधित मामलों की सुनवाई NGT कर सकता है।
    • इसमें पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 आदि शामिल हैं।
  • अधिकार क्षेत्र के अपवाद: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972; भारतीय वन अधिनियम, 1927; और अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पारंपरिक वनवासी (वन अधिकार मान्यता) अधिनियम, 2006 के अंतर्गत आने वाले मामलों की सुनवाई नहीं करता है।

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