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Lokesh Pal
November 29, 2025 02:41
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हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने लेफ्टिनेंट सैमुअल कमलेसन की विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया और उनकी बर्खास्तगी को बरकरार रखा।
जब कर्तव्य और विवेक के बीच सामंजस्य स्थापित हो जाता है, तब नैतिक आचरण का उद्देश्य किसी एक को दूसरे पर वरीयता देना नहीं, बल्कि ऐसा संतुलित क्षेत्र निर्मित करना होता है, जहाँ दोनों साथ-साथ विद्यमान रह सकें। कमलेसन मामला यह पुष्टि करता है कि यद्यपि अनुच्छेद-33 के अंतर्गत अनुशासन अनिवार्य है, परंतु एक विविधतापूर्ण लोकतंत्र में दीर्घकालिक विश्वास बनाए रखने हेतु समायोजन तथा आनुपातिकता का सिद्धांत समान रूप से महत्त्वपूर्ण है।
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