100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

तिरुवल्लुवर

Lokesh Pal January 17, 2026 02:25 7 0

संदर्भ

तिरुवल्लुवर दिवस के अवसर पर भारतीय प्रधानमंत्री ने तमिल कवि एवं दार्शनिक तिरुवल्लुवर को श्रद्धांजलि अर्पित की।

तिरुवल्लुवर का जीवन और पृष्ठभूमि

  • परिचय: प्रख्यात तमिल कवि एवं दार्शनिक, तमिल सभ्यता के सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में पूज्य।

  • सामुदायिक संबंध
    • वे सिद्ध, कवि और दार्शनिक थे, जिन्हें सामान्यतः वल्लुवर या तिरुवल्लुवर के नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ है “वल्लुवा जाति का भक्त।”
    • वल्लुवा परंपरागत रूप से ढोल बजाकर राजकीय घोषणाएँ करते थे और उनका संबंध पारिया समुदाय (वर्तमान में हरिजन) से माना जाता है।
    • परंपरा के अनुसार, तिरुवल्लुवर का जन्म भगवन नामक एक ब्राह्मण और आदि नामक एक पारिया महिला से हुआ।
  • काल एवं जन्मस्थान
    • कुछ परंपराएँ उनके जन्मस्थान को मदुरै बताती हैं।
    • उनकी काल-निर्धारण संबंधी धारणाएँ ईसा-पूर्व चौथी शताब्दी से लेकर ईसा की प्रारंभिक छठी शताब्दी तक विस्तृत हैं।
    • मरैमलै अडिगल ने उनका जन्म 31 ईसा-पूर्व में माना, जबकि कामिल ज्वेलेबिल ने उनका काल 500–600 ईसवी के मध्य बताया।
    • जनवरी 1935 में तमिलनाडु सरकार ने आधिकारिक रूप से 31 ईसा-पूर्व को उनके जन्मवर्ष के रूप में मान्यता प्रदान की।

तिरुक्कुरल के बारे में 

  • तिरुवल्लुवर ने तिरुक्कुरल की रचना की, जो नैतिकता, राजनीति, अर्थव्यवस्था और प्रेम पर आधारित एक शास्त्रीय तमिल ग्रंथ है।
    • इस ग्रंथ में कुल 1,330 दोहे हैं, जिन्हें 133 अध्यायों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक अध्याय में दस-दस दोहे हैं।
    • तिरुक्कुरल को तीन भागों में विभाजित किया गया है:
      • अरम् (धर्म/सदाचार),
      • पोरुल (राज्य कौशल और समाज), तथा
      • कामम् (प्रेम)।
    • विषयवस्तु का विस्तार: यह ग्रंथ नैतिक आचरण, सामाजिक न्याय, आर्थिक जीवन तथा व्यक्तिगत संबंधों को समाहित करता है और व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करता है।
    • साहित्यिक शैली: यह संक्षिप्त, काव्यात्मक एवं सूक्तिपरक शैली में लिखा गया है, जिससे इसके दोहे स्मरणीय एवं व्यापक रूप से उद्धृत किए जाने योग्य बनते हैं।

वल्लुवर एक उप-जाति समूह भी है, जो ब्राह्मणों के आगमन से पूर्व पल्लव राजाओं के पुरोहित हुआ करते थे। किंतु इस बात के कोई स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं कि तिरुवल्लुवर इसी उप-जाति समूह से संबंधित थे।

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.