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Lokesh Pal
March 11, 2026 05:15
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विश्व मोटापा एटलस (World Obesity Atlas) 2026 के अनुसार भारत में बढ़ता बाल्यावस्था मोटापा एक उभरता हुआ सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट है, जिसका दीर्घकालिक प्रभाव गैर-संचारी रोगों (NCDs) और देश के जनसांख्यिकीय लाभांश (demographic dividend) पर पड़ सकता है।
बाल्यावस्था मोटापे से निपटने के लिए प्रारंभिक रोकथाम और हस्तक्षेप अत्यंत आवश्यक है। इससे भारत के भविष्य के मानव संसाधन की सुरक्षा होगी और गैर-संचारी रोगों में संभावित वृद्धि को रोका जा सकेगा।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्रश्न: भारत में बाल्यावस्था मोटापा एक “मौन महामारी” के रूप में उभर रहा है, जो बदलती जीवनशैली और पोषण संबंधी पैटर्न को दर्शाता है। भारत में बाल्यावस्था मोटापे की वृद्धि में योगदान देने वाले सामाजिक और व्यवहारिक कारकों का परीक्षण कीजिए तथा इसके समाज पर दीर्घकालिक प्रभावों की चर्चा कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक) |
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