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Lokesh Pal
March 07, 2026 05:30
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हाल ही में पश्चिम एशिया में अमेरिका–इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद बढ़े तनाव ने यह दिखाया है कि महाशक्ति प्रतिद्वंद्विता (Great-Power Rivalry) फिर से उभर रही है। साथ ही रक्षा प्रौद्योगिकी में तेज़ प्रगति के कारण वैश्विक सैन्य प्रतिस्पर्धा भी तीव्र हो रही है।
विंस्टन चर्चिल ने “टिड्डी के वर्षों (locust years)” की चेतावनी दी थी—ऐसे समय जब खतरे बढ़ते रहते हैं और समाज लापरवाही में रहता है। भारत को अपनी रणनीतिक निष्क्रियता समाप्त करते हुए रक्षा खर्च, तकनीकी क्षमता और स्वदेशी नवाचार को तेजी से मजबूत करना होगा, ताकि एक अस्थिर वैश्विक वातावरण में अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जा सके।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और बिना चालक वाले प्रणालियों जैसी उभरती तकनीकों में तेजी से हो रही प्रगति आधुनिक युद्ध और रक्षा क्षमताओं को लगातार आकार दे रही है। रक्षा तत्परता को बदलने में उन्नत तकनीकों की भूमिका पर चर्चा करें और रक्षा क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करने में भारत को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, उनका विश्लेषण करें। (15 अंक, 250 शब्द) |
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