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Lokesh Pal
March 06, 2026 05:00
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हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमलों ने पश्चिम एशिया में तनाव को तीव्र रूप से बढ़ा दिया है। इससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका उत्पन्न हुई है और यह भी उजागर हुआ है कि संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ एकतरफा सैन्य कार्रवाइयों को रोकने में कितनी सीमित भूमिका निभा पा रही हैं।
जब वैश्विक राजनीति में शक्ति-राजनीति पुन: प्रमुख हो रही है, तब प्रतिस्पर्धा को संवाद और संयम के माध्यम से प्रबंधित करना आवश्यक है। भारत की रणनीतिक स्वायत्तता उसे वैश्विक स्तर पर संवाद और स्थिरता को बढ़ावा देने वाला एक विश्वसनीय मध्यस्थ बनाती है।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्रश्न: हाल की घटनाएँ, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, इज़राइल और ईरान शामिल हैं, वैश्विक राजनीति में एक व्यापक बदलाव को दर्शाती हैं जहाँ कठोर शक्ति अंतरराष्ट्रीय संबंधों को तेजी से आकार दे रही है। चर्चा कीजिए कि यह प्रवृत्ति बहुपक्षीय संस्थाओं की प्रभावशीलता को कैसे चुनौती देती है। साथ ही, भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता की नीति के संदर्भ में ऐसी भू-राजनीतिक तनावों को प्रबंधित करने में क्या भूमिका निभा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द) |
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