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भारत–कनाडा संबंध

Lokesh Pal March 04, 2026 05:15 19 0

संदर्भ

2022–24 के दौरान खालिस्तान मुद्दे पर कूटनीतिक तनाव के कारण भारत–कनाडा संबंध तनावपूर्ण थे। हालाँकि, वर्ष 2025 के संबंधों में पुनर्स्थापन की संभावना है, क्योंकि कनाडा अमेरिका और चीन पर अत्यधिक निर्भरता से बचते हुए भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझीदार के रूप में देख रहा है।

पृष्ठभूमि: तनाव का काल (2022–2024)

  • निज्जर मुद्दा: खालिस्तानी उग्रवादियों की गतिविधियों, विशेष रूप से कनाडा में हर्दीप सिंह निज्जर की हत्या के कारण संबंध गंभीर रूप से तनावपूर्ण हो गए।
  • कूटनीतिक परिणाम: कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने संसद सत्र के दौरान हत्या में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया।
    • इससे दोनों देशों ने अपने उच्चायुक्तों को वापस बुलाया और द्विपक्षीय संबंधों में कड़वाहट उत्पन्न हुई।

परिवर्त्तन का क्षण

  • नेतृत्व में बदलाव: जस्टिन ट्रुडो के चुनाव हारने के बाद नया प्रधानमंत्री मार्क कार्नी बने, जिससे संबंधों में बदलाव आया।
  • उच्च स्तरीय संपर्क: कार्नी के भारत दौरे से पहले, भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने सामंजस्य स्थापित करने के लिए कनाडा का दौरा किया।

पुनः संपर्क के लिए रणनीतिक और भू-राजनीतिक प्रेरक तत्व

  • अमेरिका की अनिश्चितता: कनाडा साझेदारियों में विविधता लाना चाहता है, क्योंकि राजनीतिक नेतृत्व और नीतियों में उतार-चढ़ाव के बीच अमेरिका पर निर्भरता जोखिमपूर्ण दिखाई देती है।
  • चीनी कारक: चीन के साथ तनावपूर्ण संबंधों ने कनाडा को “यूएस प्लस वन(US Plus One)” रणनीति अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिसमें भारत जैसे भरोसेमंद मध्य शक्तियों के साथ आर्थिक और रणनीतिक संतुलन बनाया जा सके।
  • भौगोलिक लचीलेपन: यह संबंध कठोर गठबंधनों से मुद्दा-आधारित सहयोग की ओर बढ़ रहा है, जिससे हरित ऊर्जा, व्यापार और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सहयोग संभव है।

आर्थिक और अवसंरचना संबंधी साझेदारी

  • पेंशन फंड निवेश: कनाडा के शीर्ष नौ पेंशन फंडों ने भारतीय बुनियादी ढाँचे में 110 अरब डॉलर का निवेश किया है, जिसमें राजमार्ग और सौर ऊर्जा संयंत्र शामिल हैं, जिससे भारत के लिए स्थिर और दीर्घकालिक पूँजी उपलब्ध होती है और कनाडा के सेवानिवृत्तों के लिए स्थिर रिटर्न सुनिश्चित होता है।
  • व्यापार लक्ष्य: दोनों देश वर्ष 2030 तक 70 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य के साथ एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं।
  • तकनीकी-आर्थिक बदलाव: व्यापार संबंध बुनियादी वस्तुओं (कनाडा से दाल/पोटाश और भारत से दवाइयाँ) पर केंद्रित होने से विकसित होकर एक परिष्कृत तकनीकी-आर्थिक साझेदारी में बदल रहा है।

मुख्य पहलों और समझौतों

  • परमाणु ऊर्जा: भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों का समर्थन करने के लिए 2027 से 2035 के बीच कनाडा द्वारा 22 मिलियन पाउंड यूरेनियम प्रदान करने के लिए 2.6 अरब डॉलर का समझौता किया गया।
  • महत्वपूर्ण खनिज: इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लिथियम और कोबाल्ट की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत और कनाडा ने साझेदारी की, जिससे चीन के वर्त्तमान प्रभुत्व को चुनौती मिल सके।
  • शिक्षा और कौशल साझा करना:
    • डलहौजी विश्वविद्यालय IITs और IISER तिरुपति के साथ एक संयुक्त परिसर क निर्माण कर रहा है।
    • टोरंटो विश्वविद्यालय द्वारा 100 मिलियन डॉलर के छात्रवृत्ति पैकेज की घोषणा की गई है।
    • HCL Technologies कनाडाई कर्मचारियों को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • ब्रेन सर्कुलेशन: ब्रेन ड्रेन से ब्रेन सर्कुलेशन की ओर बदलाव हुआ है, जहाँ कनाडा में भारतीय प्रतिभा दोनों देशों के लिए मूल्य और बौद्धिक संपत्ति का निर्माण करती है।

आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय सहयोग

  • लचीली आपूर्ति श्रृंखलाएँ: दोनों देश “Just-in-Time” (दक्षता-आधारित) मॉडल से “Just-in-Case” (लचीलापन-आधारित) मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं, ताकि रूस–यूक्रेन युद्ध जैसे वैश्विक संकटों से आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित रखा जा सके।
  • इंडो-पैसिफिक सहयोग: कनाडा की इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA) के साथ भागीदारी और भारत एवं ऑस्ट्रेलिया के साथ उसका त्रिपक्षीय सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, कनेक्टिविटी और नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बढ़ते सहयोग को दर्शाता है।

निष्कर्ष

तेजी से बढ़ती अमेरिका–चीन प्रतिस्पर्धा के बीच, भारत–कनाडा पुनर्संयोजन मध्य शक्तियों को महाशक्तियों पर निर्भरता कम करने और आर्थिक सहनशीलता स्थापित करने में मदद करता है।

  • यह भारत की उभरती भूमिका को भी दर्शाता है, जो वैश्विक व्यवस्था के विकास में सक्रिय योगदान दे रहा है।

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न

प्रश्न: हाल ही में भारत और कनाडा ने भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को समर्थन देने के लिए यूरेनियम आपूर्ति पर 10-वर्षीय समझौता किया है। इस संदर्भ में, विकसित हो रहे भारत–कनाडा साझेदारी में विद्यमान अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।

(15 अंक, 250 शब्द)

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