100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम: एक जन-प्रवेश यात्रा

Lokesh Pal January 01, 2026 05:00 72 0

सन्दर्भ:

अतीत में, अंतरिक्ष को एक दूर के विलासिता स्थल के रूप में देखा जाता था, लेकिन वर्तमान में यह प्रत्येक नागरिक के लिए एक लोकतांत्रिक उपयोगिता में परिवर्तित हो गया है।

ऐतिहासिक संदर्भ:

  • रणनीतिक उपकरण: 1960 के दशक मेंडॉ. विक्रम साराभाई ने एक विकासशील राष्ट्र में अंतरिक्ष निवेश का बचाव करते हुए तर्क दिया था, कि यह गरीबी उन्मूलन, मौसम पूर्वानुमान और शिक्षा का प्रमुख उपकरण है।

प्रमुख उपलब्धियाँ:

  • ISS (अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन) पर तिरंगा (जून 2025): ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने आईएसएस पर तिरंगा फहराया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वार्ता की। प्रधानमंत्री ने इसे अमृत काल का एक महत्त्वपूर्ण अध्याय बताया, जो राष्ट्रीय गौरव को और समृद्ध करता है।
  • चंद्र अन्वेषण का विकास:
    • चंद्रयान-1 (2008): जल अणुओं की उपस्थिति की पुष्टि हुई।
    • चंद्रयान-2 (2019): उच्च परिशुद्धता चंद्र मानचित्रण।
    • चंद्रयान-3 (2023): चंद्रयान-3 ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला राष्ट्र बनाया, जिसने प्रयोगों के लिए ’प्रज्ञान रोवर’ को तैनात किया। 
  • वैश्विक प्रक्षेपण क्षमता: भारत एक वैश्विक रूप से अग्रणी राष्ट्र है, जिसने किफायती और विश्वसनीय PSLV रॉकेट का उपयोग करके 400 से अधिक विदेशी उपग्रहों का प्रक्षेपण किया है।
  • मंगल ग्रह की कक्षा में पहुँचने वाला मंगलयान मिशन (MOM): 2014 ने भारत को अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह की कक्षा में पहुँचने वाला पहला एशियाई देश बना दिया।
  • अन्य वैज्ञानिक मिशन: आदित्य L1 (2023) लैग्रेंज पॉइंट 1 से सौर ज्वालाओं की निगरानी करता है।
    • आदित्य L1 सूर्य और पृथ्वी के बीच एक स्थिर बिंदु पर रहकर बिना किसी बाधा के सौर ज्वालाओं और अंतरिक्ष मौसम का अध्ययन करता है।
    • एक्सपोसैट (2024) ब्लैक होल का अध्ययन करने के लिए एक्स-रे का उपयोग करता है।
    • SPADEX मिशन (2024) ने कक्षा में डॉकिंग का सफलतापूर्वक परीक्षण किया, जो भविष्य के अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण हेतु आवश्यक है।
  • अंतरिक्ष साझेदार: भारत एक वैश्विक रूप से अग्रणी देश है, जिसने किफायती और विश्वसनीय पीएसएलवी रॉकेट का उपयोग करके 400 से अधिक विदेशी उपग्रहों का प्रक्षेपण किया है।

अंतरिक्ष के प्रति एक नया दृष्टिकोण:

  • दीर्घकालिक रणनीतिक रोड मैप: गगनयान, चंद्रयान-4 और 5, शुक्र मिशन – 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और 2040 तक मानव द्वारा चंद्रमा पर उतरना।
  • मानव अंतरिक्ष उड़ान संबंधी लक्ष्य: 40-50 प्रशिक्षित अंतरिक्ष यात्रियों का एक समूह तैयार करना।
  • गगनयान कार्यक्रम: गगनयान भारत का पहला स्वदेशी मानव अंतरिक्ष मिशन है, जिसका स्वीकृत परिव्यय ₹20,000 करोड़ से अधिक है।
    • इसके लिए भारतीय वायु सेना के चार पायलट प्रशिक्षण ले रहे हैं।
    • मानवरहित और मानवयुक्त मिशनों की एक शृंखला के परिणामस्वरूप भारत की पहली स्वदेशी मानव अंतरिक्ष उड़ान होगी, जिसका लक्ष्य 2027 है।
    • राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस-2025 के अवसर पर युवाओं से भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम में भाग लेने का आग्रह किया गया।

शासन और दैनिक जीवन में स्थान:

  • सार्वजनिक सेवा अनुप्रयोग: आपदा प्रबंधन, मछुआरों के लिए सलाह, फसल मूल्यांकन, बीमा दावे और रेलवे सुरक्षा।
  • अवसंरचना और योजना: अंतरिक्ष प्रणालियाँ PM गति शक्ति योजना के भू-स्थानिक आधार का निर्माण करती हैं।
    • उदाहरण: पीएम गति शक्ति एक GIS-आधारित राष्ट्रीय मास्टर प्लान है, जो बहुआयामी बुनियादी ढाँचे की एकीकृत योजना और वास्तविक समय की निगरानी को सक्षम करने के लिए उपग्रह इमेजरी तथा रिमोट सेंसिंग से प्राप्त अंतरिक्ष-आधारित भू-स्थानिक डेटा का लाभ उठाता है।
  • अंतरिक्ष एक सार्वजनिक उपयोगिता के रूप में: अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एक लोकतांत्रिक, सुलभ सेवा के रूप में कार्य करती है।

अंतरिक्ष क्षेत्र का रूपांतरण:

  • निजी क्षेत्र के अभिकर्ता: अंतरिक्ष क्षेत्र में अब 350 से अधिक स्टार्टअप शामिल हैं।
  • बजटीय विस्तार: अंतरिक्ष बजट 2013-14 में ₹5,615 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹13,416 करोड़ हो गया।
  • आर्थिक क्षमता: भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का मूल्य $8 अरब है, जो बढ़कर $44 अरब होने का अनुमान है।
  • स्टार्टअप और प्रक्षेपण संबंधी लक्ष्य: 5 वर्षों में पाँच स्पेस यूनिकॉर्न बनाना और वार्षिक 50 लॉन्च तक विस्तार करना है।
  • उभरती प्रौद्योगिकियाँ: सेमीक्रायोजेनिक इंजन, विद्युत प्रणोदन, क्वांटम संचार और कक्षा में सेवाओं के क्षेत्र में प्रगति हो रही है।
  • विद्यार्थी-केंद्रित पहल: खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी पर अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड (अगस्त 2025) की मेजबानी भारत में की गई, जिसमें 60 से अधिक देशों के 300 प्रतिभागियों ने भाग लिया
    • इसरो रोबोटिक्स चैलेंज और भारतीय अंतरिक्ष हैकाथॉन विद्यार्थियों को अंतरिक्ष प्रणालियों से सीधे तौर पर जोड़ते हैं।

नीतिगत सामंजस्य और दीर्घकालिक योजना:

  • नेशनल मीट 2.0: 300 से अधिक उपयोगकर्ता अंतःक्रियाओं के माध्यम से 5,000 से अधिक पृष्ठों के दस्तावेज़ तैयार किए गए।
  • दृष्टि संरेखण: 15 वर्षीय रोडमैप अंतरिक्ष मिशनों को विकसित भारत 2047 के साथ संरेखित करता है।

वैश्विक सहयोग और नेतृत्व: 

  • वैश्विक कॉमन्स के रूप में अंतरिक्ष: भारत वसुधैव कुटुंबकम द्वारा निर्देशित अंतरिक्ष सहयोग को बढ़ावा देता है।
  • क्षेत्रीय और बहुपक्षीय पहल: दक्षिण एशिया उपग्रह पड़ोसी देशों को सहयोग प्रदान करता है। जलवायु और पर्यावरण निगरानी के लिए एक G20 उपग्रह की घोषणा 2023 में की गई थी।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोगी मिशन: निसार (NASA), त्रिशना (CNES), लूपेक्स (JAXA) और PROBA-3 (ESA) मिशन भारत की वैश्विक साझेदारियों को उजागर करते हैं।

निष्कर्ष

इस अमृत काल में, भारत केवल अंतरिक्ष युग में भागीदारी नहीं कर रहा है बल्कि इसे आकार भी दे रहा है। महत्त्वाकांक्षा, आत्मविश्वास और उद्देश्य के साथ भारत सितारों की ओर देख रहा है, यह जानते हुए कि क्षितिज भी उसी का है। 

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न: अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण से भारत के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में हो रहे परिवर्तनों पर चर्चा कीजिए, उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

(15 अंक, 250 शब्द)

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.