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Lokesh Pal
January 06, 2026 05:15
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2025 में, महात्मा गांधी की पुस्तक ‘माई एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रुथ’ ने 100 वर्ष पूरे कर लिए, फिर भी यह एक वैश्विक सर्वश्रेष्ठ विक्रेता (Bestseller) बनी हुई है, जो समकालीन सार्वजनिक और व्यक्तिगत जीवन में गांधीवादी नैतिकता की स्थायी प्रासंगिकता को दर्शाती है।
आज गांधी की प्रासंगिकता संचार की युक्तियों या रणनीतियों में नहीं, बल्कि नैतिक स्पष्टता और सत्यनिष्ठा की अभिव्यक्ति में निहित है। शोरगुल और छल-कपट के इस युग में, नैतिकता पर आधारित ईमानदारी ही प्रभाव का सबसे स्थायी स्रोत बनी हुई है।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:प्रश्न: आज के डिजिटल युग में, जहाँ हेरफेर और चयनात्मक संचार व्यापक रूप से प्रचलित है, गांधी के सत्य दर्शन के नैतिक निहितार्थों पर चर्चा कीजिए। एक बहुलवादी समाज में विविध दृष्टिकोणों से जुड़ने की आवश्यकता के साथ संचार के नैतिक आयामों में हम कैसे सामंजस्य स्थापित कर सकते हैं? (15 अंक, 250 शब्द) |
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