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Lokesh Pal
January 14, 2026 05:15
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केरल विधानसभा द्वारा भाषा को बढ़ावा देने के लिए पारित मलयालम भाषा विधेयक, 2025 का कर्नाटक के नेताओं द्वारा इस आशंका से विरोध किया जा रहा है कि केरल में अल्पसंख्यक भाषाएँ, विशेष रूप से तमिल और कन्नड़, प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो सकती हैं।
भाषा का संवर्धन सहकारी संघीय तंत्रों और अंतर-सामुदायिक संवाद के साथ-साथ होना चाहिए, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे और राष्ट्रीय एकता सुदृढ़ हो।
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