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Lokesh Pal
April 06, 2026 05:15
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हाल ही में केंद्र सरकार ने घोषणा की, कि भारत ‘नक्सल-मुक्त’ स्थिति के समीप है। सरकार ने निरंतर सुरक्षा अभियानों और विकासात्मक हस्तक्षेपों के कारण पूर्ववर्ती ‘रेड कॉरिडोर’ में माओवादी विद्रोह में आई महत्त्वपूर्ण कमी को उजागर दिया है।

हालाँकि सुरक्षा अभियानों ने नक्सली विद्रोह को कमजोर कर दिया है, लेकिन स्थायी शांति के लिए अंतर्निहित सामाजिक-आर्थिक शिकायतों को दूर करना और राज्य-समाज के विश्वास को मजबूत करना आवश्यक बना हुआ है।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्रश्न. नक्सलवाद की सैन्य पराजय निकट हो सकती है, लेकिन प्रणालीगत अलगाव और शहरी असमानता की निरंतरता विद्रोह को नए रूपों में पुनर्जीवित करने की धमकी देती है। वामपंथी उग्रवाद के अंतर्निहित कारणों का विश्लेषण कीजिए तथा इसके पुनरुत्थान को रोकने के लिए सामाजिक-आर्थिक उपायों के सुझाव दीजिए। (15 अंक, 250 शब्द) |
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