//php print_r(get_the_ID()); ?>
Lokesh Pal
February 12, 2026 05:15
4
0
भारत में 2012 से 2024 तक चल रहा CPI (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के आधार में संशोधन उपभोग के पैटर्न और अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तनों को दर्शाता है।
हालाँकि बास्केट, भार और डेटा स्रोतों में संशोधन किए गए हैं, फिर भी CPI अपना मूल उद्देश्य बनाए रखता है, यानी घरेलू दृष्टिकोण से मूल्य परिवर्तनों को मापना। यह समय के साथ तुलना सुनिश्चित करता है और इसकी विश्वसनीयता और नीतिगत प्रासंगिकता को भी बढ़ाता है।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:प्रश्न: भारत में मैक्रोइकोनॉमिक संबंधी योजना और मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण सुनिश्चित करने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार वर्ष को संशोधित करने के महत्व पर चर्चा करें। (10 अंक, 150 शब्द) |
<div class="new-fform">
</div>

Latest Comments