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Lokesh Pal
January 26, 2026 05:15
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भारत में शिक्षा की चुनौती अब बच्चों को स्कूलों में लाने की नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की है, जिसके लिए खंडित और अल्प-संसाधन युक्त स्कूलों की बजाय बड़े और एकीकृत स्कूलों की आवश्यकता है।
भारत को अब ‘पहुँच’ से ‘उत्कृष्टता’ की ओर बढ़ना चाहिए। इसके लिए बड़े और एकीकृत स्कूलों का निर्माण करना होगा, जो न्यायसंगत और भविष्य आधारित शिक्षा प्रदान करें, जिससे 2035 तक बेहतर शिक्षण परिणाम प्राप्त करना संभव हो सके।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्रश्न: स्कूली शिक्षा में भारत की चुनौती ‘पहुँच सुनिश्चित करने’ से हटकर ‘व्यापकता और एकीकरण के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित करने’ पर स्थानांतरित हो गई है। खंडित स्कूली बुनियादी ढाँचे के संदर्भ में इस कथन का परीक्षण कीजिए और चर्चा कीजिए, कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के तहत परिकल्पित कंपोजिट और समेकित स्कूल किस प्रकार समता एवं अधिगम परिणामों को आगे बढ़ा सकते हैं। (15 अंक, 250 शब्द) |
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