100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

वर्तमान भारतीय शिक्षा प्रणाली में केंद्रीकरण, व्यावसायीकरण तथा सांप्रदायीकरण की समस्या

Lokesh Pal March 31, 2025 05:00 25 0

उद्धरण: 

”मुझे हमेशा आश्चर्य होता है, कि पक्षी एक ही स्थान पर क्यों रहते हैं जबकि वे पृथ्वी पर कहीं भी उड़ सकते हैं। फिर मैं स्वयं से भी यही प्रश्न पूछता हूँ।”हारुन याह्या 

व्याख्या:  एक पक्षी की तरह, जो कहीं भी उड़ने की क्षमता रखता है, लेकिन एक ही स्थान पर रहना पसंद करता है, मनुष्य में भी गहरी क्षमताएँ और योग्यताएँ होती हैं, फिर भी वह प्रायः असफलता के डर या स्वयं पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण स्वयं को सीमित कर लेता है।

  • उदाहरण के लिए, जब राइट ब्रदर्स को बताया गया, कि मनुष्य कभी उड़ नहीं सकता, तो उन्होंने बाधाओं को पार करते हुए पहला सफल हवाई जहाज बनाया। इसी प्रकार, मनुष्य को अपनी पूरी क्षमता को पहचानना और उसे अपनाना चाहिए, साथ ही जीवन में कुछ बेहतर प्राप्त करने के लिए सोच-समझकर जोखिम उठाना चाहिए।

संदर्भ:

वर्तमान भारतीय शिक्षा प्रणाली सत्ता के केंद्रीकरण, व्यावसायीकरण तथा पाठ्यक्रम एवं संस्थाओं के सांप्रदायीकरण (Centralisation, Commercialisation and Communalisation- 3C) की समस्या से ग्रसित है।

शिक्षा में सत्ता का केंद्रीकरण

  • ‘शिक्षा’ संविधान में समवर्ती सूची का भाग है, तथापि सरकार शिक्षा में सत्ता का केंद्रीकरण प्रदर्शित कर रही है।
  • केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड, जो केंद्र और राज्य सरकारों के शिक्षा मंत्रियों को एक साथ लाता है, की सितंबर 2019 से कोई बैठक नहीं हुई है। 
  • राज्य सरकारों को समग्र शिक्षा अभियान (SSA) के तहत देय अनुदान को रोककर पीएम-श्री (पीएम स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया-  PM-SHRI) योजना को अपनाने के लिए कहा गया है।
  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के 2025 के दिशा-निर्देशों में कुलपतियों की नियुक्ति में राज्य सरकारों की भूमिका को समाप्त कर दिया गया है तथा राज्यपाल को पूर्ण अधिकार दे दिए गए हैं

शिक्षा का व्यावसायीकरण

  • 2014 से अब तक भारत में 89,000 से अधिक सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, जबकि निजी स्कूलों की संख्या में लगभग 43,000 की वृद्धि हुई है।
  • निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 ने यह सुनिश्चित करने के लिए महत्त्वपूर्ण सुरक्षा उपाय स्थापित किए हैं, कि भारत में सभी बच्चों के लिए प्राथमिक विद्यालय सुलभ हों, जिसमें प्रत्येक कस्बों के एक किलोमीटर के भीतर एक निम्न प्राथमिक विद्यालय (कक्षा-IV) और प्रत्येक कस्बों के तीन किलोमीटर के भीतर एक उच्च प्राथमिक विद्यालय (कक्षा VI-VIII) शामिल हैं।
  • हालाँकि, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 में स्कूलों के एकीकरण की सिफारिश की गई है, जिससे स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉप-आउट रेट) बढ़ सकती है।
  • उच्चतर शिक्षा में, सरकार द्वारा उच्च शिक्षा वित्तपोषण एजेंसी (HEFA) के निर्माण ने व्यावसायीकरण को और मज़बूत किया है। यह प्रणाली विश्वविद्यालयों को बाजार ब्याज दरों पर ऋण लेने (अनुदान दिए जाने की बजाय) के लिए प्रोत्साहित करती है, जिसे विद्यार्थी शुल्क के माध्यम से चुकाया जाता है।

शिक्षा का सांप्रदायीकरण 

  • एनसीईआरटी की किताबों से महात्मा गांधी की हत्या और मुगल भारत से जुड़े खंड हटा दिए गए हैं। शुरुआत में भारतीय संविधान की प्रस्तावना को पाठ्यपुस्तकों से हटा दिया गया था, लेकिन जनता के विरोध के बाद ही सरकार को इसे पुनः शामिल करना पड़ा।
  • विश्वविद्यालय स्तर पर, सरकार ने प्रायः अकादमिक गुणवत्ता की कीमत पर, विचारधारा से जुड़े पृष्ठभूमि वाले प्रोफेसरों की नियुक्ति की है।
  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा शैक्षणिक नियुक्तियों के लिए योग्यता को कम करने का प्रयास, शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवारों की तुलना में विचारधारा से प्रेरित उम्मीदवारों को तरजीह देने के व्यापक प्रयास का भाग है।

निष्कर्ष

सरकार को उपर्युक्त मुद्दों को शीघ्र-अतिशीघ्र संज्ञान में लेना चाहिए तथा सभी विद्यार्थियों के लिए निष्पक्ष और समतापूर्ण भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक सेवा और शिक्षा तक पहुँच की भावना को बहाल करना चाहिए।

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न 

“भारत में वर्तमान शिक्षा प्रणाली सत्ता के केंद्रीकरण, व्यावसायीकरण तथा पाठ्यक्रम एवं संस्थाओं के सांप्रदायीकरण की समस्या से ग्रस्त है|” कथन का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए | (10 अंक, 150 शब्द)

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.