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Lokesh Pal
March 31, 2025 05:00
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”मुझे हमेशा आश्चर्य होता है, कि पक्षी एक ही स्थान पर क्यों रहते हैं जबकि वे पृथ्वी पर कहीं भी उड़ सकते हैं। फिर मैं स्वयं से भी यही प्रश्न पूछता हूँ।” – हारुन याह्या
व्याख्या: एक पक्षी की तरह, जो कहीं भी उड़ने की क्षमता रखता है, लेकिन एक ही स्थान पर रहना पसंद करता है, मनुष्य में भी गहरी क्षमताएँ और योग्यताएँ होती हैं, फिर भी वह प्रायः असफलता के डर या स्वयं पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण स्वयं को सीमित कर लेता है।
वर्तमान भारतीय शिक्षा प्रणाली सत्ता के केंद्रीकरण, व्यावसायीकरण तथा पाठ्यक्रम एवं संस्थाओं के सांप्रदायीकरण (Centralisation, Commercialisation and Communalisation- 3C) की समस्या से ग्रसित है।
सरकार को उपर्युक्त मुद्दों को शीघ्र-अतिशीघ्र संज्ञान में लेना चाहिए तथा सभी विद्यार्थियों के लिए निष्पक्ष और समतापूर्ण भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक सेवा और शिक्षा तक पहुँच की भावना को बहाल करना चाहिए।
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