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Lokesh Pal
March 13, 2026 05:30
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भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने हरीश राणा बनाम भारत संघ मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति प्रदान की। यह मामला ऐसे व्यक्ति से जुड़ा था जो 13 वर्षों से अधिक समय से स्थायी वेजेटेटिव अवस्था (Permanent Vegetative State) में था।
भारत को एक स्पष्ट वैधानिक ढाँचे की आवश्यकता है जो अनुच्छेद 21 के तहत गरिमा के साथ मृत्यु के अधिकार को नैतिक सुरक्षा उपायों, चिकित्सकीय जवाबदेही और मजबूत पैलिएटिव केयर प्रणाली के साथ संतुलित कर सके।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्रश्न: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निहित ‘जीवन का अधिकार’ स्वाभाविक रूप से ‘गरिमा के साथ मृत्यु के अधिकार’ को भी समाहित करता है। भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) से जुड़ी नैतिक और कानूनी जटिलताओं का परीक्षण कीजिए। साथ ही, सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में पैलिएटिव केयर (Palliative Care) के समावेशन से असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों की लंबी पीड़ा को किस प्रकार कम किया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द) |
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