100% तक छात्रवृत्ति जीतें

रजिस्टर करें

संसद का शीतकालीन सत्र और राजनीतिक समीकरण

Lokesh Pal December 22, 2025 05:00 99 0

संदर्भ:

संसद का यह शीतकालीन सत्र केवल 15 बैठकों का था। यह प्रति वर्ष संसदीय बैठकों की संख्या में ऐतिहासिक गिरावट को दर्शाता है, जो पहले 160–165 दिनों से घटकर अब 60–65 दिनों तक हो गई है।

संसदीय सत्र: विधायी अवलोकन तथा प्रमुख परिणाम

  • विधायी उत्पादकता और प्रतीकात्मक उपलब्धियाँ: इस सत्र में 10 विधेयक प्रस्तुत किए गए और 8 पारित हुए। साथ ही संसद ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ भी मनाई।
  • सबका बीमा सबकी रक्षा विधेयक: यह विधेयक बीमा क्षेत्र में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति देता है, जिससे पूँजी में वृद्धि हो और हर घर तक बीमा की पहुँच सुनिश्चित की जा सके।
  • परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा: सरकार ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी की अनुमति देकर अपना एकाधिकार समाप्त किया और आपूर्तिकर्ताओं की देयता को ₹3,000 करोड़ तक सीमित किया। इससे कड़े देयता मानदंडों के कारण निवेशकों की पहले की चिंताओं का समाधान हुआ और भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई।
  • VB-G Ram G विधेयक (मनरेगा सुधार): 2005 की ग्रामीण रोजगार योजना को प्रतिस्थापित करते हुएविकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G Ram G) विधेयक” को पेश किया गया। इसका उद्देश्य शारीरिक श्रम से हटकर कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा पर है।
  • औपनिवेशिक कानूनों की समाप्ति: व्यापार करने में सुगमता (Ease of Doing Business) बढ़ाने और न्यायिक लंबित मामलों को कम करने के लिए कई पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को निरस्त किया गया।

विवाद और चर्चाएँ

  • भाषा विवाद/हिंदी शीर्षक: गैर-हिंदी भाषी राज्यों, विशेषकर तमिलनाडु, ने विधेयकों के हिंदी शीर्षकों के उपयोग का विरोध किया। उनका तर्क था कि यह अनुच्छेद 348 का उल्लंघन है, जो संसदीय कार्य के लिए अंग्रेज़ी भाषा को अनिवार्य करता है, और इससे संघीय भावना को ठेस पहुँचाता है।
  • राष्ट्रवाद बनाम राजनीति: लोकसभा में 11 घंटे और राज्यसभा में 13 घंटे वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ में व्यतीत हुए, जबकि वायु प्रदूषण और बेरोज़गारी जैसे तात्कालिक मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई।
  • चूके हुए अवसर: चुनावी पारदर्शिता (इलेक्टोरल बॉन्ड या चुनाव आयोग की निष्पक्षता) पर कोई समाधान नहीं निकला, और सरकार ने दिल्ली के गंभीर वायु प्रदूषण पर चर्चा से इनकार कर दिया।
  • विचार-विमर्श: विधेयकों को जल्दबाज़ी में पारित किया गया। कानून निर्माण में संसदीय समितियों की भूमिका सीमित बनी रही, हालांकि प्रश्नकाल और शून्यकाल अपेक्षाकृत अधिक उपयोगी रहे।

निष्कर्ष

सत्र का समापन “टी डिप्लोमेसी” के साथ हुआ, जिसमें विपक्ष ने अध्यक्ष की चाय पार्टी में भाग लिया। इससे सरकार और विपक्ष के बीच कड़वाहट में कुछ कमी आने का संकेत मिला।

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न: भारत के लोकतंत्र की गुणवत्ता के लिए संसद का कार्यकरण केंद्रीय महत्व रखता है। हाल के समय में संसदीय कार्यप्रणाली की प्रभावशीलता को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों पर, विशेष रूप से विधायी समीक्षा और बहस की गुणवत्ता के संदर्भ में, चर्चा कीजिए।

(10 अंक, 150 शब्द)

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

THE MOST
LEARNING PLATFORM

Learn From India's Best Faculty

      

Final Result – CIVIL SERVICES EXAMINATION, 2023. PWOnlyIAS is NOW at three new locations Mukherjee Nagar ,Lucknow and Patna , Explore all centers Download UPSC Mains 2023 Question Papers PDF Free Initiative links -1) Download Prahaar 3.0 for Mains Current Affairs PDF both in English and Hindi 2) Daily Main Answer Writing , 3) Daily Current Affairs , Editorial Analysis and quiz , 4) PDF Downloads UPSC Prelims 2023 Trend Analysis cut-off and answer key

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.