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Lokesh Pal
December 22, 2025 05:00
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संसद का यह शीतकालीन सत्र केवल 15 बैठकों का था। यह प्रति वर्ष संसदीय बैठकों की संख्या में ऐतिहासिक गिरावट को दर्शाता है, जो पहले 160–165 दिनों से घटकर अब 60–65 दिनों तक हो गई है।
सत्र का समापन “टी डिप्लोमेसी” के साथ हुआ, जिसमें विपक्ष ने अध्यक्ष की चाय पार्टी में भाग लिया। इससे सरकार और विपक्ष के बीच कड़वाहट में कुछ कमी आने का संकेत मिला।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:प्रश्न: भारत के लोकतंत्र की गुणवत्ता के लिए संसद का कार्यकरण केंद्रीय महत्व रखता है। हाल के समय में संसदीय कार्यप्रणाली की प्रभावशीलता को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों पर, विशेष रूप से विधायी समीक्षा और बहस की गुणवत्ता के संदर्भ में, चर्चा कीजिए। (10 अंक, 150 शब्द) |
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