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ईरान में अशांति और विश्व के साथ उसके पुनर्संबंध

Lokesh Pal January 07, 2026 05:15 53 0

संदर्भ:

ईरान वर्तमान में युद्ध के बाद की आर्थिक समस्या के कारण राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहा है। यह वर्ष 2022 के बाद की सबसे बड़ी अशांति है—जब महसा अमीनी (एक 22 वर्षीय कुर्द महिला, जिसकी हिजाब नियमों को लेकर ईरान की पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद मृत्यु हो गई थी) की मौत ने ‘नैतिकता की निगरानी’ (Morality Policing) और ‘अनिवार्य हिजाब कानूनों’ के खिलाफ “महिला, जीवन, स्वतंत्रता” आंदोलन को जन्म दिया था।

पृष्ठभूमि- विरोध का कारण और प्रसार:

  • आर्थिक कारण: विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को ईरानी रियाल के मूल्य में भारी गिरावट के खिलाफ दुकानदारों की हड़ताल के साथ शुरू हुए।
  • सरकार की दुहरी प्रतिक्रिया: जहाँ एक ओर सरकार ने आर्थिक शिकायतों को दूर करने का वादा किया, वहीं दूसरी ओर दंगाइयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
  • प्रभाव और विस्तार: एक सप्ताह के भीतर कम-से-कम 12 लोग मारे गए और विरोध प्रदर्शन विभिन्न क्षेत्रों में फैलता रहा।

राजनीतिक संदर्भ- शासन की युद्धोत्तर सुभेद्यता:

  • ईरान-इजराइल युद्ध का परिणाम: यह अशांति ईरान द्वारा इजराइल के साथ 12 दिनों के भीषण युद्ध के छह महीने बाद आई है, जिसने राजनीतिक अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।
  • विदेशी हस्तक्षेप का भय: मोसाद (Mossad – इजराइल की जासूसी एजेंसी) ने दावा किया, कि उसके एजेंट प्रदर्शनकारियों के साथ मौजूद थे, जिससे शासन का संदेह और गहरा हो गया।
  • अमेरिका की रणनीतिक धमकियाँ: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी, कि यदि प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो अमेरिका बल प्रयोग के लिए “पूरी तरह तैयार” (Locked and loaded) है।
  • स्थिरता को जटिल बनाता – बाह्य दबाव: विदेशी धमकियाँ आंतरिक असुरक्षा को गहरा करती हैं और शासन द्वारा कठोर दमन को न्यायसंगत ठहराती हैं।

विरोध प्रदर्शन के कारण:

  • अत्यधिक खाद्य मुद्रास्फीति: अक्तूबर में खाद्य मुद्रास्फीति 64% तक पहुँच गई, जो वैश्विक स्तर पर दक्षिण सूडान के बाद दूसरे स्थान पर है।
  • राष्ट्रीय मुद्रा का पतन: जून के युद्ध के बाद से रियाल ने अपना 60% मूल्य खो दिया है।
  • “रेंटियर स्टेट” की समस्या: ईरान प्राकृतिक संसाधनों पर अत्यधिक निर्भर है, लेकिन 2024 की तुलना में 2025 में तेल निर्यात में 7% की गिरावट आई है।
    [एक ‘रेंटियर स्टेट’ वह देश होता है, जो अपनी राष्ट्रीय आय का एक बड़ा हिस्सा अपने नागरिकों की उत्पादक गतिविधियों पर कर लगाने की बजाय बाह्य स्रोतों (जैसे- तेल, गैस, खनिज और रणनीतिक आय) से अर्जित करता है।
  • ऊर्जा की कमी: बिजली कटौती एक दैनिक घटना बन गई है, जिससे परिवार और व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं।
  • आर्थिक अवसरों में कमी: आजीविका में दीर्घकालिक गिरावट ने राज्य के प्रति जनता के विश्वास को कम कर दिया है।
  • राजनीतिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का क्षरण: नागरिक स्वतंत्रता में कमी ने सार्वजनिक आक्रोश को संचित किया है।
  • राजनीतिक संरचना: ईरान में एक ‘धर्मतंत्र’ (Theocratic Government) है (जहाँ धार्मिक सत्ता राजनीतिक शक्ति पर हावी होती है), जहाँ शक्ति एक निर्वाचित राष्ट्रपति और सर्वोच्च नेता (आयतोलला खामेनी) के बीच विभाजित होती है, जिसमें अंतिम अधिकार सर्वोच्च नेता के पास होता है।
  • वैचारिक वैधता का घटता प्रभाव: धर्म और राष्ट्रवाद अब आर्थिक कष्टों की भरपाई करने में सक्षम नहीं रह गए हैं।
  • विदेशी शक्तियों पर दोषारोपण: शासन घरेलू विफलताओं को नजरअंदाज करते हुए संकटों के लिए बार-बार विदेशी शक्तियों को उत्तरदायी ठहराता है।

संकट विस्तार में बाह्य कारकों की भूमिका:

  • अमेरिकी प्रतिबंध नीति का प्रभाव: अमेरिका द्वारा बनाया गया आर्थिक दबाव (Economic Squeeze) ईरानी जनता की कठिनाइयों को और बढ़ा रहा है।
  • सैन्यकृत दृष्टिकोण: सैन्य कार्रवाई की धमकियाँ शासन की रक्षात्मकता और अधिनायकवादी प्रतिक्रियाओं को बढ़ाती हैं।
  • संवाद के अवसर का अभाव: धमकियों की बजाय, सुधारवादी नेतृत्व को सशक्त बनाने से तनाव को सुलझाने में मदद मिल सकती है।

आगे की राह:

  • राजनीतिक और आर्थिक सुधार: ईरान के नेतृत्व को दमन पर निर्भर रहने की बजाय शासन संबंधी विफलताओं को दूर करना चाहिए।
  • भ्रष्टाचार पर नियंत्रण: सार्वजनिक विश्वास बहाल करने के लिए संरचनात्मक भ्रष्टाचार को संबोधित किया जाना चाहिए।
  • वैश्विक समुदाय के साथ पुनः जुड़ाव: आर्थिक सुधार के लिए राजनयिक और आर्थिक पुनर्गठन आवश्यक है।
  • जनता की नाराज़गी के मूल कारणों का समाधान: स्थायी स्थिरता के लिए अवसर, गरिमा और स्वतंत्रता को बहाल करना आवश्यक है।

निष्कर्ष:

ईरान में स्थायी स्थिरता दमन या बाहरी धमकियों के माध्यम से नहीं, बल्कि केवल वास्तविक आर्थिक सुधारों, राजनीतिक खुलेपन और वैश्विक पुनर्संबंधों के माध्यम से ही प्राप्त की जा सकती है।

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न

प्रश्न: हाल ही में, ईरान ने गहराती आर्थिक सुभेद्यता और राजनीतिक जोखिमों के बीच अपने सबसे बड़े राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों को देखा है। इस संदर्भ में, ईरान की आंतरिक स्थिरता और उसके बाह्य संबंधों पर चल रही अशांति के प्रभावों का परीक्षण कीजिए।

(10 अंक, 150 शब्द)

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