//php print_r(get_the_ID()); ?>
प्रश्न की मुख्य माँग
|
भाई-भतीजावाद (Nepotism), अर्थात् रिश्तेदारों या निकट सहयोगियों को तरजीह देना, प्रायः राजनीति, व्यवसाय और मनोरंजन जगत में योग्यता तथा निष्पक्षता को कमजोर करता है। हाल ही में नेपाल में जेन Z के पारदर्शिता की माँग वाले विरोध प्रदर्शनों ने ऐसी प्रथाओं के विरुद्ध बढ़ती असंतुष्टि और जवाबदेही की ओर धकेलने की प्रवृत्ति को उजागर किया है।
| पैरामीटर | भाई-भतीजावाद | योग्यता-आधारित प्रणाली |
| अवसर का आधार | अवसर परिवार, रिश्तेदारी या व्यक्तिगत संपर्कों के आधार पर दिए जाते हैं। | अवसर कौशल, प्रदर्शन और योग्यताओं के आधार पर प्रदान किए जाते हैं। |
| निष्पक्षता | प्रायः अन्यायपूर्ण और पक्षपातपूर्ण, जिससे कुछ विशेषाधिकार प्राप्त व्यक्तियों को लाभ मिलता है। | पारदर्शी और न्यायसंगत, जो योग्यता और प्रतिभा को पुरस्कृत करता है। |
| सामाजिक गतिशीलता | वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले सक्षम व्यक्तियों की उन्नति सीमित करता है। | प्रतिभा को पुरस्कृत करके सामाजिक गतिशीलता और समानता को बढ़ावा देता है। |
| प्रदर्शन परिणाम | क्षमता के आधार पर पद न मिलने से कमतर प्रदर्शन का कारण बनता है। | योग्यता पर आधारित पद से उच्च प्रदर्शन और उत्पादकता को प्रोत्साहन मिलता है। |
| समाज में धारणा | अनैतिक माना जाता है और संस्थाओं पर विश्वास को कमजोर करता है। | संस्थाओं पर विश्वास मजबूत करता है और जवाबदेही की संस्कृति को बढ़ावा देता है। |
भाई-भतीजावाद विश्वास, निष्ठा और सुचारु समन्वय को बढ़ावा देता है, त्वरित निर्णय सुनिश्चित करता है, निरंतरता बनाए रखता है और संगठनात्मक मूल्यों को संरक्षित करता है। तथापि, इसके नकारात्मक प्रभाव भी गहरे हैं।
यद्यपि भाई-भतीजावाद विश्वास और निरंतरता को बढ़ावा दे सकता है, किंतु व्यापक रूप से यह योग्यता तंत्र को कमजोर करता है, असमानता को गहरा करता है और संस्थाओं को दुर्बल बनाता है। इससे निपटने के लिए आवश्यक है—पारदर्शी भर्ती, समान अवसर नीतियाँ और ऐसी संस्कृति का विकास, जो संबंधों की बजाय प्रतिभा को प्राथमिकता दे।
To get PDF version, Please click on "Print PDF" button.
Nari Shakti Vandan Adhiniyam: Promise of Women’s...
Delimitation and Parliament Expansion: 131st Const...
Predatory Loan Apps in India: Digital Debt Traps, ...
Reclaiming Ambedkar Legacy: Relevance of Dr. B.R. ...
India’s Food Waste Paradox: Massive Losses Amid ...
Medicalisation of Obesity in India: Rise of Anti-O...
<div class="new-fform">
</div>
Latest Comments