संदर्भ
आर्टेमिस II 50 वर्षों से अधिक समय के बाद पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन है, जो ‘डीप स्पेस’ अन्वेषण के लिए एक नए प्रयास का संकेत देता है।
- अपोलो 17, जिसे नासा द्वारा दिसंबर 1972 में प्रक्षेपित किया गया था, अंतिम मानव चंद्र लैंडिंग मिशन था।
आर्टेमिस II मिशन के बारे में
- आर्टेमिस II नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम के अंतर्गत पहला मानवयुक्त मिशन है, जिसे ‘लूनर फ्लाईबाई’ के रूप में डिजाइन किया गया है, ताकि चंद्रमा पर उतरे बिना ‘डीप स्पेस’ प्रणालियों का परीक्षण किया जा सके।
- सवार अंतरिक्ष यात्री: इस मिशन में रीड वाइजमैन (अमेरिका), विक्टर ग्लोवर (अमेरिका), क्रिस्टिना कोच (अमेरिका) और जेरेमी हैनसेन (कनाडा) शामिल हैं।
- मुख्य उद्देश्य
- ‘डीप स्पेस’ प्रणालियों का प्रमाणीकरण: इस मिशन का उद्देश्य जीवन-समर्थन, नेविगेशन, संचार और विकिरण से संरक्षण प्रणालियों का वास्तविक ‘डीप स्पेस’ परिस्थितियों, अंतरिक्ष यात्रियों की उपस्थिति में परीक्षण करना है।
- ‘क्रू’ सुरक्षा और परिचालन तत्परता: यह मानव सुरक्षा, मैनुअल पायलटिंग क्षमता और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों का मूल्यांकन करेगा, जो भविष्य के दीर्घावधि मिशनों के लिए आवश्यक हैं।
- भविष्य के चंद्र मिशनों की तैयारी: यह मिशन आगामी मानवयुक्त चंद्र लैंडिंग और पृथ्वी की कक्षा से परे दीर्घकालिक मानव उपस्थिति की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

- आर्टेमिस II मिशन का मार्ग
- अंतरिक्ष यान प्रारंभ में पृथ्वी की कक्षा में परिक्रमा करेगा, उसके बाद चंद्रमा की ओर प्रस्थान करेगा।
- यह चंद्रमा के दूरस्थ पक्ष के चारों ओर फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी का उपयोग करते हुए लूनर फ्लाईबाई करेगा।
- क्रू चंद्रमा से हजारों किलोमीटर आगे तक यात्रा करेगा, उसके बाद सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापसी करेगा।
- आर्टेमिस II क्रू की 10 अप्रैल, 2026 को प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन के माध्यम से पृथ्वी पर वापसी निर्धारित है।
- महत्त्व
- यह वर्ष 1972 के अंतिम अपोलो मिशन के बाद मानव आधारित ‘डीप स्पेस’ अन्वेषण को पुनर्जीवित करता है।
- यह भविष्य में ‘लूनर लैंडिंग’ और मंगल मिशनों के लिए एक महत्त्वपूर्ण परीक्षण के रूप में कार्य करता है।
- यह कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी जैसी साझेदारियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग को सुदृढ़ करता है।
आर्टेमिस कार्यक्रम के चरण
- आर्टेमिस I (2022): एक मानवरहित मिशन है, जिसने स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) और ओरियन अंतरिक्ष यान का चंद्र कक्षा में सफल परीक्षण किया।
- आर्टेमिस II (2026): एक मानवयुक्त लूनर फ्लाईबाई मिशन है, जिसका उद्देश्य मानव-उपयुक्त ‘डीप स्पेस’ प्रणालियों का प्रमाणीकरण करना है।
- आर्टेमिस III (प्रस्तावित): इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारना है, जिसमें पहली महिला और अश्वेत व्यक्ति को शामिल किया जाएगा।
- आर्टेमिस IV (प्रस्तावित): यह गेटवे अंतरिक्ष स्टेशन जैसी चंद्र अवसंरचना की स्थापना और सतही मिशनों के समर्थन पर केंद्रित है।
- आर्टेमिस V के आगे का भविष्य: भविष्य के मिशनों का उद्देश्य चंद्रमा पर सतत् मानव उपस्थिति सुनिश्चित करना और मंगल मिशनों की तैयारी करना है।
निष्कर्ष
आर्टेमिस कार्यक्रम अल्पकालिक अन्वेषण से आगे बढ़कर अंतरिक्ष में दीर्घकालिक मानव उपस्थिति की दिशा में एक परिवर्तन को दर्शाता है, जो अंतरग्रहीय मिशनों के भविष्य को आकार दे रहा है।