LPG संकट और बायोगैस

25 Mar 2026

संदर्भ

पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण LPG की कमी ने भारत में बायोगैस और वैकल्पिक खाना पकाने के ईंधन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।

7 6

द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) के बारे में

  • LPG एक स्वच्छ, ऊर्जा-कुशल जीवाश्म ईंधन है, जिसका व्यापक रूप से घरेलू खाना पकाने, हीटिंग और औद्योगिक अनुप्रयोगों में उपयोग किया जाता है।
  • संरचना: इसमें मुख्य रूप से प्रोपेन (C₃H₈) और ब्यूटेन (C₄H₁₀) होते हैं, जो अत्यधिक ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन हैं।
  • उत्पादन
    • यह कच्चे तेल के शोधन और प्राकृतिक गैस प्रसंस्करण के उप-उत्पाद के रूप में प्राप्त होता है।
    • भारत में इसका घरेलू उत्पादन सीमित है और यह आयात पर काफी हद तक निर्भर है।
  • उपयोग
    • घरेलू खाना पकाने के लिए ईंधन (घरों में प्रमुख उपयोग)।
    • औद्योगिक हीटिंग और विद्युत उत्पादन।
    • ऑटोमोबाइल ईंधन (ऑटो LPG)।
    • व्यावसायिक उपयोग (होटल, रेस्तरां)।

बायोगैस (Biogas) के बारे में  

  • बायोगैस एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, जो पशुओं के गोबर, खाद्य अपशिष्ट और कृषि अवशेषों जैसे जैविक कचरे के अवायवीय अपघटन से उत्पन्न होती है।
  • इसमें मुख्य रूप से मेथेन (50-75%) और कार्बन डाइऑक्साइड (25-50%) होती है।
  • विशेषताएँ
    • पर्यावरण के अनुकूल ईंधन: ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और अपशिष्ट को कम करता है।
    • विकेंद्रीकृत उत्पादन: घरेलू या सामुदायिक स्तर पर उत्पादित किया जा सकता है।
    • दोहरा लाभ: ईंधन और जैविक खाद उप-उत्पाद के रूप में प्रदान करता है।
    • जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करता है: ऊर्जा सुरक्षा और चक्रीय अर्थव्यवस्था का समर्थन करता है।

LPG से संबंधित प्रमुख चिंताएँ

  • आयात पर अत्यधिक निर्भरता: LPG का लगभग 65% आयात किया जाता है, मुख्यतः पश्चिम एशिया से।
  • आपूर्ति में अनिश्चितता: भू-राजनीतिक तनाव (जैसे- होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान) उपलब्धता को प्रभावित करते हैं।
  • मूल्य अस्थिरता: वैश्विक मूल्य में उतार-चढ़ाव से सब्सिडी का बोझ और घरेलू लागत बढ़ जाती है।
  • भंडारण क्षमता कम: सीमित भंडार (केवल कुछ दिनों की खपत) व्यवधानों के दौरान जोखिम को बढ़ा देते हैं।

आगे की राह

  • ऊर्जा मिश्रण का विविधीकरण: इलेक्ट्रिक कुकिंग, बायोगैस और अन्य स्वच्छ ईंधनों को बढ़ावा दें।
  • घरेलू उत्पादन और भंडारण का विस्तार करना: रणनीतिक भंडार और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना।
  • वैकल्पिक ऊर्जा के लिए नीतिगत समर्थन: बायोगैस और स्वच्छ ऊर्जा के लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन बढ़ाना।
  • विकेंद्रीकृत समाधान: समुदाय आधारित अपशिष्ट-से-ऊर्जा प्रणालियों को प्रोत्साहित करना।
  • ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना: नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार के माध्यम से आयात पर निर्भरता कम करना।

भारत को ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और वैश्विक व्यवधानों के प्रति संवेदनशीलता को कम करने के लिए अपने खाना पकाने के ऊर्जा मिश्रण में विविधता लानी चाहिए, घरेलू क्षमता को मजबूत करना चाहिए और बायोगैस जैसे नवीकरणीय विकल्पों को बढ़ावा देना चाहिए।

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Aiming for UPSC?

Download Our App

      
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.