सावधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) वार्षिक रिपोर्ट, 2025

30 Mar 2026

संदर्भ

भारत ने सावधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) वार्षिक रिपोर्ट, 2025 जारी की है, जो बेहतर सैंपलिंग और श्रम बाजार के अनुमानों के साथ कैलेंडर-वर्ष पद्धति (Calendar-year methodology) की ओर परिवर्तन का संकेत देती है।

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सर्वेक्षण के मुख्य बिंदु

  • श्रम बल भागीदारी दर (LFPR)
    • 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए LFPR वर्ष 2025 में 59.3% पर स्थिर रही, जिसमें पुरुषों की भागीदारी 79.1% और महिलाओं की 40.0% रही।
    • ग्रामीण महिला भागीदारी ने पिछले लाभ को बनाए रखा, जबकि शहरी भागीदारी का स्तर काफी हद तक अपरिवर्तित रहा।
  • कामगार जनसंख्या अनुपात (WPR)
    • WPR 57.4% रहा, जो वर्ष 2024 की तुलना में स्थिरता दर्शाता है।
    • पुरुष WPR 76.6% था, जबकि महिला WPR 38.8% था, जो निरंतर लैंगिक असमानता (Gender disparity) को दर्शाता है।
  • बेरोजगारी दर (UR)
    • कुल बेरोजगारी दर (UR) घटकर 3.1% हो गई, जो श्रम अवशोषण (Labour absorption) में सुधार का संकेत देती है।
    • ग्रामीण बेरोजगारी दर (2.4%), शहरी बेरोजगारी दर (4.8%) से कम बनी रही, जिसमें युवा बेरोजगारी में उल्लेखनीय कमी देखी गई।
  • रोजगार संरचना (Employment Structure)
    • स्व-नियोजित (Self-employed) व्यक्तियों का हिस्सा 58.2% (2023) से घटकर 56.2% (2025) हो गया।
    • नियमित वेतनभोगी रोजगार बढ़कर 23.6% हो गया, जो क्रमिक औपचारीकरण (Formalization) का संकेत देता है।
    • आकस्मिक श्रम (Casual labour) कुल रोजगार के लगभग पाँचवें हिस्से पर स्थिर रहा।
  • क्षेत्रीय रुझान (Sectoral Trends)
    • कृषि सबसे बड़ा नियोक्ता बना रहा, लेकिन इसकी हिस्सेदारी घटकर 43% रह गई।
    • विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा क्षेत्रों में रोजगार की हिस्सेदारी में वृद्धि दर्ज की गई, जो संरचनात्मक परिवर्तन का संकेत है।
  • लैंगिक आयाम (Gender Dimensions)
    • महिला कार्यबल की भागीदारी में मध्यम सुधार हुआ, लेकिन वेतन और काम के घंटों में असमानताएँ अभी भी बनी हुई हैं।
    • महिलाओं ने श्रम बल में शामिल न होने का प्रमुख कारण पारिवारिक जिम्मेदारियों को बताया।
  • शिक्षा और कौशल
    • स्कूली शिक्षा के औसत वर्ष 10 वर्ष (15+ आयु वर्ग) तक पहुँच गए।
    • 15-59 वर्ष के केवल 4.2% व्यक्तियों ने औपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational training) प्राप्त किया, जो कौशल अंतर (Skill gaps) को उजागर करता है।

 सावधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) वार्षिक रिपोर्ट के बारे में

  • संचालन: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) रोजगार और बेरोजगारी विश्लेषण के लिए उच्च-आवृत्ति आधारित श्रम बाजार डेटा उत्पन्न करने हेतु PLFS आयोजित करता है।
  • प्रकाशक: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI)।
  • कवर की गई अवधि: वर्ष 2025 की रिपोर्ट जनवरी-दिसंबर 2025 की अवधि को कवर करती है, जो पिछले जुलाई-जून के कृषि चक्र से परिवर्तन का संकेत है।
  • कार्यप्रणाली में परिवर्तन: बेहतर सटीकता के लिए नमूना आकार (लगभग 2.7 लाख परिवार) में वृद्धि और रोटेशनल पैनल सिस्टम (Rotational panel system) के साथ संशोधित सैंपलिंग डिजाइन।
  • प्रमुख संकेतक (Key Indicators)
    • श्रम बल भागीदारी दर (LFPR): 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन व्यक्तियों का प्रतिशत, जो श्रम बल का हिस्सा हैं।
      • श्रम बल में शामिल हैं:
        • काम करने वाले व्यक्ति (नियोजित)
        • काम की तलाश में या काम के लिए उपलब्ध व्यक्ति (बेरोजगार)।
      • यह आर्थिक गतिविधियों में जनसंख्या की सक्रिय भागीदारी की सीमा को दर्शाता है।
    • कामगार जनसंख्या अनुपात (WPR): जनसंख्या में नियोजित 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों का प्रतिशत।
      • इसमें किसी भी आर्थिक गतिविधि (सवैतनिक/अवैतनिक, औपचारिक/अनौपचारिक) में लगे सभी व्यक्ति शामिल हैं।
      • यह जनसंख्या में वास्तविक रोजगार स्तर को दर्शाता है।
    • बेरोजगारी दर (UR): श्रम बल में शामिल 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन व्यक्तियों का प्रतिशत, जो बेरोजगार हैं।
      • बेरोजगार वे व्यक्ति हैं, जो काम नहीं कर रहे हैं, लेकिन काम की तलाश में हैं या उपलब्ध हैं।
      • यह सक्रिय श्रम बल (कुल जनसंख्या नहीं) के भीतर बेरोजगारी की गंभीरता को मापता है।
    • कार्य स्थिति माप (Activity Status Measures)
      • सामान्य स्थिति (PS+SS): पिछले 365 दिनों पर आधारित (मुख्य + सहायक गतिविधियाँ)।
      • वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS): पिछले 7 दिनों पर आधारित, जो अल्पकालिक रोजगार की गतिशीलता को दर्शाता है।
    • श्रम प्रवृत्तियों को प्रभावित करने वाले कारक
      • शिक्षा का स्तर, लैंगिक भूमिकाएँ, क्षेत्रीय परिवर्तन (Sectoral shifts) और शहरी-ग्रामीण अंतर रोजगार के पैटर्न को महत्त्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं।

निष्कर्ष

PLFS 2025 (सावधिक श्रम बल सर्वेक्षण 2025) स्थिर भागीदारी, घटती बेरोजगारी और क्रमिक संरचनात्मक परिवर्तन को दर्शाता है, लेकिन यह लैंगिक अंतराल (Gender gaps) और कौशल की कमी (Skill deficits) को प्रमुख नीतिगत चुनौतियों के रूप में रेखांकित करता है।

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