संदर्भ
हाल ही में भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई दक्षता, बुनियादी ढाँचे की गुणवत्ता और यात्री सुविधा को बढ़ाने के लिए “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पहल के तहत पाँच नए सुधारों की घोषणा की है, जिससे वर्ष 2026 तक कुल सुधारों की संख्या 9 हो गई है।
“रिफॉर्म एक्सप्रेस” पहल के अंतर्गत पाँच सुधार
- कार्गो सुधार (2)
- नमक परिवहन: लोहे के कंटेनर में जंग, रिसाव और हैंडलिंग में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए टॉप-लोडिंग और हाइड्रोलिक डिस्चार्ज वाले स्टेनलेस स्टील कंटेनरों का उपयोग शुरू किया गया है, जिससे मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स की दक्षता में सुधार हुआ है।
- ऑटोमोबाइल परिवहन: सुरंगों और पुलों जैसी मार्ग संबंधी बाधाओं के अनुरूप लचीले वैगन डिजाइनों को अपनाया गया है, जिससे क्षमता उपयोग में वृद्धि हुई है और ऑटोमोबाइल परिवहन में रेल की हिस्सेदारी बढ़ी है।
- अवसंरचना गुणवत्ता संवर्द्धन (1): जवाबदेही और समय पर परियोजना पूर्ण होने को सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदार पात्रता के कठोर मानक, 2% बिड सिक्योरिटी, अनिवार्य बोली क्षमता जाँच और उप-अनुबंध पर सीमाएँ।
- अनुचित प्रथाओं पर अंकुश लगाने और परियोजना निष्पादन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए असामान्य रूप से कम बोलियों के लिए अतिरिक्त प्रदर्शन गारंटी।
- यात्री सुविधा उपाय (2)
- ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदलना: यात्री अब ट्रेन के प्रस्थान से 30 मिनट पूर्व तक डिजिटल रूप से अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल चार्ट तैयार होने से पहले ही उपलब्ध थी।
- टिकट रद्द करने और रिफंड में परिवर्तन: रेलवे ने दुरुपयोग को रोकने और टिकटों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए रद्द करने के नियमों में संशोधन किया है:
- रद्द करने की अवधि अब प्रस्थान से 72, 24 और 8 घंटे पहले तक बढ़ा दी गई है।
- आरक्षण चार्ट अब प्रस्थान से 9-18 घंटे पहले तैयार किए जाते हैं।
- यात्रियों के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है।
रेलवे सुधारों का महत्त्व
- लॉजिस्टिक्स दक्षता में वृद्धि: बेहतर कार्गो प्रणालियों से लागत, नुकसान और पारगमन समय में कमी आती है, जिससे भारत की आपूर्ति शृंखला प्रतिपर्द्धात्मकता मजबूत होती है।
- बुनियादी ढाँचे की गुणवत्ता में सुधार: बेहतर अनुबंध मानदंड और सुरक्षा उपाय टिकाऊ परिसंपत्तियों और समय पर परियोजना निष्पादन को सुनिश्चित करते हैं।
- यात्री अनुभव में सुधार: डिजिटल सुधार और लचीले नियम यात्रियों के लिए सुगमता, पारदर्शिता और सुविधा को बढ़ाते हैं।
- आर्थिक विकास को सुदृढ़ करना: कुशल रेलवे औद्योगिक विकास, व्यापार विस्तार और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देता है, जिससे समग्र आर्थिक विकास में योगदान होता है।
रिफॉर्म एक्सप्रेस के बारे में
- “रिफॉर्म एक्सप्रेस” से तात्पर्य विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सुधारों से है, जिनका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, शासन व्यवस्था को आधुनिक बनाना और सतत संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करना है।
- यह प्रतिक्रियात्मक सुधारों से हटकर स्पष्टता, प्रतिबद्धता और विश्वास से प्रेरित निरंतर, सक्रिय नीतिगत परिवर्तन की ओर एक परिवर्तन को दर्शाता है।
- उद्देश्य
- संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से आर्थिक विकास और उत्पादकता को बढ़ाना।
- नियमों को सरल बनाकर और अनुपालन का बोझ कम करके व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाना।
- प्रौद्योगिकी आधारित पहलों के माध्यम से डिजिटल शासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देना।
- बुनियादी ढाँचे, विनिर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा को मजबूत करना।
- हालिया सुधार
- विनिर्माण और बुनियादी ढाँचा: उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं (PLI) और रसद लागत को कम करने के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचे के विकास को बढ़ावा देना।
- डिजिटल परिवर्तन: डिजिटल वाणिज्य और सेवा वितरण को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) जैसे प्लेटफॉर्मों का विस्तार करना।
- रेलवे और लॉजिस्टिक्स: दक्षता और कनेक्टिविटी में सुधार के लिए माल परिवहन, यात्री सेवाओं और बुनियादी ढाँचे की गुणवत्ता में सुधार।
- वैश्विक व्यापार और एकीकरण: निर्यात और वैश्विक बाजार तक पहुँच बढ़ाने के लिए भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते और ओमान के साथ साझेदारी जैसे समझौते।
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