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Lokesh Pal
July 23, 2026 02:38
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मैग्नेटिक लेविटेशन (मैगलेव) प्रौद्योगिकी, में शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्रों का उपयोग करके ट्रेनों को पटरियों के ऊपर उत्तोलित किया जाता है तथा उन्हें बिना पटरियों के साथ भौतिक संपर्क के संचालित किया जाता है, जिससे उच्च गति, कम रखरखाव तथा सुगम परिवहन संभव होता है।


| मापदंड | मैगलेव ट्रेन | बुलेट ट्रेन (हाई-स्पीड रेल) |
| प्रौद्योगिकी | पटरियों से कुछ ऊपर चुंबकीय उत्तोलन के माध्यम से चलती है, जिससे पहिया और पटरी के मध्य संपर्क समाप्त हो जाता है। | पारंपरिक इस्पात के पहियों एवं इस्पात पटरियों का उपयोग किया जाता है। |
| गति | 500–600 किमी./घंटा अथवा उससे अधिक गति प्राप्त कर सकती है। | सामान्यतः 250–350 किमी./घंटा की गति से संचालित होती है। |
| अवसंरचना | समर्पित मैगलेव गाइडवे तथा विशेषीकृत अवसंरचना की आवश्यकता होती है। | समर्पित हाई-स्पीड रेल पटरियों का उपयोग करती है, जिनकी प्रौद्योगिकी अपेक्षाकृत पारंपरिक होती है। |
| परिचालन लागत एवं रखरखाव | प्रारंभिक पूँजीगत लागत अधिक होती है, किंतु भौतिक संपर्क के अभाव में यांत्रिक घर्षण कम होने से रखरखाव अपेक्षाकृत कम होता है। | प्रारंभिक निवेश कम होता है, किंतु पहिया–पटरी घर्षण के कारण रखरखाव अधिक होता है। |
| वैश्विक अपनापन | सीमित वाणिज्यिक उपयोग (जैसे चीन, तथा जापान में विकासाधीन)। | जापान, चीन, फ्राँस, स्पेन एवं इटली सहित अनेक देशों में व्यापक रूप से अपनाई गई है। |
मैगलेव तकनीक उच्च गति रेल परिवहन की अगली पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती है, जो अधिक तीव्र, स्वच्छ तथा दक्ष गतिशीलता प्रदान करती है। यद्यपि इसका व्यापक प्रसार उच्च अवसंरचना लागत के बावजूद, प्रौद्योगिकीय नवाचार, नीतिगत समर्थन एवं रणनीतिक निवेश मैगलेव को भविष्य की सतत् परिवहन प्रणाली का महत्त्वपूर्ण घटक बना सकते हैं।
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