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Lokesh Pal
March 20, 2026 05:30
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हाल ही में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) को सामाजिक सुरक्षा लाभ के रूप में मान्यता देने के लिए एक कानून पर विचार करने का आग्रह किया, जिससे प्रारंभिक बाल-देखभाल में पिता की उपेक्षित भूमिका को रेखांकित किया गया।
यद्यपि पितृत्व अवकाश जैसे नीतिगत उपाय आवश्यक हैं, लेकिन उन्हें सामाजिक मानदंडों और दृष्टिकोणों में बदलाव के साथ पूरक किया जाना चाहिए।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:प्रश्न: मातृत्व और पितृत्व अवकाश को सामाजिक सुरक्षा तथा संवैधानिक अधिकार के रूप में मान्यता देना समानता और पारिवारिक कल्याण की बदलती अवधारणाओं को दर्शाता है। इस संदर्भ में, दत्तक माताओं पर सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय तथा भारत में लैंगिक-तटस्थ अभिभावक अवकाश नीतियों की आवश्यकता का परीक्षण कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द) |
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