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भारत-चीन संबंध : एक दीर्घकालिक और कठिन राह

Lokesh Pal February 21, 2025 05:15 204 0

संदर्भ :

भारत के विदेश सचिव ‘विक्रम मिस्री’ जनवरी 2025 में चीन की यात्रा पर थे, जिसके दौरान भारत और चीन द्वारा अपने द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने हेतु कई भविष्य संबंधी घोषणाएँ की गईं ।

भारत-चीन संबंध

  • द्विपक्षीय संबंध विस्तार : चीन के साथ हाल ही में हुई वार्ता के बाद भारत के बयान से निम्नलिखित पर कार्यों का संकेत मिलते हैं:
    • मीडिया और थिंक टैंक के बीच संबंध विस्तार
    • कैलाश मानसरोवर यात्रा
    • 2025 की ग्रीष्म ऋतु तक द्विपक्षीय उड़ानों की पुनर्बहाली
    • नए सिरे से जुड़ाव के कारण
  • गलवान घाटी और उसके बाद के गतिरोध : लगभग चार वर्षों के तनावपूर्ण संबंधों के बाद, दोनों राष्ट्रों ने तनाव कम करने की आवश्यकता को पहचाना।
  • अमेरिकी चुनाव का प्रभाव : डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति पद की अप्रत्याशित प्रकृति ने भारत और चीन को स्थिरता की खोज करने हेतु प्रेरित किया है।
  • आर्थिक विचार: दोनों राष्ट्र आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जिसके लिए बेहतर द्विपक्षीय संबंधों की आवश्यकता है।
  • ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य : चीन ने 1989 के तियानमेन विद्रोह के बाद ही 1962 के बाद भारत के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिश की। 
    • अक्तूबर 2024 में तनाव कम करने और जनवरी 2025 के समझौते से अनुमान लगाया जा सकता है, कि चीन एक बार फिर बाह्य भू-राजनीतिक परिवर्तनों की तैयारी कर रहा है।
  • अनसुलझे सीमा संबंधी प्रश्न : गश्त के अधिकारों और विमुद्रीकरण की स्थिति पर स्पष्टता की कमी चिंता उत्पन्न करती है। सरकार की ओर से संवाद की कमी के कारण अनुसुलझे विवादों के विषय में अनुमान लगाया जा सकता है।

भारत-चीन सीमा गतिरोध

  • सैनिकों की तैनाती : मई-जून 2020 के तनाव के दौरान बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती शुरू हुई और 15 जून को गलवान में हुई झड़पों के बाद इसमें वृद्धि हुई। सैनिकों को छह प्रमुख टकराव बिंदुओं के पास तैनात किया गया था, जिनमें शामिल हैं:
    • गलवान घाटी
    • देपसांग बुलगे
    • चार्डिंग नाला
    • गोगरा पोस्ट और हॉट स्प्रिंग्स
    • पैंगोंग झील का उत्तरी तट
  • अनिश्चितता : इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, कि PLA के सैनिक अपने स्थानों  पर वापस चले गए हैं या नहीं। LAC पर सामान्य स्थिति की बहाली अभी भी असत्यापित है। गश्ती अधिकार-क्षेत्रीय स्थिति का एक प्रमुख संकेतक-सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
  • राजनयिक अस्पष्टता : कज़ान में 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले अक्तूबर 2024 के विवरण  को केवल विघटन की प्रक्रिया के संदर्भ में ही सजग किया गया था। द्विपक्षीय संबंधों और सीमा सुरक्षा पर भारत के रुख की पुष्टि करने के लिए कोई अनुवर्ती विवरण नहीं दिया गया। 
  • दृष्टिकोण : भारत का मानना ​​है, कि सीमा पर स्थिरता और यथास्थिति की बहाली संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए पूर्वापेक्षाएँ हैं।
    • हालाँकि, चीन ने भारत से 2020 के टकरावों को पीछे छोड़कर आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहयोग पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया है।
  • आवश्यक निहितार्थ : आधिकारिक संचार की कमी से यह अनुमान लगाया जा सकता है, कि चीन का “आगे बढ़ने” का रुख प्रबल है। यह चिंता उत्पन्न करता है, कि भारत अन्य संबंधों को आगे बढ़ाने से पहले स्थिरता और यथास्थिति की बहाली की अपनी माँग पर समझौता कर रहा है। 
  • सतर्क दृष्टिकोण : शी जिनपिंग के नेतृत्व में भारत-चीन संबंधों में चक्रीय उतार-चढ़ाव का अनुभव हुआ है। भारत सरकार की ओर से स्पष्ट अपडेट की अनुपस्थिति संदेह पैदा करती है और विश्वास को प्रेरित नहीं करती है। 

सलामी स्लाइसिंग

  • क्या है? : सैन्य भाषा में, सलामी स्लाइसिंग शब्द को एक ऐसी रणनीति के रूप में वर्णित किया जाता है जिसमें विरोध को दूर करने और नए क्षेत्रों को प्राप्त करने के लिए खतरों और गठबंधनों की विभाजन तथा विजय की प्रक्रिया शामिल होती है।
  • चीन के संदर्भ में, सलामी स्लाइसिंग दक्षिण-चीन सागर और हिमालयी क्षेत्रों में क्षेत्रीय विस्तार की अपनी रणनीति को दर्शाता है। कई लोगों का मानना ​​है, कि डोकलाम गतिरोध हिमालय में चीन की सलामी स्लाइसिंग रणनीति का परिणाम था।

निष्कर्ष 

सामान्य स्थिति बहाल करने की प्रक्रिया धीमी और जटिल होने की उम्मीद थी। विश्व दृष्टिकोणों में बुनियादी मतभेदों का तात्पर्य है, कि भारत और चीन निकट भविष्य में वैश्विक व्यवस्था पर एकमत नहीं होंगे।

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न

गलवान विवाद (2020) के बाद भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों की बहाली एक जटिल प्रक्रिया बनी हुई है। वैश्विक घटनाक्रम के संदर्भ में भारत के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए चीन के हालिया प्रयास को प्रभावित करने वाले भू-राजनीतिक और आर्थिक कारकों की जाँच कीजिए ।

(15 अंक, 250 शब्द)

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