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Lokesh Pal
May 29, 2026 05:00
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राजनीतिक विश्लेषक प्रताप भानु मेहता का तर्क है कि आज भारत की विदेश नीति “हेडलाइट्स की रोशनी में फँसे हिरण की स्थिति” (Deer in Headlights Syndrome) जैसी प्रतीत होती है, जिसमें तेजी से बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण नीति-निर्माता भ्रमित, असमंजसग्रस्त और अनिश्चित दिखाई देते हैं।
इस लेख में उठाया गया मुख्य मुद्दा यह है कि:
यद्यपि संयुक्त राज्य अमेरिका को अक्सर भारत के एक रणनीतिक साझेदार के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन लेखक का तर्क है कि भारत अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर नहीं रह सकता, क्योंकि अमेरिकी विदेश नीति मुख्यतः उसके स्वयं के राष्ट्रीय हितों द्वारा संचालित होती है।
हालाँकि, लेखक का तर्क है कि भारत धीरे-धीरे इस नैतिक स्थिति से दूर होता गया है।
लेखक के अनुसार, इससे विकासशील देशों और साम्राज्यवाद-विरोधी राजनीति की आवाज़ के रूप में भारत की छवि कमजोर हुई है।
इस प्रकार, भारत की रणनीतिक स्वायत्तता अक्सर पूर्णतः स्वतंत्र होने के बजाय केवल प्रतीकात्मक प्रतीत होती है।
लेखक निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग करता है:
लेखक के अनुसार, यह छिपी हुई निर्भरता किसी औपचारिक गठबंधन से भी अधिक खतरनाक हो सकती है।
भारत–अमेरिका संबंधों की लेन-देन आधारित प्रकृति: लेखक के अनुसार, पहले भारत–अमेरिका संबंध लोकतंत्र, खुलापन (Openness) और उदारवादी सिद्धांतों (Liberal Principles) जैसे साझा मूल्यों पर आधारित थे। किंतु आज यह संबंध धीरे-धीरे अधिक लेन-देन आधारित (Transactional) और हित-प्रेरित (Interest-Driven) बनता जा रहा है। यह दर्शाता है कि बढ़ते सहयोग के बावजूद दोनों देशों के बीच अभी भी महत्वपूर्ण रणनीतिक मतभेद विद्यमान हैं।
महत्वपूर्ण शब्दावली1. भू-राजनीतिक निहिलवाद (Geopolitical Nihilism) – वैश्विक नियमों, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और स्थापित व्यवस्थाओं के प्रति अनादर या उपेक्षा की प्रवृत्ति। 2. आंतरिकीकृत निर्भरता (Internalized Dependence) – किसी अन्य देश पर रणनीतिक निर्भरता को मनोवैज्ञानिक रूप से स्वीकार कर लेना। 3. निष्कर्षणवादी कूटनीति (Extractive Diplomacy) – ऐसी कूटनीति जिसका उद्देश्य दूसरे देश से अधिकतम एकतरफा लाभ प्राप्त करना हो, बिना वास्तविक समानता या संतुलित साझेदारी के। 4. “हेडलाइट्स में फँसे हिरण” सिंड्रोम (Deer in Headlights Syndrome) – ऐसी स्थिति जिसमें तेजी से बदलती परिस्थितियों के कारण निर्णयकर्ता भ्रमित हो जाएँ, निर्णय लेने में असमर्थ हों और नीतिगत गतिरोध (Policy Paralysis) उत्पन्न हो जाए। |
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:प्रश्न: “भारत की रणनीतिक स्वायत्तता की खोज अब अमेरिकी शक्ति पर आंतरिकीकृत निर्भरता के रूप में दिखाई देने लगी है।” हाल के भू-राजनीतिक संकटों तथा भारत की आर्थिक कमजोरियों के संदर्भ में इस कथन का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द) |
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